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Ibaadat jihaan ke cabin mei

, जियान ने एक नजर उसे देखा और उसके हाथ से नोट्स ले लिया। इस बीच, दोनों की उंगलियां आपस में टच हो गईं। इबादत घबरा कर जल्दी से अपने दोनों हाथ पीछे खींच लेती हैं।

जियान ने हल्की सी चौकन्नी, नाजुक सी एहसास भरी नजर इबादत की तरफ डाली। इबादत उसे देखकर थोड़ी देर के लिए खो गई थी।पर अगले ही लम्हे उसकी नजरों से बचते हुए नजर चुरा कर कहती है ।“सर, मेरी क्लास का टाइम हो रहा है, मुझे चलना चाहिए।”

वो तुरंत वहां से निकलने ही वाली थी कि जियान अपनी सख्त आवाज में कहता हैं, “मिस इबादत, मैं अभी आपके जाने के बारे में नहीं कहा। अपनी सीट लीजिए और जो कह रहा हूँ उतना करें, क्योंकि आप मेरी स्टूडेंट हैं। आपको मेरी बात माननी होगी। अब आप इस तरीके से मुझे इग्नोर नहीं कर सकतीं। आई एम योर प्रोफेसर। उसकी आवाज बेहद ठंडी थी।

”इबादत उसकी बात अपनी आंखें बंद कर ली थी। ना जाने क्यों, उसे अपनी रेड की हड्डी में ठंडक का एहसास हो रहा था। वह एक लड़ाकू लड़की थी, जो हर पल जिहान से लड़ सकती थी। पर अब उसे जिहान के आसपास होना भी अच्छा नहीं लगता था।

वह मजबूरी में क्लासेस ले रही थी। उसका बस चलता तो वह कब का अपना कॉलेज तक शिफ्ट करवा चुकी होती। पर बात वही थी कि वह खौफ ज्यादा रहती थी अनजानं लोगो में उसे घबराहट होती थी। डर में वह सांस तक नहीं ले पा रही थी।

उसके बाद वह गहरी सांस लेने लगी और आहिस्ता से अपनी पॉकेट से एक गोली निकालकर अपने मुंह में रख ली। अपनी आंखें बंद करके खुद को काबू करने लगी जैसे अपने अंदर के इमोशंस को काबू कर रही थी। वह हाई डिप्रेशन की दवाइयां ले रही थी।

वहीं, जियान उसे खड़ा देख रहा था जितना वो खामोश दिख रह था उससे ज्यादा उसकी आंखें कुछ बोल रही थी पर क्या इसका एहसास शायद उसे था ही नहीं । वो ये सब नजर अंदाज करते हुए सख्ती से कहता है । इस बार उसकी मर्दाना आवाज पहले से भी ज्यादा सख्त ओर ठंडी थी ।

, “इबादत, क्या आप चाहती हैं कि मैं खुद वहां आकर आपको जबरदस्ती चेयर पर बैठाऊँ?”

इबादत सर को ना-ना में हिलाते हैं और खामोशी से चेयर पर बैठ जाती हैं।

Jihaan उसकी तरफ एक रजिस्टर बढ़ाते हुए कहता हैं, “अब आप नोट करिए जो मैं आपसे कह रहा हूँ।”

इबादत उसकी तरफ देख नोट करना शुरू कर देती हैं।jihaan बिजनेस के कुछ नोट्स बनवा रहे थे। इबादत बहुत ही ध्यान से अपने काम में फोकस हो चुकी थी।

वहीं, jihaan की नजरें इबादत पर थीं। उसका वह नाजुक हाथ, जो जल्दी-जल्दी रजिस्टर पर चल रहा था, उसके छोटे-छोटे नाखून और नाजुक उंगलियां, जो पेन पकड़ने से एकदम सुर्ख गुलाबी पड़ चुकी थीं, उसे देखने के लिए jihaan की निगाहें एक लम्हे के लिए थम गई थीं।

