3 महीने बाद,
कैलिफोर्निया ,
बड़ी सी चमचमाती हुई आसमान की ऊंचाइयों को छूती हुई बिल्डिंग , रात के अंधेरे में चमाचम रही थी , बिल्डिंग के अंदर एक शख्स गिलास बॉल पर हाथ रख खड़ा था। उसके एक हाथ में वाइन का ग्लास था ।
उसकी आंखें एकदम लाल थी ,
कोई आपके पीछे से उसके कंधे पर हाथ रखते हुए बोला अवि आर यू ओके , तुम कुछ परेशान लग रहे हो,
अववेयान एकदम से पीछे की तरफ पलटता है । सामने उसी की उम्र का एक लड़का खड़ा हुआ था उसके, हल्के ब्राउन थे जिसे उसने पोनीटेल बनाए थे , उसकी आइब्रो पर एक छोटी सी ही बाली पहनी थी ,और एक कट जो उसके चेहरे को एक फैशनेबल के साथ एक मॉडल का लुक दे रहा था। परफेट जो लाइन , उसके होठ रोज की तरह गुलाबी होंठ , वो किसि हीरो से कम नहीं लग रहा था। पर अववेयान के सामने हमेशा उसकी laimlite थोडी फीकी हो जाती है ।
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अव्वेयान उसे एक नजर देख जाकर किंग साइज चेयर पर बैठ अपना एक पर दूसरे पैर के ऊपर रखते हुए अपना सर टीका कर बोला ,, कियान तुम क्या कर रहे हो?
हर वक्त यही पर क्यों रहते हो क्या तुम्हारे पास कोई काम नहीं है।
वह लड़का जिसका नाम कियान था वह अपना सर हिलाते हुए थोडी नाराजगी से बोला afcorse
मेरी जान मेरे पास कोई भी काम नहीं है। बिकॉज़ कोई लड़की मेरे से सेट होती नहीं है ।शादी की उम्र में मां ने मुझे घर से बाहर निकाल दिया मेरे लिए खूबसूरत लड़की ढूंढने की जगह तो अब भाई मेरे पास एक ही रास्ता बचा है । कि मैं तेरे साथ अपनी जिंदगी गुजर लूं, और वैसे भी तेरे वह छोटे-छोटे प्यारे-प्यारे से बच्चे और फिर तू भी तो एक लड़की को लेकर आया है। मैंने सुना था खूबसूरत है क्या वाकई खूबसूरत है वह,?
कियान फ्लो फ्लो में सब बोल जाता है।
अव्वेयान की गहरी समुद्र जैसी आंखें जो पहले से ही एक अजीब सा तूफान लिए उसे देख रही थी। उसकी आंखें सैलाब की तरह गहरी हो जाती है ।
कियान उसकी आंखों की गहराई को देख एक पल के लिए ठिठक जाता है ।
सब कोई अव्वेयान के गुस्सा से वाकिफ थे, उसे हर दूसरे सेकंड गुस्सा आता था। जो बहुत ही खतरनाक होता था। वो बहुत नहीं हद से ज्यादा शॉर्ट टाइम पर था।
कियान सकपकाते हुए अपने कदम हल्का सा पीछे लेते हुए खिसयानी मुसकान के साथ बोला,, मैं तो मजाक कर रहा था। हां मुझे मुझे याद आया मेरी एक पेशेंट के साथ apoitmant है। में चलता हु बोल वह बाहर की तरह अपने कदम बढ़ने लगता है।
अववेयान गहरी आवाज में बोलता है। तुम्हे उस लड़की के बारे में किसने बताया ?
