रात का वक्त ,,
अग्निहोत्री मेंशन,,
पूरा मेंशन अंधेरे में डूबा हुआ था । खाली डिम लाइट जल रही थी । रात के करीब 2:00 बज रहे थे, वही हॉल मे एक लड़की व्हाइट कलर के प्लाजो सूट में लिविंग हॉल पर सोफे पर सो रही थी, वो गहरी नींद में थी ।
तभी एक परछाई अंदर आते हैं ।उस शख्स ने अपने कोर्ट को कंधे पर लटकाया हुआ था ।उसकी आंखें एकदम नशीली और चमक रही थी , आंखें एकदम गहरी नीली थी वह लड़खड़ाते हुए अंदर आता है। उसकी नजर काउच पर सो रही चाहत पर पढ़ते हैं।
अव्वेयान लड़खड़ाते हुए कदम उसकी तरफ बढ़ा देता है।
चाहत का एक हाथ उसके पेट पर था ।और दूसरा हाथ को अपने चेहरे पर रख सो रहे थे, उसका दुपट्टा सोने की वजह से गले से हट चुका था जिसकी वजह से उसकी थोड़ी सी किलिवाज दिख रही थी। कुछ लटे उसके माथे पर झूल रही थी, धीमी रोशनी में उसका बे दाग चेहरा बेहद खूबसूरत लग रहा था ।
अव्वेयान उसके पास पंज्जो के बल बैठ उसके चेहरे पर आ रहे बालों को आहिस्ता से कान के पीछे करता है ।
चाहत जो गहरी नींद में थी वह हल्का सा कसमसा कर वापस सो जाते हैं ।
अव्वेयान की नजर चाहत के गुलाबी होठों पर पढ़ती हैं जो बिल्कुल किसी रोज पेटल्स की तरह लग रहे थे ।
चाहत हल्का सा बडबडाते हुए वापस करवट बदलकर एकदम सीधी हो जाते हैं ।
अव्वेयान नशीली आंखों से उसके होठों को एक तक देखते हुए धीरे-धीरे उसके ऊपर झुकने लगता है । वो बिल्कुल उसके होठों के करीब आ अपने होंठ उसके होठों पर टिका धीरे-धीरे उन्हें चूमने लगता है । उसने अपनी आंखें बंद कर ली थी वह एक हाथ उसके जो लाइन और गाल पर रख अंगूठे से उसके गालों को सहलाते हुए उसके होठों को खींचना शुरू कर देता है ।
चाहत जो गहरी नींद में थी उसे अपने होंठ पर हल्का दर्द महसूस होता है । वो धीरे से अपनी आंखें खोलती हैं उसकी पीकॉक ग्रीन आइज ओसियन ब्लू आईज से जाकर मिलती है । चाहत की आंखें डर से फैल जाते हैं।
वो घबरा कर उसके के सीने में हाथ रख उसे धक्का देते हुए उठकर बैठ जाते हैं । उसका चेहरा डर से सफेद पड़ चुका था । बाल चेहरे पर बिखर गए थे , वह जल्दी से अपना दुपट्टा उठाकर गले में डालने लगते हैं ।
अव्वेयान जो नशे में था वह जमीन पर गिर जाता है। उसका चेहरा गुस्से से लाल हो गया था w
वह खड़ा हो उसके बालों से पकढ़ते हुए दात पीस कर कहता है । तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मुझे धक्का देने की , मैं तुम्हें अभी बताता हूं। इसकी सजा क्या होती है ।बोलते हुए उसे सीधा अपने कंधे पर उठा लेता है।
चाहत का जि₹स्म एकदम से अकड़ जाता है.! वह अपने हाथ कस कस के अव्वेयान की पीठ पर मारना शुरू कर देती है ।
अव्वेयान जिसे इस सबसे फर्क नहीं पढ़ रहा था। वह वैसे ही ऊपर की तरफ कदम बढ़ने लगता है ।उसके कदम हलके लड़खड़ा रहे थे ,पर उसकी गिरफ्त एकदम मजबूत थी। चाहत पर , वह सीधा अपने कमरे में लाकर दरवाजे को पैर से बंद कर देता है । जिसके साथ ही दरवाजा लॉक हो जाता है ।
