चाहत जमीन पर लेटी हुई थी , वह डरी हुई नज़रों से अव्वियान की तरफ देखती है। अव्वियान जो एकदम उसके ऊपर झुक चुका था, उसकी आंखें बहुत ही ज़्यादा लाल हो चुकी थी, वह चाहत के जबड़े को मजबूती से पकड़ बिल्कुल उसके होटो के खिलाफ जाते हुए गहरी आवाज़ में कहता है । __ " क्या कहा था, मैंने तुमसे कहा था ना, अपनी एक उंगली भी जमीन पर मत रखना, फिर भी तुम बहार आई किस से पूछ कर , किसकी परमिशन से तुम बाहर गई थे । "
चाहत जो अभी के हुए इंसिडेंट में एकदम से काप चुकी थी अव्वियान की बात सुनकर डरी हुई पलकों से उसकी तरफ देखने लगती है। उसका शरीर कांपना शुरू हो चुका था, अव्वियान कुछ देर उसके डरे हुए सफेद पड़ चुके चेहरे को देखा है , और अपनी आंखें बंद कर लेता है । वह अपने होठों को हल्का सा राउंड कर गहरी सांस भरने लगता है । जैसे खुद को शांत कर रहा हो ।।
चाहत डरी साहमि सी उसके पैरों के बीच लेटी हुई थी, उसे बहुत ही तेज़ अपनी पीठ पर दर्द का एहसास हो रहा था, उसका पूरा सर घूम रहा था , उसके कान में बार-बार उन लोगों की आवाज़ जा रही थी। वह अपने सीने पर हाथ रख लेती है । उसे तेज़ दर्द अपने शरीर पर महसूस हो रहा था, अव्वियान उसके ऊपर से उठ जाता है और लगभग उसे कंधे पड़कर एकदम से खींचते लेता है फिर दांत पीस कर कहता है। । __ " get up ड्रेस अप योरसेल्फ , एंड बिहेव लाइक ए गुड गर्ल । " बोलते हुए उसे क्लोजेट की तरफ धकेल देता है।
चाहत बिना कुछ कहे सीधा क्लोजेट में चली जाती हैं । उसकी नज़र वहां पर रखे हुए काउच पर जाती है। जहां एक ब्लैक कलर का चमचमाता हुआ वन पीस रखा हुआ था, जिसमें बहुत ही बारीकी से वाइट सिल्वर का कम कर गया था, वह बहुत ही ज़्यादा शाइन कर रहा था, चाहत एक नज़र ड्रेस को देखती हैं । और फिर शीशे के सामने खड़े होकर खुद को , उसके बाल पूरे चेहरे पर झूल रहे थे, उसकी हालत बहुत ही ज़्यादा खराब थी, उसे देखकर लग ही नहीं रहा था कि वह इस हालत में कहीं भी जाने के लायक है । तभी उसे बाहर से आवाज़ आती है।
"ओन्ली 5 मिनट्स, ओन्ली 5 मिनट ऑदवाइज़ में अंदर आकर तुम्हें खुद अपने हाथों से कपड़े पहनाऊंगा। "
चाहत उस ड्रेस को उठाकर सीधा बाथरूम में चली जाते हैं । और कुछ देर बाद फ्रेश होकर उस ड्रेस को पहनकर बाहर आती है । उसकी सीलीव कंधों से हल्के नीचे किसकी हुई थी, उसके लंबे-लंबे बाल पुरे पीठ पर बिखरे हुए थे, जिसमें वह दाग जो पिठ पर थे और थोड़ा नीचे था, पूरी तरीके से ढक चुका था, चाहत जैसे ही बाथरूम के दरवाज़े पर अपना हाथ रखते हैं । उसके कानों में काउंटिंग की आवाज जाती हैं। एक... दो... तीन... चार और ...लास्ट पांच बोलते हुए दरवाजा खुल जाता है । चाहत जो दरवाज़े पर ही खड़ी थी , दरवाज़े का कोना सीधा चाहत के सर पर जाकर लगता है ।
