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Punishment

Weapon industry,,

आसमानों को छुती हुई चमचमाती हुई बिल्डिंग जहां ज़्यादातर ब्लूप्रिंट और वेपंस बनाए जाते थे , उस कंपनी के सीईओ को आज तक किसी ने नहीं देखा था, वही उस कंपनी के सबसे ऊपरी हिस्से पर , अपने दोनों हाथ जेब में डालें दूर तक फैले हुए शहर को देख रहा था , शाम हो चुकी थी पूरा शहर लाइटों से जग मगा रहा था , उसके चेहरे पर एक अजीब सी मुस्कुराहट थी ।

तभी उस की उम्र का शख्स अंदर आते हुए अपने हाथों में पकड़ी हुई फाइल्स को उसके सामने करते हुए कहता है। __ " सर मिस्टर बत्रा के साथ आपकी मीटिंग कंफर्म है हो चुकी है। और वह हमारा अभी मीटिंग रूम में इंतजार कर रहे हैं ‌ । हमें चलना चाहिए । "

अव्वियान के चेहरे पर मुस्कुराहट खिल जाती है। वह टेढ़ी मुस्कुराहट के साथ अपना सर टेढ़ा कर सामने खड़े हुए लड़के को देखते हुए कहता है। __ " उन्हें जरा इंतज़ार करवाओ अभी उनसे मिलने का वक्त नहीं आया है । यह बोलते हुए वह वापस दूर तक फैले हुए शहर को देखने लगता है । उसे अपने लैपटॉप में कुछ अजीब सी हलचल का एहसास होता है। वह सर घूमा कर वापस अपने किंग साइज़ चेयर के पास आता है। और अपना एक हाथ टेबल पर रखा झुकते हुए लैपटॉप में देखने लगता है । उसके चेहरे पर बहुत ही अच्छी गहरी मुस्कुराहट खिल जाते हैं। वह चेयर से अपना लॉन्ग ओवरकोट उठाते हुए बाहर की तरफ कदम बढ़ा देता है।

रात का वक्त अग्निहोत्री मेंशन को बहुत ही खूबसूरती से सजाया गया था, आफ्टर ऑल उनकी दो औलादे का आज जन्मदिन है। आसपास बिल्कुल उसी ही तरह डेकोरेशन की गई थी, तो वही एक छोटी सी लड़की पिंक कलर की फ्रॉक पहने हुए हाथ में कंगाली इधर-उधर घूम रहे थे , उस के बाल भी फेले हुए थे , उसके चेहरे पर बड़ी सी मुस्कुराहट थी, और आंखों में चमक , तभी एक सर्वेंट उसके पास आकर धीमी आवाज़ में कहती हैं ।

"बेबी चलिए हम आपको तैयार कर देते हैं। "

वह लड़की घूर कर उसे देखती हैं और उनके हाथ से कंगा लेकर लगभग ज़मीन पर पटकते हुए कहती है। __ " चेरी को चेरी की एंजेल चाहिए वह चेहरे को बहुत अच्छे से तैयार करते हैं। आप में से किसी को कुछ भी नहीं आता । " बोलते हुए वह तेज़ी से चिल्लाना शुरू कर देती है।

वही घर के बाकी लोग जो कुछ अपने कमरे में तैयार हो रहे थे, तो कुछ बाहर की डेकोरेशन देख रहे थे, कोई भी नहीं चाहता था कि डेकोरेशन में ज़रा भी कमी हो, और ज़रा सी भी कमी अव्वियान बर्दाश्त नहीं करने वाला था, एक गलती और सभी का खेल खत्म करने वालों में से था वह, ऐसा ज़ालिम इंसान था जिसे अपने और पराइयों में से फर्क ही नहीं करता अता था , ना उसे लड़कों से मतलब था और ना ही लड़कियों से , उसका सिर्फ एक गलती और गलती की सज़ा , सज़ा मौत

