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अव्वेयान का कहर

अव्वेयान बाथरूम के दरवाजे पर खड़े बेहोश हो चुकी चाहत को देख रहा था ।वो क्रिपी स्माइल के साथ उसे देख उसकी तरफ कदम बढ़ा देता है। उसके हाथ में पानी का जाग था जिसे उसने अभी ही टी टेबल से उठाया था ,

वो पूरा जग चाहत के उपर ही खाली kr देता है।

चाहत जो बेहोश हो गई थी एकदम से घबरा कर खड़ी होती है। उसका चेहरा सीधा अव्वेयान के चौड़े सीने से जाकर लगता है। वो अपना सर पकड़ लेती है । उसे अपने चेहरे पर तेज दर्द का एहसास हुआ था । वो धीरे से अपने पलकें ऊपर की तरफ देखते हैं।

अव्वेयान गहरी मगर सर्द आवाज में बोला ,, मैं यहां तुम्हें आसाराम करने के लिए नहीं लेकर आया हूं । जाओ जाकर अपनी हालत सुधारो और चुपचाप मेरे बच्चों की केयर करना अगर उन्हें जरा भी दिक्कत हुई तो दिक्कत तुम्हें भी बहुत ज्यादा हो सकती है । गेट लॉस्ट,

वो चाहत को झटक कर चला जाता है ।

चाहत धीरे कदमों से बाथरूम की तरफ कदम बढ़ा देते हैं।वो शॉवर ऑन करते उसके हाथ पैर बुरी तरीके से कांप रहे थे । वो वॉल से लग खिसकते हुए शावर के नीचे बैठ जाती है । अपने पैर को दुसरे पैर और पर रख एक-एक करके कांच निकलने लगते हैं । उसके गीले बाल चेहरे पर झूल रहे थे , गार्डन से खून निकलते हुए उसकी वाइट फ्रॉक पर लग रहा है। वह धीरे से उस बीड़ी को अपने गले से निकाल कर साइड में रख देते हैं । उसके हाथ खून से सन चुके थे , दर्द में आंसू निकलने लगते हैं। उसे गर्दन में तेज दर्द महसूस हो रहा था, हाथ में खून एक बार फिर आ जाता है । आंसू तेज हो जाते हैं । वह एक-एक करके अपने पैर के हाथ के और घुटने में लगी हुई कांच को निकलते हैं, उसकी सांसे बेहद तेज चल रहे थे। अपना चेहरा घुटनों पर छिपा रोते हुए बोली, आप लोग मुझे छोड़कर क्यों चले गए, प्लीज प्लीज मुझे वापस बुला लीजिए , मैं यहां नहीं यहां नहीं रह सकती , दर्द हो रहा है मुझे , बोलते हुए वह ऐसे ही बैठे रोती रहती हैं । एक घंटे से शावर के ठंडे पानी में खुद को भिगोते रहते हैं। उसका शरीर बिल्कुल बर्फ की तरह ठंडा हो चुका था। उसे किसी भी चीज का होश नहीं था,

तभी कोई उस बाथरूम के दरवाजे पर नोक करता है। चाहत काप्ती हुए नजरे उठा सामने देखती है। और धीरे कदमों से उठ दरवाजे की तरफ बढ़ जाती है।

कपड़े भीगने की वजह से उसके शरीर से चिपक चुके थे और खून धुल कर जमीन पर बह गया था, जख्म हल्के नीले से हो गए थे,

चाहत सामने खड़ी औरत को देख रही उसने कुछ कहने की जहमत नहीं उठाई थी, अपना सर झुका लेते हैं ।

वो औरत उसके हाथ में कुछ कपड़े थे वह उसे कंधे से पकड़ नरमी से बोली,, बैठा आप पहले नंबर जाकर अपने कपड़े चेंज कर लो वरना

सर्दी हो जाएगी चाहत अपना सर हिला कपड़े उठा लेती हैं ।और लंगड़ा आते हुए बाथरूम में चले जाती हैं ।

कुछ देर बाद,

वो बाहर आती हैं। उसने इस वक्त एक नॉर्मल ढीला सा प्लाजो पर छोटी सी कुर्ती पहनी हुई थी , जो ब्लैक कलर की थी , और उसमें चिकन की कारीगरी करी गई थी, जिसमे वो काफी प्यारी लग रही थी।

चाहत ने जैसे उस कुर्ती को पहना था , उस पर वह जच रही थी, उसे देखकर ऐसा लग रहा था जैसे उसके लिए ही बनाई गई हो।

वो बाहर आती है पर बाहर उसे तारा जी नज़र नही आती

वो चुपचाप बैड के तरफ जाने लगती है ।

तभी अव्वेयान उसे बाजू से पकड़ घूमाते हुए खुद के नज़दीक कर कंधों पर अपनी उंगलियां धसा देता है।

चाहत के इस इश्क निकल जाते हैं। वह एक नजर अपने कंधों को देखने के बाद अपने सामने खड़े और अव्वेयान को देखती हैं।