वह अपने सर पर हाथ रख लेती है । अव्वियान चाहत को ऊपर से लेकर नीचे तक देखता है और बस उसके पलके एक लम्हे के लिए उस से नहीं हटती , चाहत पर वन पीस बहुत ही अट्रैक्टिव लग रहा था, उसका शरीर भले ही कमज़ोर हो गया था, पर उसकी खूबसूरती में रत्ती भर असर नहीं पड़ा था , बेहद खूबसूरत लग रही थी , उसने सिर्फ खुद को अच्छे से क्लीन करके उसे ड्रेस को पहना था, बॉडी पर जरा भी आर्टिफिशियल मेकअप नहीं था, इसमें उसके दूधया स्किन निखर रही थी ।।
उसका परफेक्ट शेप फिगर जो उस वन पीस में अट्रैक्टिव लग रहा था , उसके पैर के पास एक लंबा कट था, जो थाई तक आ रहा था , उसकी लंबी लंबी गोरी खूबसूरत टांगों को देखता है । जो बहुत ही कामाल लग रहे थे, वह उसके नज़दीक आ जाता है । चाहत ने अपने सर पर हाथ रखा हुआ था, अव्वियान को नज़दीक खड़ा होता है। उसके हाथ में एक ब्लैक कलर का बैंड था , वह उसके पैर को पड़कर अपने घुटने पर रख लेता है ।
चाहत अपने पैर को पीछे खींचने लगती है लेकिन अव्वियान उसके पैर को अपने पैर के ऊपर रख, उसे बैंड को उसके पैर पर चढ़ता है और फिर उसकी उंगलियां चाहत के पैर पर छेड़खानी करते हुए ऊपर की तरफ बढ़ रही थी, वह बिल्कुल उसे थाई पर ले जाकर उस बैंड को लगा देता है। जो ब्लैक और क्रिस्टल कलर का था, और बहुत ही शाइनी और अट्रैक्टिव लग रहा था, अव्वियान उसके पैर को देखता है। और फिर मैचिंग हिल्स निकालकर उसे पहन देता है । चाहत जीसे हिल्स की आदत नहीं थी, उसकी कदम लड़खड़ा जाते हैं।
अव्वियान खड़े होकर उसे कमर से होलड करते हुए एकदम से खुद के करीब करते हुए डीप वॉइस में कहता है। __ " चेहरे पर ज़रा मुस्कुराहट now आफ्टर all तुम अव्वियान अग्निहोत्री की बीवी हो, तो तुम्हारे ऊपर भी वही रोब होना चाहिए जो मुझ में है । " वो चाहत को लेकर बाहर आ जाता है । चाहत जिसे काफी अजीब सा महसूस हो रहा था, वह अपने बालों को थोड़ा सा आगे कर लेती है
जिस से उस पर किसी की नज़र न जाए , उसने अपने मुठिया मजबूत की हुई थी । वही अव्वियान जो उसे बाहर लेकर आ चुका था, उसकी नज़र उसे पूरी पार्टी हॉल में दूर तक दौड़ रही थी , उसके चेहरे पर एक बहुत ही अजीब से मुस्कुराहट लिए चाहत को देखता है। और फिर गहरी आवाज़ में कहता है। __ " ना गेम इस ऑन बहुत हो गई छिपा के रखना, अब फेस टू फेस होगा तभी तो असली मजा आएगा , जब खुद की ही बेटी को घुटनों के बल दर्द की ठोकर खाते हुए देखेगा, बोलते ही वह नफरत से पार्टी हॉल में खड़े कुछ लोगों को घूरने लगता है।
वही चाहत जिसने एक बार भी नज़र उठा कर नहीं देखे थे, उसे बहुत ही ज़्यादा अनकंफरटेबल महसूस हो रहा था, वह बिना देखे ही यह चीज़ बता सकते थी की अदे से ज़्यादा लोगों की नज़र उस पर है । कुछ उसे लास्ट भारी नज़रों से देख रहे थे, तो किसी की आंखों में अजीब सा गुस्सा भर आया था, किसी की आंखों में नफरत , अव्वियान चाहत की कमर में हाथ डाल उसे बीच-बीच लेकर आता है । और फिर सब की तरफ देखते हुए कहता है ।