वह सीधा चाहत को बेड पर पटकते हुए अपने शर्ट के बटन खोलने लगता है । उसका पूरा शरीर लाल हो गया था, उसके कमरे में हल्की डिम लाइट जल रही थी ।जिसमें वह दोनों एक दूसरे को देख रहे थे ।
अव्वेयान की आंखों में नशा साफ दिखाई दे रहा था वही चहत डरी हुई बेड पर खीसकते हुए दूसरे साइड से उतर अपने दुपट्टे से खुद को अच्छे से कवर कर वहां से जाने लगती हैं ।
अव्वेयान उसका दुपट्टा पकड़ लेता है ।और एक झटके से खींचते उसके नजदीक आ जाता है ।
चाहत जो दरवाजा खोल रही थी अव्वेयान की तरफ पीट करके खड़े होती हैं अव्वेयान अपने दोनों हाथ दरवाजे पर रख उसके चेहरे पर झुकते हुए कान में बहुत ही नशीली आवाज में बोला,, कहां जा रही हो? तुम इतनी आसानी से में तुम्हे भागने नहीं दूंगा , तुम्हें मेरे अंदर की आग को ठंडा करना पड़ेगा , बोलते हुए वह उसके कंधे पर हाथ रख उसकी कुर्ती की बाजू को फाड़ देता है ।जिसके साथ चाहत की बाजू लटक कर नीचे आ जाती है।
उसकी आंखों में बुरी तरीके से आंसू आ चुके थे। वह रोते हुए बोली ,, यह आप क्या कर रहे हैं। मु झे जाने दीजिए व ह अपनी इज्जत बचाने के लिए उसके आगे हाथ जोड़ देती है।
अव्वेयान जिसके उपर नशा छा चुका था। उसे जैसे चाहत की आवाज सुनाई ही नहीं दे रही थी। वह चाहत को बाजू से पकड़ बैड के ऊपर लेकर आता है ।और सीधा उसे धक्का देते हुए। अपनी शर्ट निकाल कर जमीन पर फेक उसके ऊपर आ जाता है ।
चाहत अव्वेयान खुद को ऊपर आता देख और ज्यादा घबरा जाती हैं। वो अपने दोनों हाथ उसके खुले सीने पर रख पूरी ताकत से दूर करते हुए घुटी हुई आवाज़ में बोली, आ.प आ.प क्या क.र रहे हैं? छो.ड़िए छोड़िए मु.झे , बोलते हुए वह पूरी ताकत से उसे धक्का देती है।
चाहत का पूरा शरीर ठंडा पड़ जाता है । वह रो रो कर अपनी इज्जत बचाने के लिए भीख मांग रही थी। उसकी आंखें आंसू बहा रही थी वह चीख चिख कर अपनी इज्जत बचाने की कोशिश कर रही थी,
पर आज की रात उस पर कयामत की रात की तरह भारी पड़ रही थी । अव्वेयान उसकी एक नहीं सुनना चाहता था। वह उसकी बातों को उसके चीखने चिल्लाने को सरासर नजर अंदाज करते हुए, उसके ऊपर अपना वजन डालते हुए उसमें डूबता चला जा रहा था । उसके हाथ चाहत के कलाइयों पर मजबूत होते जा रहे थे , चाहत की कलाई में एक छोटा सा पतली चेन वाला ब्रेसलेट था जो उसकी कलाई में धस्त चला जा रहा था पर आज अववेयान के हाथ बिल्कुल नहीं रूक रहे थे ,
वह उसकी इज्जत के साथ खेलते हुए उसके कपड़ों को उसके बदन से अलग कर देता है ।
उसके सामने चाहत बेलिबास बेड पर लेटी हुई वो एक बार फिर से अपनी कोशिशें करती है। वह गिड़गिड़ाते हुए बोली , आआह्ह्ह न.हीं प्लीज न.हीं प्लीज न.हीं ऐसा ऐसा बि.ल्कुल बिल्कुल मत क.रिए प्लीज़ प्लीज़ प्लीज़ प्लीज़ मत करिए ...
