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मत करिए न

चाहत डरी हुई नजरों से अव्वेयान की तरफ देख रही थी जो धीरे-धीरे अपने हाथ में पकड़ी हुई कैंची को उसी की तरह बढ़ा रहा था अव्वेयान एक नजर उसके डर से सफेद पढ़ते हुए चेहरे को देखता है और थोड़ा सा उसके नजदीक बढ़ उसे अपने गले लगा लेता है ।

चाहत उसके सीने पर हाथ रख उसे दूर करने की कोशिश करते हुए कहते हैं, प्लीज डॉन'टी मत मत करिए ,

अव्वेयान उसके कान में गहरी सांस छोड़ते हुए आहिस्ता से उसके सारे बालों को समेटे हुए आगे की तरफ कर देता है ।

चाहत अपने नाखून उसके सीने पर धासे देते हैं बाल हल्का-हल्का उसे कांच के टुकड़े से टच हो गए थे जिससे खून और चाहत का दर्द दोनों ही बढ़ चुका था

अव्वेयान उसके दर्द को नजर अंदाज करते हुए उसकी पीठ की तरफ देखा है जहां जख्म गहरे थे वो कुछ सोच कर उसे कांच के टुकड़े के पास अपनी उंगलियों के ले कर जाता है और एक ही बार में उस टुकड़े को खींचकर अलग कर देता है । चाहत अपने नाखून उसके सीने पर कस के गढ़ा देते हैं अव्वेयान का चेहरा बिल्कुल एक्सप्रेशन लेस हो चुका था वह बिना किसी एक्सप्रेशंस के चाहत के नाजुक छोटे से हाथों को अपने सीने पर महसूस कर रहा था उसकी आंखें अपनेआप बंद होने लगते हैं तभी उसके कानों में चाहत के इस सिसकिया सुनाई पड़ते हैं । वह तुरंत अपनी आंखों को खोल चाहत की फ्रॉक को एक ही बार में फाड़ने वाला होता है कि उसके कानों में चाहत की रोती हुई आवाज पड़ती है , प्लीज इसे मत मत फाड़िए मेरे पास मेरे पास और कपड़े नहीं है प्लीज इसे मत पढ़िए बोलते हुए वह अपने आंसुओं से अव्वेयान की शर्ट को भिगो रहे थे

अव्वेयान एक पल के लिए रुकता है पर अगले ही पल उसकी उसे ड्रेस को फाड़ कर उसके शरीर से अलग करते हुए कहता है । कोई बात नहीं मेरे पास बहुत कपड़े हैं तुम मेरे कपड़े पहन सकती हो मैं एतराज नहीं करूंगा आफ्टर ऑल तुम्हारा पति हूं भले ही जबरदस्ती से बनाया हुआ क्यों ना हो .।

चाहत बिना कुछ कहे अपने चेहरे को उसके सीने में धस लेते हैं, उसे बहुत दर्द हो रहा था अव्वेयान अपनी ठंडी उंगलियां उसके पुराने जख्म के पास लेकर जाता है जो गहरा हो गया था, पर भरा नहीं था उसकी ठंडी उंगलियां चाहत अपनी पीठ पर महसूस कर रही थी , और दर्द से सिसक रही थी

अव्वेयान उसे बेड परपेट के बल लेट देता है .

चाहत घबराते हुए उठने लगते हैं अव्वेयान बहुत ही सेंसेशनल तरीके से उसके हाथों पर उंगलियां चलाते हो उसके कान के पास गर्म सांस छोड़ते हुए गहरी आवाज में कहता है , जिस चीज का तुम्हें अभी इतना खौफ आ रहा है वह करके दिखा दूंगा वरना खामोशी से लेटी रहो,, बोलते हुए उसने चाहत की इनर पर हाथ रख एक ही बार में खोल देता है।

चाहत की सांस गले में अटक चुकि थी उसने अपना चेहरा ताकि में घुसा लिया था उसे बहुत ही ज्यादा घबराहट डर परेशानी दर्द न जाने कितने सारे एक्सप्रेशंस एक साथ ही उसके चेहरे पर आ रहे थे,

अव्वेयान आहिस्ता से उसकी पीठ पर कॉटन से उसके जख्म को साफ करने लगता है ।

चाहत अपना हाथ आगे बढ़कर उसके हाथ में अपने नाखून बढ़ते हुए कहते हैं, प्लीज मत करिए दर्द हो रहा है । बोलते हुए वह गहरी सांस ले रहे थे अव्वेयान उसके हाथ को देखता है। और बिना रुके उसके जख्म को आहिस्ता आहिस्ता फूंक मारते हुए उस पर पट्टी करने लगता है ।

चाहत उसकी गर्म सांसों को अपने पिट पर महसूस कर बिना कुछ कह अपना चेहरा दूसरी तरफ पलट लेती है जहां खिड़की से चांद की रोशनी अंदर आ रहे थे वह चलती ठंडी हवा जिससे पर्दे लहर आ रहे थे बाहर का मौसम काफी सुहाना था ,तो वही अव्वेयान बिना किसी एक्सप्रेशंस के धीरे-धीरे उसके jakhm पर फूंक मार रहा था ।

चाहत जिसे अब हल्के हल्के राहत से मिल रही थी वो पिल्लों पर अपना सर रखकर बाहर के मौसम को देखने लगती है । पूरा कमरा अंधेरे से भरा हुआ था उस अंधेरे कमरे में कुछ भी चंद की रोशनी के अलावा कुछ ओर दिखाई भी नहीं दे रहा था ।