" अटेंशन लेडीज एंड जैंटलमैन , आज इस पार्टी को रखने की खास वजह यह है । फर्स्ट ऑफ ऑल आज मेरे बच्चों का बर्थडे डे है । और.. और पार्टी में आपको किसी खास गेस्ट से भी मिलवाना चाहता हूं । "
उसकी नजर दो लोगों पर बहुत ही ज़्यादा गहरी हो चुकी थी, चाहत उसकी बात पर धीरे से अपनी पलके उठा कर सामने की तरफ देखती हैं । और उस के एक आई कांटेक्ट से उसके दिल में छिपे हुए हजारों जज़्बात उभर आते हैं। अव्वियान उन सभी की तरह दिखते हुए कहता है। __ " कंटिन्यू गैस पहले हम कुछ और कर ले , उसके बाद पार्टी को आगे बढ़ाया जाएगा, आप लोग कैरी ऑन कीजिए । "
बोलते हुए वह चाहत की कमर में हाथ डालता है , और दूसरा हाथ अपनी जेब में डालते हुए आगे की तरफ बढ़ने लगता है । चाहत बस उसके साथ-साथ किसी कटी हुई पतंग की तरह चल रही थी , उसको किसी चीज़ में रति भर इंटरेस्ट नहीं आ रहा था, अव्वियान उसे कान के पास झुक बहुत ही धीमी और डरावनी आवाज़ में कहता हैं। __ " यह क्या किसी जिंदा लाश की तरह चल रही हो , होठों पर मुस्कुराहट नहीं लाई जा रही या, फिर मैं तुम्हें जबरदस्ती लाकर दिखाओ "
अगम बोलते हुए उसकी कमर पर पिंक कर देता है। चाहत की हल्की सी दर्द भरी आह निकल जाती है। अव्वियान चाहत को लेकर सीधा एक कपल के पास आता है , और वहां पर उन्हें गेट की तरफ देखने लगता है । तभी उस के करीब एक आदमी जो की 55 56 साल का लग रहे थे , पर अपने आपको उन्होंने इतना मेंटेन कर हुआ था , कि उनकी एज 40 साल से काम नहीं लग रहे थे, वह शख्स अव्वियान को ग्रिड करने के लिए अपना हाथ आगे बढ़ते हैं कि अव्वियान टेढ़ी मुस्कुराहट के साथ कहता है।
" मीट माय वाइफ माय holl life मिसेज़ चाहत अव्वियान अग्निहोत्री , उन दोनों की नज़र चाहत पर चली जाती है । जो धीरे से अपनी पलके उठाकर सामने देखती हैं। तो उसका दिल जोरो से शोर करने लगता है । उसकी आंखें रन के लिए तैयार हो चुकी थी, वही वह शख्स बिना किसी एक्सप्रेशन से कहता है।
" हेलो मिसेज़ चाहत अग्निहोत्री नाइस टू मीट यू । " वह बहुत ही ज़्यादा फॉर्मेलिटी कर रहा था, चाहत का दिल जोरो से धड़क रहा था, उसकी आंखों से एक कतरा आंसू भाकर गिर जाता है। वही उसके सामने खड़ी हुई औरत चाहत के थोड़ा नज़दीक आती हैं । और उसे बहुत ही पॉलीटली गले लगाती है । "कंग्रॅजुलेशन बेटा तुम्हें इतना अच्छा हस्बैंड मिला है। "
वही अव्वियान जो चाहत को देख रहा था, वह बिना किसी एक्सप्रेशन के उन लोगों की तरफ देखते हुए कहता है। __ " आई होप आप लोगों को मेरी वाइफ पसंद तो आई होगी ना " उसने अपने शब्दों पर ज़ोर दिया था । उन लोगों के चेहरे पर कोई भी एक्सप्रेशंस नहीं थे , वह मुस्कुराते हुए ज़्यादा कोई कुछ नहीं कहता , सभी को यहां पर पता है। "अव्वियान अग्निहोत्री की चॉइस में जरा भी कंपलेटस नहीं होता, और यहां तो तुम्हारी बीवी है । इतनी खूबसूरत बिल्कुल परी जैसी। "
