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Serv your self

पूरे कमरे में घना अंधेरा छाया हुआ था। हल्के से भी रोशनी नहीं थी , चाहत को अपने दिल में तेजी से दर्द महसूस होता है । उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी।

वो कुछ समझ पाती उसे दरवाजे के पास से जूते की टकटक की आवाज से सुनाई देने लगती है। वो धीरे-धीरे खींसकते हुए पिछे की तरफ आती हैं। की किसी चीज से टकराती है। उसे अपने घुटने पर तेज दर्द का एहसास होता है । वो हाथ से टटोलती उसे एहसास हो चुका था वह बेड है । वह अपने मुंह पर हाथ रख धीरे से उस बेड के निचे की तरफ खिसकने लगती हैं ।

उस अंधेरे कमरे में भी वो सक्श चील की नजर से us कमरे को देख रहा था।

वो उस कमरे की लाइट नहीं जलाता एक ड्रॉर खोल उसमें से एक कैंडल निकाल उसे जला आसपास देखने लगता है ।

उस कमरे में थोडी सी रोशनी हो जाती है।

चाहत बहुत ही धीमे-धीमे सांस ले रही थी एक तो अंधेरा ऊपर से वो चमचमते हुई जूते जिसे देख उसे अजीब सा खोफ आ रहा था। उसकी आंखों से आंसू निकल रहे थे शरीर पूरा पसीने से तरबतर हो चुका था। बेड से खीसकते सकते हुए बाहर आते हैं। और जैसे ही निकालने को होती है। सामने खड़े शख्स को देख उसकी आंखें फटी की फटी रह जाते हैं ।

सामने अव्वेयन खड़ा बिना किसी इमोशंस के उसे ही इधर-उधर ढूंढ रहा था ।

चाहत गहरी सांस से लेते हुए वापस बेड के अंदर की तरफ खिसकने लगती है। कि तभी उसका पैर एक टेबल पर लगता है । जिस पर रखा हुआ एंटीक वॉस टूट कर जमीन पर चकनाचूर होकर बिखर जाता है ।

चाहत एक नजर उस वास को देखते तो कभी अभियान को, जो धीमी कदमों से उसी की तरफ आने लगा था। उसकी आंखें गहरी लाल हो चूके थी ।

चाहत अपना थूक निकाल लेती है । उसके माथे पर ठंडा पसीना उभर आया था ,,

Avveyaan उसके पास आ बेड के गधों को निकाल कर फेंक देता है ।और अगले ही पल अपना लंबा हाथ आगे बढ़ा उसकी बालों को गार्डन समेत पकड़ घसीटते हुए बेड के नीचे से निकलता है ।

चाहत डर के मारे सांस लेना ही भूल चुकी थी, डर के मारे उसे सांस तक नहीं आ रही थी,

अववेयान बहुत ही धीमी आवाज में उसके चेहरे को बिल्कुल अपने चेहरे के नजदीक लाकर कहता है । तुम्हारी हिम्मत भी कैसे हुई मेरे इतना एक्सपेंसिव वास तोड़ने की? इसके पैसे तुम्हारा बाप भरेगा,

चाहत की आंखों से आंसू गिरना शुरू हो जाते हैं। वो हिचकियां लेने लगती है ।

अववेयान उसके बालों को पकड़ा अपने चेहरे केनज़दीक ला उसे घूरने लगता है। उसकी आंखें बहुत ही ज्यादा लाल थी, उस कमरे में एक तो अंधेरा ऊपर से सिर्फ उसे नाजुक से मोमबब्बती का सितम, अंधेरे में दिख रहे "

उस हल्की रोशनी में अव्वेयान का चेहरा बेहद ही डरावना लग रहा था। चाहत चाह कर भी कुछ बोल नहीं पा रही थी,अव्वेयान उसे ऊपर से लेकर नीचे तक देखने लगता है। उसकी नजर चाहत पर बेहद गहरी हो चुकी थी,