अव्वेयान उसकी बातों को नजर अंदाज कर उसके होठों को छोड़ उसके गर्दन और सीने पर आ जाता है ।पता नहीं तुम्हारे अंदर ऐसा कौन सा नशा है ? जो हर नशे से ज्यादा नशीला है ।मैं इतने नशे में होने के बावजूद यह नशा करना चाहता हूं। बोलते हुए वह उसके सीने पर वेट किस देना शुरू कर देता है ।
चाहत अपनी कलाइयों पर उसके पकड़ ढीले महसूस कर उसे दूर करने लगती हैं ।
अव्वेयान उसकी कमर पर अपनी पकड़ बनाते हुए पेट पर आ जाता है।
और उसके पेट पर अपने दांत गढ़ाते हुए बोलता है। आज तुम जितने भी मिन्नते कर लो जितने भी कोशिश कर लो , पर आज मैं नहीं रुकने वाला । आज की रात तुम पर बहुत भारी पड़ने वाली है।
बोलते हुए उसके पेट पर अपने होंठ रख उसे जगह-जगह चूमना शुरू कर देता है ।
और एक बार फिर से उसके होठों के पास आ उसके हथेलियां पर अपने दोनों हाथ रख उसकी उंगली से अपनी उंगलियों को उलझते हुए गहरी मदहोश भरी आवाज में कहता है ,, आज मैं पूरी तरीके से तुम्हें अपना बना लूंगा इसके, बाद तुम कभी भी मुझे छोड़कर नहीं जाओगी मुझे पता है । तुम मुझ से दूर जाना चाहती हो, ना पर नहीं अब मैं तुम्हें खुद से दूर नहीं जाने दूंगा, बोलते हुए वह उसके होठों पर अपने होठ रख चूमना शुरू कर देता है।
वो बार बार बस बस एक ही बात दोहरा रहा था ।
चाहत रोती रही उसकी तरफ देखने लगती है उससे वह अपनी इज्जत की भीख मांग रही थी उसके सामने गिड़गिड़ा रही थी।
पर अव्वेयान को राती भर असर नहीं हो रहा था। वह बस अपनी मनमर्जी करता जा रहा था । उन दोनों के कपड़े बिस्तर से नीचे गिरे हुए थे , अववेयन उसकी उंगलियों पर अपनी पकड़ कुछ और मजबूत करते हुए उसके नजदीक आ जाता है । उस कमरे में तेज चीख गंज जाती है।
अग्निहोत्री मेंशन का हर रूम साउंड प्रूफ था ।किसी के भी चिखने चिल्लाने की आवाज कमरे से बाहर नहीं जा सकती थी ।
अव्वेयान चाहत के बेहद नजदीक आ चूका था वो दोनों एक हो चुके थे , चाहत ने अपने आप को पूरी तरीके से ढीला छोड़ दिया था। उसकी आंखें खुली हुई थी और वह एक तक सीलिंग को देख रही थी । उसकी आंखों में से सिर्फ आंसू बह रहा था , उसका पूरा शरीर बूरी तरीके से कांप रहा था ।
अव्वेयान उसके चेहरे को गहरी नजरों से देखते हुए बोला,, मैंने तुम्हें पूरी तरीके से अपना बना लिया तुम अब मुझे कभी छोड़कर नहीं जाओगी, है ना डार्लिंग बोलते हुए वह उसके गर्दन और सीने पर चूमते हुए आगे बढ़ जाता है।
पूरी रात वह उसके साथ वही सब करता रहता , पर अब चाहत ने कोशिश करना छोड़ दी थी, वह उसे अपनी इज्जत की भीख मांग रही थी, पर अब सब कुछ खत्म हो चुका था । धीरे-धीरे यह दर्दनाक रात सुबह में तब्दील हो जाते हैं। सूरज आसमान में निकल चुका था ।