चाहत की आंखों से आंसू निकलना शुरू हो जाते हैं । वह अपने लोअर लिप को बाइट कर रही थी, अव्वियान कुछ देर उन दोनों की तरफ देखता है । और खाली आवाज़ में कहता है। " कुछ देर आप लोग जरा मेरी बीवी का ख्याल रखें, जरा में अपने कुछ इंपॉर्टेंट क्लाइंट से मिलकर आता हूं । " बोलते हुए वहां से आगे बढ़ जाता है । चाहत धीरे से उसे आदमी के नज़दीक आती है । और अपने छोटा सा हाथ आगे बढ़ाकर उसे आदमी की उंगली को पकड़ते हुए कहती है।
" पापा उसे शख्स की आंखें गहरी हो जाती हैं। वह दांत पीसते हुए कहता हैं । __ " तुम मेरी बेटी नहीं हो , अगर तुम मेरी बेटी होती तो मेरे घर की इज्ज़त की तरह घर पर होती, ना कि अपने इस आशिक की तरह भरी महफिल में मेरे सामने खड़े होकर एक ऐसा शख्स की बीवी बनाकर आई जिससे मुझे नफरत है । बेइंतहा नफरत । "
चाहत अपने चेहरे को ना में हिलने लगते हैं। उसके आंखों से आंसू धीरे-धीरे कर उसके गालों पर लुढ़क रहे थे , वह गहरी सांस भरते हुए कहती हैं । __ " पापा आप गलत समझ रहे हैं। मैं अपनी मर्जी से नहीं आई थी, मैं सच कह रही हूं , आप.. आप मेरे यकीन करिए ना, आप तो मेरे पापा हैं। आप ही मेरा यकीन नहीं करेंगे तो कौन यकीन करेगा , आप.. आप मुझे लेने क्यों नहीं आए , मैं आपका कब से इंतजार कर रही थी, प्लीज.. पापा मुझे अपने साथ ले चलिए, यहां पर मैं नहीं रह सकती, मुझे.. मुझे यहां पर घुटन होती है। यह लोग यह लोग मुझे बहुत मारते हैं । और गंदी-गंदी बातें भी करते हैं। प्लीज.. मुझे यहां से ले चलिए, आप लोग जैसा कहेंगे मैं वैसे ही रहूंगी, पर मुझे यहां नहीं रहना, पापा । "
तभी चाहत की मां चाहत को अपने हस्बैंड से दूर करती है । और उसके आगे खड़े होकर नफरत भरी आवाज़ में कहती है । __ " क्यों 7 साल पहले इतना कुछ कर, तुझे सुकून नहीं आया जो एक बार फिर से हमारी जिंदगी में लौटना चाहती है। वह तो शुक्र माना कि उसे जैसे आदमी ने तुझे अपनी बीवी बना लिया वरना, जैसी तेरी हरकतें है ना तेरी कभी शादी भी नहीं होती , कम से कम उसने तुझे से शादी कर अपने घर तो लेकर आया , जो भी हो जैसा भी हो , तुझे बर्दाश्त करना पड़ेगा, और अब अगर दोबारा ऐसी बातें करें तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा, समझी तुम। "
चाहत जल्दी से उस औरत का हाथ पकड़ कर तेजी से सर ना में हिलाने लगती हैं। उसके बाल उसके चेहरे पर आ रहे थे, और आंसू उसके गाल पर बहते हुए आ रहे थे, और रोते हुए कहते हैं । __ " मां आप तो मम्मी है ना मेरी, आप ऐसे कैसे कह सकती हैं । मुझे.. मुझे यहां पर नहीं रहना है । प्लीज मुझे अपने साथ ले चलिये , आप लोगों के कहने पर घर के कमरे के अंदर से बाहर भी नहीं आऊंगी, बस मुझे यहां नहीं रहना है । आप लोग समझ क्यों नहीं रहे। हैं। "