वो चाहत को ऊपर से लेकर नीचे तक देख रहा था, चाहत ने आज वही सूट पहना था जिस सूट में अव्वेयान उसे जबरदस्ती लेकर आया था, वह आज भी अपने उस सफेद कलर की फ्रॉक में थी, जो थोड़ी पुरानी और घिसी हुई लग रही थी" जैसे उसने यही ड्रेस को बार-बार रिपीट करा हो , कहीं-कहीं से धागे निकल आए थे , और उसकी हालत भी पहले से खराब लग रही थी। वो बेहद कमजोर मालूम पढ़ रही थी "

अव्वेयान कुछ देर तक उसे ऐसे ही देखता रहता है। चाहत के मुंह से एक अल्फाज तक नहीं निकलता"

अव्वेयान डेविल मुस्कुराहट के साथ उसे देखता है oa अगले ही पल उसके गरदन पर टंगे हुए दुपट्टे पर हाथ दाल दुपट्टा खींच कर जमीन पर फेंक देता है ।

चाहत की धड़कन एक दम बढ़ जाती है। उसका पूरा शरीर काप रहा था,

अव्वेयान उसके कंधे पर हाथ रख उसके फ्रॉक की आस्तीन को धीरे से नीचे खिसकते हुए गहरी आवाज में कहता है। तुमने मेरा इतना नुकसान करा दिया हम्म्म अब उसके भरपाई तो तुम्हें करनी ही पड़ेगी ना"

चाहत अपना सर ना में हीलाते हुए उसके हाथ को हटाने की कोशिश करनी लगती है।

अव्वेयान अपनी उसके कंधो पर अपनी पकड़ और मज़बूत कर देता है।

चाहत की सिसकी निकल रही थी उसे ऐसा मेहसूस हो रहा था जैसे उसके कन्धे की हड्डी टूट कर चकना चूर हो जायेगी, आह्ह्ह वो दर्द भरी आह भरती है । और लड़खड़ाते हुई आवाज में कहती है। आह्ह्ह्ह, ये आ आप क्या क्या कर रहे हैं? मु। झे मुझे तक तकलीफ हो रही है। चोढिए मुझे, बोलते हुए वो कदम पीछे लेने की कोसिस करती है।

अववेयान उसके कन्धे पकड़ उसे खुद के नजदीक खीच लेता है। चाहत उसके बेहद नजदीक थी ,उसकी आंखे डर से बंद हो गई थी,उसकी सास तेज चल रही थी

अववेयान उसका डरा हुआ चेहरा,तीज सास देख रहा डर से चाहत के चेहरे का रंग उड़ चुका था।

अव्वेयान स्मिर करते हुए उसके कान के पास आ बेहद सारगोशी से कहता है। अब मेरी कीमत तुम्हे चुकानी पड़ेगी बताओ कैसे अड्डा करोगी इस वास कि कीमत, बोलते हुए उसकी आवाज भारी हो गई थी वो उस बास को घूर रहा था,

फिर उसके गाल को लीक krte हुए कहता है। ,हम्मम्मम्म तो बताओ कैसे कीमत दोगी वो मेरी लाइफ का सबसे कीमती और एक्सपेंसिव वास था, बोलते हुए उसकी पकड़ चाहत पर मज़बूत हों जती हैं।वो कुछ पल रुक कर अपनी नजर वास से हटा चाहत को देखता है उसके चेहरे पर स्मिर्क आ जाता है। वो उसे ऊपर से लेकर नीचे तक देखते हुए आगे कहता है। वैसे तुम्हारे पास तो पैसे है नही और तुम कीमत चुकाने के लिया क्या ही kr सकती हो ,

चाहत घबरा कर उसे देखती हुए खुद को छूढाने लगती है। उसे बेहद डर लग रहा था, एक तो अंधेरा कमरा ऊपर से अव्वेयान की करीबी उसके ऊपर कहर बरसा रही थी, ,

अव्वेयान उसे खुद के नजदीक करते हुए कहता हा तुम्हारी एक हसीन रात मेरे नाम कर दो,

चाहत फटी आंखो से उसे देखने लगती है। एक बार फिर उसे ऐसा मेहसूस हो रहा था जैसे उसके जि&स्म से रूह निकल रही हो वो ठंडी पड़ गई थी जैसे काटो तो खून नहीं,,