इबादत कितनी जल्दी में थी, उसकी पलकें आसपास देखते हुए डर से फड़फड़ा रही थीं। उसका वह पर्दा, जिसमें सिर्फ सिया आंखें और हल्की सी नाक दिखाई दे रही थी, जियान को अंदाजा दिला रहा था कि वह कितनी हसीन हो सकती है।

करीब 1 घंटे के बाद, इबादत अपने पैन को रजिस्टर में रखते हुए कहती हैं, “done।”

Jihaan उसकी बात पर अपने साइंसेज में लौटते हैं और उसे देखते हुए कहता हैं, “ओके, बैक टू योर क्लास। इधर-उधर भटकने की जरूरत नहीं है। तुम्हें गोट इट? जितना हो सके अपनी पढ़ाई पर फोकस रहो। यह तो पढ़ाई में अच्छी हो।”

इबादत सिर हिला देती हैं और बिना कुछ कहे वहां से चले जाती हैं।

उसके जाने के साथ ही jihaan अपने हाथों को मुट्ठी बना लेता हैं। उसे न जाने क्यों, इबादत के अपने आसपास होने पर अजीब सा महसूस हो रहा था। धड़कन तेज हो रही थी और सांसें जैसे थमने लगी थीं।

उसे महसूस हो रहा था जैसे इबादत की मौजूदगी उसे इफेक्ट कर रही है। उसके नजदीकी उसे बहुत सुकून देने लग रही थी ।

कुछ देर बाद,

वह खुद रजिस्टर लेकर क्लास की तरफ बढ़ रहा था। तभी उसे ऐसा लगता है जैसे कोई उसके करीब से भागता हुआ गुज़र रहा हो। पीछे पलटकर देखता है, वह उसकी स्टूडेंट, माला थी।

माला भागते हुए आगे की तरफ बढ़ रही थी। वह परेशान नजर आ रही थी। उसके हाथ में फोन था। वह अपने फोन को कान में लगाते हुए कहती है, “हेलो, हेलो, इबादत, मेरी आवाज आ रही है?”

बस इतना सुनते ही जियान, जो अभी क्लासरूम की तरफ बढ़ रहे थे, पीछे की तरफ पलट जाते हैं और तेज कदमों से माला की तरफ बढ़ने लगते हैं। माला अभी भी भागती हुई कैंटीन की तरफ जा रही थी।

जियान उसे भागता हुआ देखकर उसके ठीक पीछे चल देते हैं। ।

Canteen में

माला जब पहुंचती है, उसकी नजर हैरानी से बड़ी हो जाती है। वह बड़ी-बड़ी आंखों से इबादत की तरफ देख रही थी, जो घबराई हुई अपने कदम पीछे ले रही थी।

उसका हाथ मजबूती से किसी लड़के ने पकड़ा हुआ था। इबादत घबराते हुए कहती हैं, “प्लीज, प्लीज, डॉन’टी टच मी। लीव माय हैंड। आप सुन क्यों नहीं रहे? मैंने कहा ना, मेरा हाथ छोड़िए।

”माला, जो अब तक वहां पहुंच चुकी थी और वहां का नजारा देख चुकी थी, वह तुरंत तेजी से आगे बढ़ती है। इबादत का हाथ छुड़ाकर उसे अपने पीछे खींचते हुए, सामने खड़े शख्स की आंखों में आंखें डालकर चिल्लाती है, “आप हमारे सीनियर हैं, इसका यह मतलब नहीं कि आप हमारी रैगिंग करेंगे। लिमिट में रहें! और आपकी हिम्मत कैसे हुई मेरी दोस्त को टच करने की? क्या आपके पास मैनर्स नहीं है? अगर आपको पता नहीं है तो में बताती हु रैगिंग बंद हो चुकी है। और अगर फिर भी आपके अंदर अक्ल नहीं आ रही है, तो आप मुझे बताइए। मैं अभी पुलिस कंप्लेंट करती हूँ, आपके इस रवैये के बारे में बताती हूँ कि आप किस तरीके से मेरी दोस्त को परेशान कर रहे हैं।”