चाहत के पापा आगे आते हैं । और अपनी बीवी का हाथ पकड़ चाहत से दूर करते हुए कहते हैं। "चलो यहां से इसका दिमाग खराब हो गया है। जैसे 7 साल पहले कर रही थी बिल्कुल अभी वैसे ही बिहेव कर रही हैं। " यह बोल वह आगे की तरफ बढ़ जाते हैं । " वही चाहत की मॉम जो पीछे थी वह चाहत की तरफ नफरत से देखते हुए कहती है।
" तुम खुशी डिजर्व ही नहीं करती चाहत , तुम्हारा नाम भले ही चाहत है। लेकिन किसी को भी तुम्हारी चाहत नहीं होगी, क्योंकि तुम वह लड़की हो जिसे की जिंदगी पूरी तरीके से बर्बाद हो गई थी, मुझे तो लगा था कि कम से कम इस सब के बाद तुम्हारी जिंदगी खत्म हो जाएगी , और हम लोग सुकून से रह पाएंगे, पर अनफॉर्चूनेटली तुम जिंदा बच गए, इतना कुछ होने के बावजूद तुम जिंदा बच गए , क्या तुम्हें जरा भी हम पर रहम नहीं आता , अगर तुम्हारी जगह कोई और लड़की होती तो कब का जहर खाकर, या एसिड पीकर अपने आप को मार चुकी होती , पर तुम तो बहुत ही ज़्यादा डिलठ हो, कैसे मारो गी भला क्योंकि तुम डरपोक हो, खुदगर्ज हो, यू अर ए सेलफिश चाहत , अगर तुम सेल्फिश नहीं होती तो अपने मॉम पापा के लिए खुद को मार जरूर सकती थी। "
चाहत भीगी पलके उठाकर उन्हें देखने लगती हैं । उसके होंठ बुरी तरीके से काप रहे थे , चेहरा पूरी तरीके से लाल हो चुका था , वह अपने सूखते हुए होटो से कहती हैं । __ " मां आप ऐसे कैसे कह सकती है। मैं तो. मैं तो आपकी बेटी हूं ना , आप मुझसे प्यार करती थी, चाहत की मां उसे गुस्से से घूरते हुए कहती है।
" मेरी सिर्फ और सिर्फ एक ही बैठी है। जिसने मेरा नाम रोशन कर है ना कि तुम जिसे हमारी इज़्ज़त को भरी महफिल में उछलना से पहले एक बार भी नहीं सोचा, काश तुम उस वक्त मर जाती तो कितना अच्छा होता। " बोलते हुए वह चाहत को धक्का देती है। वह लोग थोड़ा आउटसाइड पर खड़े थे , जिस वजह से उन लोगों की बातें किसी को सुनाई नहीं दे रही थी, और अचानक धक्का लगने से चाहत मुंह के बाल जमीन पर गिर जाती है।
उसकी आंखें बुरी तरीके से भीग जाती हैं। उसका दिल जोरो से धड़क रहा था , उसे सांस नहीं आ रही थी, उसे हिचकी आने लगती है । तभी उसे किसी के चमचमाती हुई जूते दिखाई दिखाई देते हैं वह धीरे से अपनी नज़र उठाकर सामने देखती हैं । वह शख्स उसे जल्दी से कंधों से पकड़ कर ठीक से खड़ा करते हुए कहते हैं। " आर यू ओके " चाहत उसे खुद से दूर करती हैं और जल्दी से दूसरी तरफ भाग जाती हैं । उसे बहुत ही ज़्यादा डर लग रहा था , वह शख्स खुद बड़-बढ़ाते हुए कहता है ।
" अजीब लड़की है। गिरती पड़ती रहती है। और मदद करो तो कुछ कहती नहीं है । जल्दी हो तब रोती ही रहती है । बोलते हुए वह दूसरी तरफ देखा है और उसकी नज़र एक हस्ती हुई लड़की पर जाकर रुक जाती हैं । वह मुस्कुराते हुए कहता है। " दिलरुबा आ रहा हूं मैं तुम्हारे पास'



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