अव्वेयान उसके expiration देखते हुए एक बार फिर उसके कान के r पास आ गहरी सास छोड़ते हुए बहुत ही बेसरमी से कहता है, Serve yourself to me and that too for your entire night

चाहत के माथे पर ठंडा पसीना आ जाता है । वो आज भी अपने जि&स्म से उस रात की अव्वेन से ली ही खुशबू को मिटा नही पाई दूर आज फिर से वो कयामत की कहर भरी रात को नही जीना चाती थी, वो डर भरी आवाज के साथ केहते हैं , आ..प आ..प मेरे सा..थ मे.रे सा.थ ऐ....सा नहीं क..र सक..ते आ.. आप बि......ना मेरी म..र्जी के ..मु...झे मु...झे छू न..हीं सकते हैं! वह जल्दी से दरवाजे की तरफ जाती है । और जैसे बाहर जाने के लिए क़दम बढ़ाती ,

अववेयान तेजी से दरवाजे पर हाथ रख द्रवाजा अंडर से बंद कर देता है।

चाहत का एक पल के लिए पूरा वजूद कांप जाता है । वह डरी हुई अव्वेयान के बेहद नजदीक खड़ी हुई थी, उसकी पीठ अव्वेयान के सामने थी ,, अव्वेयान अपना हाथ धीरे-धीरे नीचे लेकर आता है । और उसे एकदम से अपनी तरफ पलट देता है।

चाहत के होंठ पूरी तरीके से सूख जाते हैं । अव्वेयान उसे कम रोशनी में भी अपनी ओसियन ओसियन ब्लू आईज से अच्छे से देख पा रहा था, चाहत चाह कर अपनी नज़रें नहीं उठा रहे थे,

उसने नजर अभी भी नीचे की थी अव्वेयान उसके झबड़े को मजबूती से पकड़ अपनी तरफ करते हुए कहता है ,, 50 लाख 50 लख रुपए उसकी कीमत है। या तो तुम मुझे 50 लख रुपए ला कर दो या फिर तुम्हारी एक रात मेरे साथ । बोलते हुए वह चाहत को घूरने लगता है ।

चाहत की कॉलर बोन बहुत ही ज्यादा विजिबल हो रही थी जो बेहद अट्रैक्टिव लग रहे थे , चाहत की बंद आंखों, गनी पलके, डर से कापते होठ,जिसे वो धीरे धीरे काट रही थी, उसके काटते हाथ जिसे उसने कपड़ों में मुट्ठी बनाई हुए थी,

वो धीमे से कहती हैं। , ये आ...प आ..प .कै..से-कै.से बा...तें क..र र.हे हैं?

मे...रे मे..रे पास मे..रे पा..स पै..से पै..से नहीं है !

अव्वेयान उसे छोड़ दो कदम दूर होता है ।और तेजी से हंसने लगता है। उसकी आवाज डरावनी थी ।

चाहत को उससे डर लग रहा था , वह उसे देख तक नहीं रही थी, वो एक बार फिर उसके नजदीक आता है। और उसके जो लाइन को पकड़ ऊपर की तरफ कर देता है। चाहत अपनी आंखें बंद कर लेते हैं । उसके अंदर इतनी भी हिम्मत नहीं थी, कि वह अव्वेयान की आंखों में देख सके,

अव्वेयान अंगूठे से उसकी जो लाइन को धीरे-धीरे सहलाते हुए बहुत ही सेडक्टिव मगर डोमिनेटिंग वॉइस में कहता है , तो क्या हुआ? तुम मुझे अपनी एक यह हसींन रात दोगी या नहीं " उसके चेहरे पर स्मिर्क था।

वैसे तो तुम्हारी औकात नहीं है अव्वेयान अग्निहोत्री के सामने खड़े होने की पर कब अभियान अग्निहोत्री को घाटे का सौदा पसंद नहीं

या तो मुझे 50 लख रुपए दो या फिर एक रात अपनी मुझे दो बोलते हैं वह उसे गहरी नजरों से देखने लगता है।।

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