चाहत डरी सहमी सी दरवाजे के सहारे अववेयान के बाहों की कैद में खड़ी थी । उसके पास ना पैसे थे और ना ही वह ऐसा कुछ कर सकती थी, वह डरते हुए कहती हैं, " मैं.... आ...पको आ...पको पै...से पै. से कहा से लाकर दूंगी ? मे...रे पा..स मे.रे पा..स पैसे नहीं है ।”
अववेयान रकेजिम के साथ कहता है, " It's not my problem. it's your problem, या मेरे पैसे लौटा दो और चुपचाप यह से चली जाओ, या फिर ये बेड है, जो बेहद नर्म है । जिसे तुम्हे मेरे साथ गर्म करना पड़ेगा choice is all' yours. मै यही बैठा हु ।”
कहते हुए वो जाकर सीधा काउच पर बैठ अपना एक पैर उठाकर दुसरे पर रख, उसे गहरी नजरो से देखने लगता है ।
चाहत ऊंगली उलझाते हुए डरी हुए आवाज़ के साथ कहती हैं म.... में......या .... ये ... नही क....र क..र स...कती हूं .आ...प आ..प मु..झे को.ई.. कोई औ.र का..म काम दे दी..जिए ।”
वो मरी हुई - सी आवाज में कहती हैं । उसके मुंह से टूटे हुए शब्द भी नहीं निकल रहे थे । एक तो अंधेरे का कहर ऊपर से अव्वेयान की आग की तरह जलती हुई नजरे, डरावना औरा, चाहत चाह कर भी कुछ नहीं बोल पा रही थी उसे दम घुटता हुआ मेहसूस हो रहा था ।
अव्वेयान सोफे पर किसी किंग की तरह अपने दोनों हाथों को सोफे पर फैलाए हुए बैठा था । उसने एक पैर को दूसरे के ऊपर रखा था, और उसकी नजर चाहत पर थी, जो डरी सहमी - सी उसके सामने खड़ी थी ।
अव्वेयान गहरी आवाज में कहता है, ""Come to me ."
चाहत अपने सूखते हुए गले को तर करती है और छोटे कदमों से अभियान की तरफ बढ़ जाती है । वह अव्वेयान के थोड़ा नजदीक होकर खड़ी हो जाती है ।
अव्वेयान उसे वैसे ही गहरी नजरों से देखते हुए कहता है, " थोड़ा और पास आओ ।"
चाहत उसके दो कदम और नजदीक आकर खड़ी हो जाती है । अव्वेयान अगले ही पल उसका छोटा - सा हाथ पकड़ कर खींचता है, और चाहत सीधा उसकी बाहों में जाकर गिरती है ।
उसका मुंह सीधा अव्वेयान के चौड़े, खुले हुए सीने में जा लगाता है, और वह अव्वेयान के पैरों के बीच में गिर जाती है । उसके हाथ अव्वेयान के सीने पर आ चुके थे, और उसकी आंखें डर से और ज्यादा बड़ी हो जाती हैं । उसके हाथ कांपने लगते हैं ।
अव्वेयान उसके कांपते हुए हाथ के ऊपर अपना हाथ रखकर मजबूती से पकड़ लेता है । चाहत अपने हाथ को खींचने लगती है, लेकिन अव्वेयान दूसरे हाथ से उसका मुँह पकड़कर उसे खड़ा करते हुए सीधा अपनी गोद पर बैठा लेता है ।
चाहत उठने की कोशिश करती है, लेकिन अव्वेयान अपने एक पैर से उसके दोनों पैरों को लॉक कर देता है । चाहत का पूरा वजूद डर से कांप रहा था ।
अव्वेयान उसके छोटे से चेहरे को गौर से देखने लगता है । उसका चेहरा पूरा सफेद पड़ चुका था, वह बहुत ज्यादा कांप रही थी ।
ये देखकर अव्वेयान आंखें छोटी हो जाती हैं । वह चाहत के भीगे हुए बालों को कान के पीछे बहुत ही आहिस्ता से करता है और उसकी आंखों में आंखें डालकर कहता है, " अभी तक तो मैंने तुम्हारे साथ कुछ किया नहीं है, तो तुम इतनी ज्यादा डर क्यों रही हो?"