देना तो उसका काम था , सभी लोग घबराकर इधर-उधर देखने लगते हैं ।।

वही रुक्मणी जी अपने दांतों भेचते हुए कहती हैं __ " मनहूस ना जाने कहां जाकर मर गई है। पता नहीं मेरे पोता पोती पर कौन सा जादू चला रखा है। जो उसके अलावा यह लोग किसी और का नाम तक नहीं लेते, ढूंढो उसके कहां है। महारानी आराम फरमा रहे हैं । बुलाकर लाओ उसे । " बोलते हुए वह अपने कमरे की तरफ चली जाती हैं।

अव्वियान का कमरा ,,

चाहत की नींद किसी के चिल्लाने से खुलती है। वह धीरे से आंखें खोल कर देखती है। जहां पर छोटी सी लड़की हाथ में कंगा लिए अपने छोटे-छोटे गोल मटोल होटो को गोल कर हुए उसे घूर रही थी , और उसके हाथ को लगातार खींचते हुए उठाने की कोशिश कर रही थी, चाहत उसे देख घबरा जाती है । और जल्दी से उसे अपने गोद में उठाते हुए , अपने नज़दीक बैठे हुए __ " अरे चेरी क्या हुआ, तुम तो इतनी नाराज़ और गुस्सा क्यों हो, किसी ने कुछ कहा कहा तुमसे, बताओ मुझे । " चेरी अपने दोनों हाथों को सीने पर फोल्ड करते हुए मुंह बनाकर कहते हैं। चेली एंजेल से ( घुश्मा है )

चाहत के चेहरे पर छोटी सी मुस्कुराहट आ जाते हैं । वह उसके फूले हुए गुलाबी गालों को धीरे से पेक करते हुए कहते हैं। " घुश्मा घुश्मा नहीं गुस्सा होता है। "

चेरी अपनी छोटी-छोटी आंखों से उसे घूरती है और नीचे उतरने के लिए हाथ पैर मारने लगती हैं।

चाहत उसे जल्दी से लपकते हुए अच्छे से पकढ़ते हुए कहती हैं । __ " अच्छा बताओ चेरी गुस्सा क्यों है । अपनी एंजेल से " __ " क्योंकि आज चेरी का बर्थडे है । और चेरी की एंजेल ने विष नहीं कर, और ना ही उसे रेडी करा, इसलिए चेली घुश्मा है। और चेली एंजेल से कभी बात नहीं करेंगे। "

चाहत उसके गालों को खींचते हुए अपने गोद में उठा लेते हैं । और सिद्ध कमरे से बाहर आ जाते हैं।

वह सीधा बच्चों के कमरे में आते हैं । आसपास नज़र घुमा कर इधर-उधर देखते हुए कहती हैं। " आर्यन कहां है । "

चेरी उसकी बात पर छोटा सा मुंह बनाती हैं। और केहती है । __ " एंजेल आप मेरे साथ हो तो आप मुझ पर ध्यान दो ना , आप उस ड्रैकुला को क्यों ढूंढ रहे हो, होगा कहीं पर वैसे भी उसे यह सब कुछ नहीं पसंद, उसे तो बस अकेले रहना पसंद है । मुझे तो यह चीज समझ में नहीं आती, वह आपसे कैसे बात करता है। यह बोलकर चुपचाप बैठ जाती है । " चाहत उसके बालों में डिजाइन बनाने लगती हैं ।

कुछ देर बाद वह चेरी से दूर होती हैं और उसके सामने खड़े होती हैं । उसके दोनों गालों को छूते हुए कहती हैं । __ " अब लग रहे हो ना तुम बिल्कुल परी की तरह," चेरी उसके बात पर बेड से नीचे कूद जाते हैं । और गोल घूमते हुए अपनी फ्रॉक को छोटे-छोटे हाथों से पकड़ कर खुश होने लगती हैं । वही आर्यन जो अभी दूसरे साइड बैठे कोई चॉकलेट खा रहा था, वह बुरी तरीके से चेरी को घूरते हुए खड़ा होता है। और सीधा चाहत के पास है। और अपने छोटे-छोटे हाथ उसके पैरों पर लपेट देता है ।।

