चाहत घबराई हुई सिमट कर अपनी जगह पर खड़ी हुई थी, वह अपने छोटे-छोटे से हाथों में एक छोटे से टॉवल को लिए नल के नीचे करती हैं और उसे अच्छे से गिला कर अव्वियान के मज़बूत खूबसूरत वीनस हाथों पर रख दिया,और बहुत ही आहिस्ता आहिस्ता से पूछने लगती है । उसकी आंखों के कोनी एकदम गहरे चमकीले और भीगे हुए थे, अव्वियान तुरंत उसका हाथ पकड़ लेता है ।।
चाहत कि हल्की सिसकी निकल जाती है। उसके हाथ में छाले पड़े हुए थे, और हाथ काफी सूज चुका था, और एकदम सुर्ख पड़ चुका था, अव्वियान ने उसका वही हाथ पकड़ा था , चाहत हल्की सी चीख भरते हुए अपने हाथ की तरफ देखने लगती है। अव्वियान उसके हाथ को देखता है । जो पूरा लाल पड़ चुका था, चाहत अपना हाथ उसके हाथ से छुड़ाते हुए धीमी आवाज़ में कहती हैं।।



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