सामने खड़ा लड़का, जिसने इस वक्त बाजी जींस, लूज शर्ट और बिखरे हुए बाल थे, और दांतों के बीच माचिस की तिल्ली फंसी हुई थी, माला को इस तरीके से गुस्से से सुर्ख होता हुआ देखता है।

टेबल के ऊपर बैठते हुए मुस्कुरता हैं और कहते हैं, “वैसे कुछ भी कहो, इस छोटी सी चिड़िया के पीछे हमेशा एक शेरनी रहती है। देखो, आ गई ना! जरा सा भी खबर मिली कि मैं यहां हूँ, तो देखो कैसे दहाड़ने के लिए आ गए।”

और हां, वैसे तुम भी कुछ कम खूबसूरत नहीं हो। पर अपनी दोस्त के आगे तुम फीकी सी ही लगती हो। उसके हाथ और उसकी आंखें देखकर ही उसकी खूबसूरती का अंदाजा लगाया जा सकता है।

“और तुम तो फिर भी अच्छी ही हो, ठीक है। लेकिन उसकी बात अलग है। बस एक बार यह पर्दा हट जाए, और इस वक्त मैं उसे पूरी तरह से अपना बना लूंगा।”

बोलते हुए वह इबादत को देखता है और फिर उसकी तरफ बढ़ते हुए कहता है, “तुम्हारी दिक्कत क्या है? मैं यहां तुमसे इतने प्यार से बात करता हूं, और तुम हमेशा लड़ने के लिए अपनी दोस्त को बुला लेती हो। तुम खुद भी तो कुछ बोलो। तुम्हारी आंखें देख कर मैं तुम्हारे प्यार में कैद हो चुका हूं। तुम्हारी आवाज सुनना चाहता हूं, और अपने और तुम्हारे बीच के हर दायरे को मिटाकर, हर पर्दे को हटाकर तुम्हारे करीब रहना चाहता हूं। और तुम हो कि यार, इतना घबराती हो। मुझे यह अच्छी बात नहीं लगती। ऐसे डर मत करो मुझसे। मैं तुम्हारा होने वाला सोहर हूं।”

बोलते हुए वह उसके कंधे को छूने ही वाला था कि तभी माला उसके सामने आ जाती है। उसका हाथ दूर झांकते हुए, आंखों में आंखें डालकर चिल्लाती है, “रेहान, देखिए, आप हमारे सीनियर हैं, इसलिए मैं आपकी इज्जत कर रही हूं, वरना…”

वरना आप सोच भी नहीं सकते कि मैं आपके साथ क्या कर सकती हूं। बोलते हुए वह बराबरी से सामने खड़े रिहान फारूकी को घूर रही थी।

रिहान, जो अभी कॉलेज का नया नया वांटेड था, यह सब उसकी आदत थी। माला के उस घबराने और ना डरने पर उसे अपनी इंसल्ट महसूस हो रही थी। वह उसके करीब कदम बढ़ाता है, पर माला अपनी जगह से टच से नहीं होती।

वह इस तरीके से उसकी आंखों में आंखें डालकर कहती है, “मेरे रास्ते में आओगी ना, लिटिल रेड? उसी दिन तुम्हें मसल के रख दूंगा। मेरे रास्ते में आना बंद करो। और हां, अपनी दोस्त को जितना जल्दी हो सके समझा दो कि यह रिहान फारूकी की मोहब्बत है । तुम्हारी दोस्त उसके करीब रहना चाहती है और उससे निकाह करना चाहती है।”

“अगर यह बात तुम्हारी दोस्त नहीं समझेगी, तो मैं जबरदस्ती तुम्हारी दोस्त को उठा कर ले जाऊंगा और उससे निकाह करूंगा।”