कियान वैसे ही खड़े हो खुद से बढ़बाता हुए बोला,,o God ab क्या करू? अगर इसे गलती से भी पता चल गया की मेने ही इसके इलाज के लिए 3 महीने पहले की इसके घर की इनफॉर्मेशन निकलवाई है। तो ये तो मुझे बिना ना जाने कोन से नर्क के मंजर दिखाएगा । बोलते हुए वो अंदर ही अंदर खुद के लिए pray करने लगता है।
वो स्लो मोशन में अववेयान कि तरफ़ पलट उसे देखने लगता है।
उसके सामने अव्वेयान अग्निहोत्री बैठा था जो नर्क के शैतान से भी ज्यादा खुकार था।जो किसी को कुछ करने से पहले एक सेकेंड तक का टाईम नही लेता था।जो 3 महीने से उसे जबरदस्ती का अपना ट्रीटमेंट करवा रहा था जिसने 3महिने के अंदर
घर से घर की हर एक चीज से रिश्ते नाते तोड़ दिए थे, घर से जो फोन कॉल्स आते थे उन्हें भी वह बिल्कुल अटेंड नहीं करता था। हमेशा मीटिंग में बिजी रहता था ना जाने उसने कितनी रातें जाग कर बिताई थी । इस बात का अंदाजा तो उसे भी नहीं था , शायद ही था कि उसे नींद आती थी।
जिस वजह से साइकैटरिस्ट तक को हायर कर लिया था। उसे नींद क्यों नहीं आती, जिस वजह से उसकी आंखें एकदम लाल हो चुकी थी और उसका औरा और खतरनाक हो गया था वो आज भी
वो रात नही भुला था उसे बेड पर लेट ने के साथ ही उस लड़की की चीखे सुनाई देने लगती थीं,जिससे उसका गुस्सा परवान चढ़ जाता था। उसे us लड़की का चेहरा याद नहीं था । पर आज भी वो आंखे बंद कर उसे पूरी तरह से मेहसूस कर सकता था । ना उसने उस लड़की को ढूंढने की कोशिश की थी उसे पता था पार्टी में किसी ने उसकी ड्रिंक spi की
उसे इतना याद था कि उसने उस रात किसी लड़की के साथ जबरदस्ती करी थी, कोई लड़की उसके साथ थी, पर कौन इस बारे में ना उसने पता लगाने की कोशिश की थी ना कुछ पर वह जब भी वह सोने की कोशिश करता उस लड़की की दर्द भारी चीखे
सपनों में तहलका मचा दिया करती थी, उसकी नींद हमेशा उड़ जाती थी,,
कियान एक साइकैटरिस्ट था जिसे अव्वेयान ने पर्सनली हायर कर लिया था , कियान एनी टाइम उसके साथ रहता था तो वह ज्यादातर फ्री ही रहता था , उसके पास कुछ नहीं होता था , जिसके बाद वो या तो बाहर घूमने चला जाता था , या फिर ऑफिस जाकर उसका दिमाग खराब करता है ।
और आज अचानक उसकी बात सुनकर वो थोड़ा हैरान हो चुका थ। ।
वो कुछ बोलता की लैंडलाइन पर फोन बजने लगता है।
अववेयान एक नजर फोन को देखता है ।और फिर अपने हाथ में पहनी हुई risht watch को रात के करीब 12:30 बज रहे थे , और लैंडलाइन पर इस वक्त फोन जाहिर था हैरानी की बात थी, वह फोन उठाकर अपने कान में लगता है ।
दूसरे साइड से किसी की गहरी सांसों की आवाज उसे सुनाई दे रही थी, उसकी आंखें अपने आप बंद हो जाती हैं । दूसरे साइड से बहुत ही धीमी मगर घबराई हुई आवाज आती है । प्ली..ज प्ली.ज आ..प आप घर आ जा..इए आर्य आर्यन की तबी..यत तबीयत बहुत खराब है।
अव्वेयान जो चेयर पर थोड़ा सा सुकून से आंखें बंद कर चुका था, दूसरे साइड की आवाज सुनकर उसकी आंखे गहरी हो जाती है।
