जियान सीधा बेड से नीचे ज़मीन पर गिरा।गिरते ही उसकी कमर में तेज़ दर्द उठा।
वह गुस्से से दहाड़ा “You bloody Baby elephant!तुम्हारी इतनी हिम्मत कि मुझे ज़मीन पर गिरा दिया?
अब मैं तुम्हें दिखाता हूँ…!” कहते हुए वो दाढ़ का उठा था । इबादत तुरंत बेड पर खड़ी हो गई।उसने पास रखी हुई वास उठाईऔर गुस्से से कांपती आवाज़ में चिल्लाई
“खबरदार… अगर एक क़दम भी मेरी तरफ बढ़े तो…मैं यही फूलदान तुम्हारे सिर पर मार दूँगी!”अब अगर तुम्हारे मुंह से एक अल्फ़ाज़ और निकला,तो याद रखना… इबादत हूं मैं!
लोग मुझे अपनी दुआओं में मांगते हैं,पर तुम… हां तुम!
कान खोलकर सुन लो…मैं अपने शौहर के लिए आज़ाब भी बन सकती हूं!
क्योंकि मैं उन लड़कियों में से नहीं हूंजिन पर शौहर जब चाहे हुकूमत करे…और वो चुपचाप सह ले।”
वह गुस्से से कांपती आवाज़ में बोली “अगर मेरे करीब आए…या मेरे साथ ज़बरदस्ती करने की कोशिश की…तो तुम्हारा सर फोड़कर,तुम्हारा बिना एनेस्थीसिया केसारे अंदर पंचर निकाल दूंगी… समझे!
और तुम्हारे मरने के बाद,तुम्हारी लाश को इसी बेड के नीचे छुपा दूंगी।उस पर रोज़ फातिहा पढ़ूंगी।
और हां…तुम्हारी प्रॉपर्टी भी,सब मेरे नाम हो जाएगी… सुना तुमने?”
इबादत ने यह बात इतनी गुस्से से कही थीकि उसका चेहरा सचमुच जलती हुई आग जैसा लग रहा था।
इस वक़्त जितना गुस्सा उसे अपने वजन को लेकर आया था,उतना शायद कभी नहीं आया था।
जियान हमेशा उसे “बेबी एलिफ़ेंट” कहकर चिढ़ाता था।वह हर बार मना करती थी,लेकिन जियान कहां मानने वाला था।
आज… आज तो उसने हद ही पार कर दी थी।उसने इबादत के दिल की सबसे नाज़ुक रग पर चोट कर दी थी।
इबादत की आंखें गुस्से से जल रही थीं।सीना तेज़ी से उठ-गिर रहा था।
जियान कुछ पल उसे देखता रहा,फिर अचानक तालियां बजाने लगा।
उसकी हंसी…इतनी डरावनी थी कि कमरे की दीवारें तक सहम गईं।इबादत हाथ में वाज़ लिए खड़ी थी।वह उसे देखकर बोल रही थी।
लेकिन जियान का इस तरह हंसना,उसे बिल्कुल अच्छा नहीं लग रहा था।उसे बहुत अजीब सा महसूस हो रहा था…जैसे कोई उसके सीने पर छुरियां चला रहा हो।
जियान वैसे ही उसे घूरते हुए,नफरत से कहता है
“सही कहा तुमने!तूमने मुझसे निकाह ही इसीलिए किया था…ताकि सारी प्रॉपर्टी तुम्हारे नाम हो जाए।
जो तुम्हारी है, वो तुम्हारी ही रहेगी।और उसके बाद…मेरी प्रॉपर्टी, मेरा कमाया हुआ सब कुछ…गाड़ियां, बंगले, ज्वेलरी, प्रॉपर्टीज,यहां तक कि बिज़नेस तक,सब में तुम्हें हिस्सा मिलेगा… है ना?
अरे हां…मैं तो भूल ही गया था!अगर तुम मुझे छोड़ भी दोगी,तो भी मुझे अलिमनी में तुम्हें कितना कुछ देना पड़ेगा।
यह सब तुम्हारी चाल थी।सही में, तुम्हारी हकीकत अब तुम्हारी ज़ुबान पर आ ही गई।
तुम चाहती ही यही हो…कि मेरी सारी प्रॉपर्टी तुम्हारे नाम हो जाए।
पर सुन लो… मिस इबादत जाकिर अख़्तर!मेरी बात अपने दिमाग में अच्छे से बैठा लो।
मेरे जीते-जी ही नहीं,बल्कि मेरे मरने के बाद भीतुम्हें एक फूटी कौड़ी नहीं मिलेगी… सुना तुमने?”