गोटू द पॉइंट। फिर वह वहां पीछे बैठे अपने दोस्तों की तरह देख कहता हैं, “चलो, यार , हम लोग चलते हैं। यहां मेरी साली साहिबा , मेरी होने वाली छोटी सी बीवी घबरा जाएगी।”

बोलते हुए वह वहां से बड़े ही स्टाइल के साथ चला गया।

इबादत, माला के पीछे खड़ी हुई, तो माला पलटते ही है कि इबादत उसके गले से लगकर रोने लगती है। उसकी आंखों से मोटे-मोटे आंसू निकल रहे थे। इस वक्त कैंटीन में इबादत और माला के सिवा कोई मौजूद नहीं था।

इबादत बुरी तरह रो रही थी। माला उसे रोता हुआ देखकर परेशानी से कहती हैं, ऐसे रोना नहीं था ना? अगर कुछ हुआ होता, तो मैं निपटा सकती थी।और तू लड़ी क्यों नहीं? कुछ बोल क्यों नहीं रही है ।? तुझे बोलना चाहिए था यार। बाकी मैं निपट लेती। तुझे तो पता ही है, मेरे भाई लॉयर है। अगर कुछ भी होता, तो हम लोग साथ में निपट सकते थे। तो इतना घबराती क्यों है?”

इबादत रोते हुए उसे देखती है। उसे अभी भी डर महसूस हो रहा था। उसका पूरा शरीर कांप रहा था, और शरीर ठंडा पड़ रहा था।

“मुझे घर जाना है, मुझे यहां नहीं रुकना,” बोलते हुए वह पूरी तरह पसीने से भीग चुकी थी।

माला कुछ देर उसे देखती है और जल्दी से उसका बैग खोलकर मेडिसिन निकालकर उसके मुंह में डालती है।

“तू तो ठीक तो है ना? अच्छा लगेगा। हम अभी घर नहीं जा सकते यार। तू जानती है, आज हमारा इंपॉर्टेंट टेस्ट है। अगर हम उसे नहीं देंगे, तो हमारे 2 साल की पढ़ाई की बुनियाद खराब हो जाएगी।”

इबादत कुछ देर खामोश रहने के बाद अपना सिर हिलाते हैं। “तुम भी मेरी वजह से परेशान हो गई होगी ना।”

माला उसके सर पर मरते हुए, “पागल है क्या? ऐसा हो ही नहीं सकता। और अब चालक , क्लास में चलते हैं।” वह उसका हाथ मजबूती से थामे हुए आगे की तरफ बढ़ चुका था।

वहीं, jihaan, जो माला के पीछे आया था, सिर्फ इबादत का नाम सुनकर वह बीच रास्ते से ही कहीं गायब सा हो गया था।

जैसे ही वह लोग अपने क्लास में आते हैं, जी हां वह मौजूद नहीं था। उसकी जगह पर कोई दूसरा प्रोफेसर खड़ा था।

प्रोफेसर सभी को देखते हुए कहते हैं, “स्टूडेंट्स, यह आज का आप लोगों का टेस्ट है। मिस्टर jihaan को किसी इमरजेंसी के चलते जल्दी से यहां से जाना पड़ा था। जिस वजह से आज उनकी जगह पर यह टेस्ट मैं ले रहा हूं। तो आप लोग शुरू करिए।”

वहीं, इबादत, जिसका ध्यान टेस्ट में बिल्कुल नहीं था, जल्दी-जल्दी बस टेस्ट पेपर लेकर जाना चाहती थी । और कुछ हुआ भी ऐसा ही। जितना जल्दी हो सका, उसने अपने टेस्ट पेपर कंप्लीट करके सबमिट कर दिया।

माला अभी भी बैठी हुई थी। इबादत बाहर जाकर उसके आने का इंतजार करने लगती हैं।

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