चाहत, जो उसकी आंखों में देखने से भी कतरा रही थी, अपनी नज़रें इधर - उधर करते हुए हकलाते हुए कहती है, " यह… आप क्या कर रहे हैं? छोड़िए, छोड़िए मुझे!" कहते हुए वह कसमसाने लगती है ।
अव्वेयान गहरी आवाज में कहता है, " स्टॉप मूविंग योर बॉडी! Otherwise, तुम मेरा कंट्रोल लूज करवा रही हो । कहीं ऐसा न हो, जितना तुम अभी हिल रही हो, कि बेड पर जाने के बाद तुम्हारी चीखने के सिवा कुछ और ना निकले ।"
चाहत एकदम से सांस रोक लेती है । उसने अपना आपको छोड़ने बंद कर दिया था । वह बिना हिले - डुले उसकी गोद में बैठी रहती है । अव्वेयान बिल्कुल उसके कान के पास आता है और गहरी सांस छोड़ते हुए कहता है, " टेक ए डीप ब्रेथ ।"
चाहत धीरे से सांस लेती है और टेढ़ी नजरों से अव्वेयान को देखने लगती है । अव्वेयान उसकी गर्दन पर अपना हाथ रखता है और धीरे से ऊपर खिसकते हुए उसके गाल को कस के दबा देता है ।
चाहत की डर से चीख निकल जाती है । वह अपने दोनों मुट्ठियों से अपनी वाइट फ्रॉक को पकड़ लेती है ।
अव्वेयान बिल्कुल उसके गुलाबी होठों के पास आकर गौर से उसके होठों को देखने लगता है, जो कुछ सूख चुके थे । अव्वेयान अपने होठों को लिक करते हुए, गहरी मगर डरावनी आवाज के साथ कहता है, " तुम्हारे होंठ तो काफी सुखे लग रहे हैं, क्या मैं इन्हें थोड़ा - सा रसीला बना दूं?"
बोलते हुए, वह अपनी जीभ को धीरे से अपने होठों पर फेरता है । चाहत को अपने पूरे शरीर में खौफ आने लगता है । वह तेज़ी से धड़क रही थी और डरी हुई नजरों से अव्वेयान को देख रही थी । उसने एक शब्द भी नहीं कहा था ।
अव्वेयान उसके जबड़े को और मजबूती से दबाते हुए, दांत पीसकर कहता है, " मुझे देखो, जब मैं तुमसे बात कर रहा हूं, तो तुम्हारी नजरे सिर्फ मुझ पर टिकी होनी चाहिए ।"
चाहत, जिसे अपनी नजरें नीचे करी हुई थीं, अव्वेयान के ऐसा कहने पर धीरे से अपनी पलके उठाकर उसकी तरफ देखने लगती है ।
अव्वेयान उसकी वुल्फ ग्रे रंग की आंखों में एक टक देखने लगता है । उसकी आंखों में बहुत कुछ था । चाहत ज्यादा देर तक अव्वेयान की तपीश भरी हुई आंखें नहीं देख पाती । वह तुरंत अपनी पलके झपका लेती है ।
तिरछी जैसे उसके झुकी हुई पलकों पर अपनी आईब्रो ऊपर कर लेता है और वैसे ही दांत पीसते हुए कहता है, " मेरे बच्चों से दूर रहना । तुम सिर्फ उनकी एक मेड हो । मेड का मतलब पता है ना, इस घर की नौकरानी । यह मत समझना कि तुम्हें यहां पर राज करने के लिए लेकर आया हूं । और जो जादू तुमने मेरे बेटे पर चलाया है ना, उसे जल्द से जल्द खत्म कर दो । वरना अब मैं तुम्हारा पूरा वजूद मिटा दूंगा । तुम्हे चीखने के सिवा और कुछ नहीं निकलेगा ।"