वह गुस्से से ठंडी हंसी हंसते हुए बोला “और हां, कल सुबह ही मेरी फ्लाइट है।मैं यहां से चला जाऊंगा।उसके बाद तुम…अपने रास्ते, और मैं अपने रास्ते।”यहां से जाने के बाद, मैं तुम्हें आज़ादी भेज दूंगा।तुम्हें डिवोर्स पेपर भेज दूंगा।
रक़म चाहे जो भी हो,वह तुम्हें अदा करूंगा।किसी और से कहकर नहीं…ख़ुद ही लौटकर आऊंगा।
और सुन लो, जब वापस आऊंगा,तो मेरे साथ जो लड़की होगी…वही मेरी बीवी होगी।सुना तुमने?”
वह ठंडी नज़रों से घूरते हुए बोला “और हां!गलती से भी मुझे कभी फोन या मैसेज करने की गुस्ताख़ी मत करना।
वरना जिस दिन मैं वापस आऊंगा…उसी दिन तुम्हारा आख़िरी दिन होगा।Got it?
मुझे नफ़रत हो रही है तुमसे, समझी तुम?”
यह कहते ही वह सीधा बाथरूम में घुस गया।वह इस वक़्त गुस्से में इतना था कि अगर उसका बस चलता,तो अभी के अभी…ख़ुद अपने हाथों से इबादत की कब्र खोदकरउसे वहीं दफ़ना देता।
उसका सिर्फ़ एक ही सपना थाकि वह अपने प्रोफ़ेशन को आगे ले जा सके।उसे कोई बिज़नेस नहीं करना था।उसे यह शौक भी नहीं था कि इस चीज़ में पिसे।
ऐसा नहीं था कि वह बिज़नेस में अच्छा नहीं था।वह बिज़नेस में बहुत अच्छा था।वह चाहता तो बिज़नेस को और ऊंचाइयों पर ले जा सकता था।लेकिन उसका शौक, उसका जुनून…बिज़नेस नहीं था।
वही इबादत,जो एक पल के लिए सुन हो गई थी…दरवाज़ा बंद होने की आवाज़ सुनकर जैसे होश में आई।
उसका रुका हुआ सांस,जो गले में अटका हुआ था,वह मुश्किल से निकल पाया।वह हांफते हुए गहरी सांस लेने lgi उसकी पूरी नाक लाल हो चुकी थी।उसे सांस ले पाना मुश्किल हो रहा था।वही के वहीं बैठ गई और अपने सीने पर हाथ रखकरमुश्किल से सांस खींचने लगी।
लेकिन…उसे सांस आ ही नहीं रही थी।उसका पूरा शरीर कांप रहा था।
वही जियान,जो अभी नहा कर बाहर आया था,उसने अपनी कमर पर सफेद रंग का टॉवल लपेट रखा था।उसकी पूरी बॉडी पर पानी की बूंदें चमक रही थीं,जैसे किसी ने उस पर मोती सजा दिए हों।
वह इस वक़्त बेहद अट्रैक्टिव लग रहा था।उसकी आंखें,जो गुस्से की वजह से और भी गहरी हो चुकी थीं।भीगे हुए बाल,जो माथे पर बिखरे पड़े थे।उसका यह रूप तो क़यामत था।
उसका चेहरा…उसकी जॉलाइन,सब कुछ क़ातिलाना लग रहा था।वह गुस्से में और भी खतरनाक नज़र आ रहा था।
एक नज़र उसने इबादत पर डाली,जो बेड पर बैठी सांस लेने की कोशिश कर रही थी।पर उसकी मदद करने का कोई इरादा उसमें था ही नहीं।
बल्कि उसे देखकर…वह खुलकर हंसने लगा।फिर जाकर सीधा काउच पर बैठ गया।
उसने लैपटॉप गोद में रखा औरतेरी मुस्कान के साथ बोला
“इतना खाओगी तो एक दिन फट जाओगी।इतने टाइट कपड़े पहनोगी तो यही हाल होगा न!कपड़े बदलो जाकर…जब दिल करो, तब सांस नहीं ले पाती होगी।तुम्हारी हाथी जैसी बॉडी…”
यह कहते ही उसने नज़रें लैपटॉप पर गड़ा दीं।जैसे उसे कोई एहसास ही न हो किउसके अल्फ़ाज़ इबादत पर क्या गुज़ार रहे हैं।रात काफ़ी हो चुकी थी।कुछ देर बाद इबादत अपने कपड़े बदलकर बाहर आई।उसने हमेशा की तरह एक ढीला-ढाला सा नाइट सूट पहन रखा था।
वह खामोशी से जाकर बेड पर लेट गई।उसने जियान से कुछ भी नहीं कहा।इन फ़ैक्ट, उसने एक शब्द तक अपने मुंह से नहीं निकाला।
लेकिन,जैसे ही इबादत बेड पर लेटने ही वाली थी,जियान आ गया और पूरे बेड पर फैलते हुए बोला
“यह तुम्हारी जगह नहीं है समझी?जाकर सोफे पर लेटो।”
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