सुबह के 10:00 अववेयां की आंख खुलती है उसे अपने सर में तेज दर्द का एहसास होता है । वह अपना सर पकड़ लेता है। उसकी आंखें अभी भी बंद थी फिर उसे कुछ अजीब सा महसूस होता है ।वह खुद को देखता है ।उसके शरीर पर काफी सारे खरोचने के निशान थे
जिसे देखा उसका चेहरा गुस्से से लाल हो जाता है । वह इस वक्त अपने कमरे में मौजूद था। और उसकी हालत पर उसे जरा भी देर नहीं लगी थी, कि उसके साथ क्या हुआ है। उसका चेहरा गुस्से से भर जाता है। वह बेड से. जैसे ही उठने लगता है उसे अपने हाथ में कुछ सख्त महसूस होता है। अपने हाथ की तरफ देखता है ।उसके हाथ में एक पतली सी सिल्वर कलर की चैन आ जाती हो उस चैन को घूर ने लगता है । और सीधा उसे ड्रॉर के अंदर बुरी तरीके से फेंक देता है। उसके चेहरे पर गुस्सा बेशुमार था।
वह कुछ ही देर में तैयार होकर बाहर आता है उसने हमेशा की तरह ब्लैक कलर का टॉक्सिडा सूट पहना हुआ था और वह अपने फोन को कान में लगाए हुए गुस्से से कह रहा था ,, मैं आ रहा हूं जेट रेडी करो , बोलते हुए बाहर आता है ।
गार्डेन एरिया,,
घर के सारे गॉड्स लाइन से सर झुकाए हुए खड़े हुए थे अव्वेयान उन सभी को गहरी नजरों से देखते हुए रिबेली आवाज में बोला ,, वह लड़की इस घर से एक बार भी बाहर कदम नहीं रखनी चाहिए, वरना तुम सबको पता है ना मैं तुम्हारे साथ क्या करूंगा,
एक नजर बंगलो की तरफ देख जेट में बैठ जाता है ।
वहीं बंगलो के छोटे से कमरे के अंदर एक, लड़की दरवाजे से ठीक कर बैठी हुई थी ,उसने अपने चेहरे को घुटनों में छुपा रखा था वह बुरी तरीके से रो रही थी उसकी आंखों से आंसू रोकने का नाम नहीं ले रहे थे ।पूरा शरीर बुरी तरीके से कांप रहा था ।
वह रोते हुए बोलती है ,, यह स..ब यह स.ब मेरे साथ ही क्यों होता है? हमेशा मेरे साथ ही ऐसा क्यों होता है ? में एक कदम आगे बढ़ती हूं, और मेरी किस्मत मुझे 10 कदम पीछे खींच लेती है । मैं नॉर्मल लड़कियों की तरह जिंदगी क्यों नहीं जी सकती ? ऐसा कौन सा गुनाह कर दिया था मैंने ? जो मेरी किस्मत में इतना ज्यादा दर्द लिखा है ? आपने मैं क्यों नहीं नॉर्मल लाइफ डिजर्व कर सकती ?? सब कुछ सब कुछ उस रात ने बर्बाद कर दिया था । और आज फिर से वही रात मुझे पूरी तरीके से बर्बाद कर चुकी है। मैंने सोचा था की डेड मुझे लेने के लिए आएंगे, उन्होंने तो उन्होंने तो हम दोनों को स्पेशल बैंड दिया था ना , कुछ भी होगा तो फिर वह हम तक जल्दी आ जाएंगे , फिर वो बोली क्यों नहीं आते हैं? ऐसी कौन सी गलती कर दी थी मैंने? की
डेड कभी मुझ तक नहीं पहुंच पाते, क्यों क्यों होता है मेरे साथ ऐसा? क्या मैं नॉर्मल लाइफ डिजर्व नहीं करती? मेरी खुशियां
क्यों मुझसे रूठी हुई है?
वो बिलख बिलख कर रो रही थी अपनी खुशियों की भीख मांग रही थी पर क्या सच में उसकी नसीब में खुशियां थी



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