चाहत, जिसपे उसकी बातों से कोई असर नहीं हो रहा था, वह तो बस अपना सर हिलाते हुए अपने बालों को हिलाने में लगी हुई थी । अव्वेयान उसके हिलते हुए सर को देख, उसके कपड़े को और कस के दबा देता है । चाहत की गुलाबी पंखुड़ी जैसे होठों का पाउट बन जाता है ।
अव्वेयान उसके बेहद नजदीक था । उन दोनों की नाक आपस में टकरा रही थी । वह एक तक चाहत के होठों को घूरने लगता है । चाहत के हिलते हुए होठ डर से अव्वेयान काबू में आते हुए वह गोल हो जाते हैं, जो बेहद अट्रैक्टीव थे ।
अव्वेयान को अपना गला सूखता हुआ महसूस होता है । उसे अपनी बॉडी में अजीब से रिएक्शन महसूस हो चुके थे । अगले ही पल, चाहत की चीख उस कमरे में गूंजती हुई सुनाई देती है । चाहत जमीन पर अपने हाथों के बल गिरी हुई थी । अव्वेयान ने उसे धक्का दे दिया था ।
चाहत डरी हुई नजरों से उसे देखने लगती है । अव्वेयान वैसे ही पंजों के बल बैठता है और उसके बालों को गर्दन समेत पकड़ते हुए कहता है, " मेरे बच्चों से दूर रहना । तुम सिर्फ उनकी आया हो । इसके अलावा तुम्हारा उनके साथ कोई भी लेना देना नहीं है । Otherwise, तुम जानती हो ना मैं तुम्हारे साथ क्या करूंगा?"
बोलते हुए उसकी आंखों में चाहत के लिए बेतहाशा नफरत साफ दिख रही थी । चाहत जल्दी से अपना सिर हिला देती है और उठने लगती है । अव्वेयान
उसके चेहरे को पकड़कर खुद के नजदीक कर लेता है । चाहत अपनी नजर एक बार फिर से नीचे कर लेती है ।
उसके चेहरे के पास जाकर, दांत पीसते हुए कहता है, " आज से तुम मेरी पर्सनल मेड हो । मेरा हर काम तुम ही करोगी । मेरी सुबह की कॉफी हो या शाम की, जब भी मैं घर पर रहूंगा, तुम्हें हर वक्त मेरे आस - पास हाजिर होना है और मेरे हर पर्सनल काम करने हैं । एक - एक चीज तुम ही करोगी । जब तक तुम मेरा 50 लाख का कर्ज नहीं अदा कर देती । जो - जो मैं कहूंगा, तुम्हें हर वह काम करना पड़ेगा । बोलो, मंजूर है?"
चाहत उसे देखने लगती है । उसकी नजर अभी भी खौफ खाई हुई थी ।
अभियान उसकी गर्दन पकड़कर, वैसे ही हिलते हुए कहता है, " मुझे पता है, मैं बहुत खूबसूरत हूं, और मुझे तुम जैसी हलकी - फुलकी लड़कियां बिल्कुल पसंद नहीं । तो नजरें नीचे करो और जितना पूछा गया है, उतना ही करो, वरना अभी के अभी…अपनी एक रात….”
बोलते हुए, वह सीधा अपना हाथ चाहत के सीने पर रख देता है । चाहत की सांस गले में अटक जाती है । उसका दिल तेजी से धड़कने लगता है ।
अभियान उसकी धड़कनें महसूस कर पा रहा था । उसे तेज करंट का एहसास होता है, और वह तुरंत अपना हाथ पीछे खींच लेता है । उसकी आंखें गुस्से से एकदम भर चुकी थीं ।



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