चाहत नीचे की तरफ झुकने लगते हैं । आह्ह्ह्ह.. पर खिंचाव के वजह से उसे अपने पिट में दर्द होता है। उसकी दर्द भरी आह.. निकल जाते हैं। वह कुछ ही देर में उन दोनों को रेडी करते हुए बाहर आती हैं । इस वक्त घर के हाल में कोई भी मौजूद नहीं था, चाहत उन दोनों को सोफे पर बैठे हुए कहते हैं । __ " तुम दोनों यहीं रहो कहीं जाना मत, मैं बस थोड़ी देर में आता हूं। " बोलते हुए वह पीछे के दरवाज़े से बाहर की तरह चली जाती है । और घर के पीछे के दरवाज़े के थोड़ा आगे जाने के बाद दूरी पर खड़ी होते हुए आसपास का नज़ारा देखने लगते हैं ।।

वह सब देखकर उसकी आंखें चमक उठती है। और तभी उसके कानों में किसी की आवाज़ पड़ती हैं । वह अपना सर टेढ़ा करके देखती हैं। और उसके साथ ही उसकी सांसे हल्की सी तेज़ हो जाते हैं । आंखें भी बड़ी हो जाती हैं। होठों पर मुस्कुराहट खिल जाते हैं । वह जल्दी-जल्दी उस तरफ जाने लगते हैं । पर रास्ते में एक कंकड़ की वजह से मुंह के बल गिर जाती हैं। उसे बहुत तेज़ दर्द हो रहा था।।

वह अपने दर्द को पूरी तरीके से इग्नोर कर एक बार फिर से उठाते हुए उसे इंसान की तरफ कदम बढ़ा देती हैं। वह जैसे ही उसे इंसान के पास आते हैं। उसके कानों में उनके हंसने की आवाज़ पड़ती है । वह एकदम से थम जाते हैं। डेड और वही चाहत के दादा सामने खड़ी औरत को कमर से पकड़ मुस्कुराते रहे थे, और वही उस औरत के चेहरे पर भी मुस्कुराहट देख। चाहत उन दोनों की तरफ देखती हैं । और फिर उनके नजदीक बढ़ने लगते हैं। कि तभी उसे उस औरत की आवाज़ , उसके कान में पढ़ती हैं।।

" अच्छा हुआ चली गई , वरना जब तक थी, साथ में हमारे नाक में दम करके रख दिया था, कितना अच्छा होता कि उस वक्त वो मर जाती।

चाहत जो थोड़ी दूरी पर खड़ी थी , उसके दिल के हजारों टुकड़े हो जाते हैं । उसकी आंखों में जो चमक थी , वह फीकी सी पड़ जाते हैं । वह थोड़ा और आगे जा पाती की कोई उसके पास आ जाता है । और उसकी बाजू पड़कर अपनी तरफ खींच लेता है। चाहत सामने देखी हैं । अव्वियान को देख उसका गला सूख जाता है । तो घबराई हुई अपनी नज़रें चुराने लगते हैं ।।

अव्वियान दांत पीसते हुए उसके बिल्कुल झबड़े को मजबूती से दबाते हुए कहते हैं । __ " मेरी बात ना माने की सज़ा तो तुम्हें बुगाटी पड़ेगी ना। " बोलते हुए उसे बहुत ही बेदर्दी से खींचते हुए वहां से ले जाता है। वही वह शख्स जो अभी दूसरी तरफ देख रहे था , किसी के होने के एहसास से पीछे की तरफ पलट जाते हैं । पर वहां पर कोई भी मौजूद नहीं था।।

वही अव्वियान चाहत को जबरदस्ती खींचते हुए अपने कमरे में ले जाता है। और लगभग फ्रेश पर पटक देता है। चाहत उसे देखने लगती है । आंखों से आंसू बह रहे थे, वह कुछ कहने के लिए बस अपने होंठ हिलाते हैं कि अव्वियान अपने कोर्ट को लगभग उतार कर बेदर्दी से फेंकते हुए उसके पैरों को पकड़ कर खींच लेता है । चाहत की ज़ोरदार चींख निकल जाते हैं । वह पूरी तरीके से जमीन पर लेट चुकी थी अव्वियान एकदम उसके ऊपर आ जाता है।

"

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