वो बिना कुछ कहे फोन कट कर देता है।
इंडिया,
मुंबई ,।।
अग्निहोत्री मेंशन के अंदर चाहत परेशानी से कभी आर्यन के पैर रब कर रही थी , तो कभी उसे माथे पर पट्टी रख रही थी, आर्यन का पूरा शरीर किसी भट्टी की तरफ तप रहा था,। उसकी स्किन हल्की गुलाबी हो गई थी,
चाहत के आंखों से आंसू निकलना शुरू हो चुके थे ।
वह घबराते हुए इधर-उधर देखती हैं उसका पूरा शरीर पसीने से भरा हुआ था , डर से उसकी हालत खराब हो चुकी थी। वो कुछ ढूंढने लगती है तभी
उसकी नजर एक बॉक्स पर जाti हैं। जहां पर बॉक्स के ऊपर ही एमरजैंसी मेडिसिन लिखा हुआ था । वो एक एक मेडिसिन को चेक करने लगती है
उसे जरा सी राहत मिलती है वो जल्दी से कुछ दवाइयां उनमें से निकलते हैं । और उन्हें हाथ से मलते हुए एक गिलास में डाल उसे घोल सीधा आर्यन के छोटे से होठों से लगा देते हैं।
आर्य एक हाथ से आर्यन को संभाल धीरे-धीरे अपनी उंगलियां उसके गर्दन पर चलाते हुए उसे पानी पिला रहे थ, आर्यन थोडा पानी अंदर लेता है ।और वापस अपनी आंखें बंद कर लेता है ।
चाहत उसे अच्छे से लिया उसके हाथ को अपने हाथ में ले धीरे-धीरे उसको हाथ को सहलाते हुए बोली , बच्चा आपको कुछ नहीं होगा, आप आप जल्दी से जल्दी से ठीक हो. जाओगे बोलते हुए उसकी आवाज़ हलकी हलकी काप रही थी।
इस वक्त अग्निहोत्री मेंशन में कोई भी मौजूद नहीं था, इस वक्त सिर्फ घर में कुछ सर्वेंट थे ,जो कि अपने-अपने क्वार्टर में थे ,क्योंकि इन तीन महीना के अंदर कोई भी सर्वेंट अग्निहोत्री मेंशन के अंदर दाखिल नहीं हुआ था.। सारा काम चाहत अकेले करती थी। और आजघर के सभी लोग किसी फंक्शन में गए हुए थे ,जिस वजह से वह अकेली थी , और उसने बहुत ही हिम्मत करके अव्वेयान के पास कॉल करा था ।
जहां मेक्सिको में रात के 12:30 बज रहे थे तो वहीं इंडिया में शाम के 7:00 रहे थे मेक्सिको के अकॉर्डिंग यहां का टाइम काफी कम था,
वही चाहत एक तक बस आर्यन को देख रहि थी वो काफी देर तक एक ही पोजीशन में बैठी रहती है ।उसे एहसास ही नहीं होता कब उसकी आंख लग जाती है।
नेक्स्ट मॉर्निंग ,,
जेट अग्निहोत्री मेंशन में आकर लैंड होता है
जिसके साथ ही अव्वेयान लॉन्ग ओवर कोर्ट के साथ बाहर निकलता है । उसका चेहरा काफी ठंड था, वह तेज कदम से सीधा अंदर की तरफ अपने कदम बढ़ाता है।
अंदर कोई भी नहीं था। वो सीधा बच्चो के कमरे में आता है।
उसकी नजर बेड के पास आधी बैठी और लेटी हुई चाहत पर जाती है। जिसके कुछ लेटेस्ट उसके चेहरे पर आ रही थी।
अववेयान के जबड़े कश जाते हैं । वो उसके पास आता है । और उसे वहीं से धक्का देते हुए लगभग दहाड़ने वाली आवाज में कहता है । तुम्हारी
हिम्मत भी कैसे हुई मेरे बेटे के नजदीक आने की ,
चाहत जो अभी सो रही थी। अचानक धक्का लगने से वह सीधा
जमीन पर जा गिरती हैं। उसे अपने हाथ में दर्द का एहसास होता है।
उस आवाज को सुनकर पूरी तरीके से कांप जाता है ।



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