जो डरावनी आंखों से उसे ही घूर रहा था।

अव्वेयान उसके आंखों में झांकते हुए बोला ,, तुम्हारी इतनी औकात नहीं है । कि तुम मेरे बिस्तर पर a सको इस कमरे में तुम्हारा कुछ भी नहीं है दफा हो जाओ यहां से। वो लगभग दहाड़ रहा था।

चाहत की जान सूख जाती हैं। उसकी सांस तेज होने लगती है ,उसका शारीर कप गया था

वो नाजुक सी लड़की थी, चिल्लाने भर से उसकी जान सूख जाती थीं, वो छोटे कदमों से बाहर आती है । उसके लिए यह घर एकदम नया था उसे नहीं पता था उसे कहां जाना है

वो इधर-उधर भटकते हुए सीधा लिविंग हॉल में आते हैं और वही कोच पर सो जाती है।

Next morning ,

चाहत की आंख अचानक से खुल जाती है वह सपने में भी डरी हुई थी, शायद अव्वेयान की वजह से काफी ज्यादा डर चुकी थी, उसकी नजर दरवाजे पर जाती है जो कि खुला हुआ था । वह इधर-उधर देखते हुए जल्दी से बाहर की तरफ क़दम बढ़ा देती है।

वो जैसे ही मैन गेट के पास आती है गार्ड्स उसे रोक लेते हैं ।

वो अपने हाथ जोड़ घबराते हुए बोली,, प्लीज प्लीज भैया मुझे जाने दी। जिए आप मैं आपको नहीं जानती पर आप तो मेरी मे..री मदद कर सकते हैं ना , मुझे यहां से जाने दीजिए , वे डरते हुए कभी पीछे देखती है तो कभी आगे जाने की जिद कर रही थी, उसकी आंखों से आंसू निकल रहे थे वह किसी छोटे बच्चों की तरह बार-बार रोने लग जाती थी। उस गार्ड का दिल थोड़ा सा सॉफ्ट हो जाता है।

वो कुछ बोलने के लिए अपने होंठ खोलता उससे पहले ही एक गोली चलती हैं । जो सीधा उस गार्ड के आंखों के बीच लगती हैं । और वह किसी बेजान मुर्दे की तरह वहीं जमीन पर लुढ़क जाता है।

चाहत घबराकर अपने कदम पीछे ले मुंह पर हाथ रख लेती है उ। सकी चीख निकलने वाली थी उसकी आंखें बड़ी हो चुकी थी, आंखों से आंसू निकल रहे थे पूरा शरीर दर से कांप चुका था ,उसका अंदर जान नही बची थी उसे अपने पीछे बहुत ही डरावना और सख्त ओरा महसूस हो रहा था , जिसे मेहसूस कर चाहत का जि&स्म पसीने से भर जाता है।

अव्वेयान गर्म सांस छोड़ते हुए बिना इमोशंस के बोला,, अगर इस घर से एक कदम भी तुमने बाहर निकालने की कोशिश करी तो इन सब की मौत होगी और उसकी जिम्मेदार सिर्फ तुम होगी मैसेज चाहत अव्वेयान राजगीर,,

चाहत एकदम से पीछे की तरफ होती दोनों का चेहरा एक दुसरे के काफ़ी नज़दीक आ गाया था, उन दोनों की नाक आपस में टच हो रही थी जहां चाहत की आंखों में डर बेशुमार था ,

तो वही अव्वेयान की नजर एकदम सख्त थी, वह चाहत की तरफ कदम बढ़ाते हुए दांत पीसकर बोला ,, भागना चाहती थी यहां ;

चाहत घबराहट में अपने कदम पीछे लेते हुए हकलाकर बोली, न.हीं न.हीं आप जैसा समझ रहे हैं वैसा वेसा बिल्कुल नहीं है।

वैसा नहीं है तो कैसा है। तुमही बता दो "

वो में में यह बस बस , वह अपनी नजरे चुरा रही थी

अव्वेयान इस तरीके से उसकी तरफ कदम बढ़ाते हुए उसे की दीवार से लगा देता है।

चाहत जैसे ही उसे एहसास होता है पीछे आप और जानने की जगह नहीं है अपना चेहरा टेढ़ा कर पीछे दीवार की तरफ देखती हैं ।

आप यहां उसके चेहरे पर झुकते हुए गहरी आवाज में बोला ,, i say speak idiot i asked where were you going

अकीरा अपनी नजरे इधर-उधर करने लगते हैं उसे बहुत ही ज्यादा घबराहट हो रहे थे उसके साथ से तेज चलने लगी थी माथे पर ठंडा पसीना आने लगता है। पसीने की एक बूंद उसके सर से निकाल कर कान तक आ जाते हैं

अव्वेयान उसके उस पसीने की बूंद को अपनी उंगली

में ले लेता है । और उसे बिल्कुल अकीरा की आंखों के सामने ला उसकी आंखों के पास छीटा मारता है इसके साथ चाहत एकदम से चमक जाती है।

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