अव्वेयान उसके मलहम लगाकर उसे दूर हो क्लोजेट में जाकर अपनी एक ब्लैक कलर की शर्ट लेकर आता है और चाहत के कंधे पर हाथ रखते हुए केहता है । get up early and wear this

चाहत भीगी हुई पलकों से उसे देखती हैं और उठने के लिए खुद पर जोर देती हैं कि उसे अपने पिट पर दर्द महसूस हो रहा था अव्वेयन एक नजर उसे देखा है उसका भीगा हुआ गुलाबी पड़ चुका चेहरा लंबी-लंबी पलके जिस आंसू की बूंदे लगी हुए थी जिसमें वह बहुत ही खूबसूरत लग रहे थे, वही चंद की रोशनी चाहत के चेहरे पर पढ़ने से उसका खूबसूरत be दाग chota sa चेहरा जिसमें मासूमियत के साथ-साथ दर्द झलक रहा था। वह कितनी प्यारी लग रही थी

अव्वेयान उसे देखते हुए मन में कहता है । कोई रोते हुए भी इतना खूबसूरत कैसे लग सकता है । उसे अपनी बात पर ध्यान ही नहीं था वो चाहत में खोए हुए क्या के रहा था जैसे ही उसे एहसास होता है । उसका चेहरा सख्त हो जाता है।वो अपनी नजरे चाहत से हटने की कोशिश करता है।

उसकी नजर चाहत के चेहरे से हट ही नहीं रही थी वह उसके होठों को देखने लगता है जो बहुत ही ज्यादा फड़फड़ा रहे थे वह गुलाबी होंठ जिनकी रंगत लाल पड़ चुकी थी ,

अव्वेयान की नजरे उसके होठों पर कुछ गहरे से हो जाते हैं चाहत भी उसे देख रही थी दोनों की नजरे एक दूसरे पर बरकरार थी,

अव्वेयान की तपिश भरी हुई नजरे चाहत से जब खुद पर बर्दाश्त नहीं होती वह अपनी नज़रें फेर लेती है अव्वेयान उसकी झुकती हुई पलकों को देखकर अपने सेंस में आता है।

अव्वेयान आगे बढ़ाकर उसके नजदीक बैठ जाता है। उसकी नजर चाहत के चेहरे पर बरकरार थी उसने एक बार भी अपनी नजर नीचे कर कर उसके वजूद पर उसके जिस्म पर नहीं डाली थी जो पूरी तरीके से उसके सामने था वह आगे बढ़कर चाहत के नरम हाथों पर अपना हाथ रखता है ।

चाहत की दर्द भरी aahhhh निकल जाती है।

अव्वेयान उसकी हाथ की तरफ देखता है जहां पर खून लगा हुआ था। और कुछ कांटे घुसे हुए थे वह आहिस्ता से उसे अपनी शर्ट पहना पूरे बटन लगाते हुए उसका कॉलर के पास का एक आखरी बटन छोड़ देता है ।

चाहत शर्म से पूरी लाल हो चुके थे

भले ही वो दोनों पहले भी अब कुछ के चुके उन दोनों ने एक दूसरे को देख लिया था और ऐसे अव्वेयान का उसे देखना उसे शर्म में डूबने ओर मजबूर कर रहा था ।

अव्वेयान उसके हाथों का अपने हाथ में लेकर उसके हाथों को देखने लगता है उसका बड़ा से हाथ पर चाहत के छोटे सा हाथ था और वह ऐसे घूर रहा था जैसे वह उसके हाथ न होकर जाने कोई जानलेवा चीज हो,

चाहत उसे खुद का हाथ इस तरीके से घूरता देख र

तुरंत अपने हाथों को पीछे खींचने लगते हैं

अव्वेयान उसके कलाई पर अपने पकड़ हल्की सी मजबूत कर देता है ।चाहत धीरे से अपनी नजर उठा कर उसे देखते हैं और अपने हाथ को पीछे खींचते हुए कहते हैं,, मत करिए रहने दीजिए वह खुद ही ठीक हो जाएगा ज्यादा ज्यादा नहीं लगे हैं । वह धीरे-धीरे से सिसक रही थीं उसे दर्द तो बे हिसाब हो रहा था और इतना भी नहीं कि वो बर्दाश्त न कर सके ,,

अव्वेयान उसकी तरफ देखता है फिर वापस उसके हाथों की तरफ देखते हुए कहता है, तुम्हें नहीं लगता तुम्हारे हाथ कुछ ज्यादा ही छोटे हैं कोई तुम्हें देखकर कहेगा

अव्वेयान अग्निहोत्री की वाइफ हो the

अव्वेयान अग्निहोत्री जिसका सिक्का पूरे में चलता है

अपने खाने पीने पर ध्यान दो और थोड़ी हेल्थ बनाओ वरना मैं अपने हिसाब से तुम्हारा साइज बढ़ा दूंगा,

चाहत कन्फ्यूजन से उसे देखने लगती हैं

अव्वेयान उसके हाथों पर बैंडेज m

कर उसके हाथों को छोड़ देता है उसने उसको पूरे हाथों पर पट्टी बांधे थे उसके हाथ देखने में ऐसे लग रहे थे जैसे कि उसने दस्ताने पहन रखे हो वह अपने हाथों को घूरना शुरू कर देती हैं।

उन दोनों के दरमियान बातें सिर्फ एक तरफ हो रहे थे

वो अव्वेयान ही था जो कुछ ना कुछ कह रहा था चाहत या तो उसके बातों का जवाब दे देती या फिर उसे पूरी तरीके से नजरअंदाज कर देता पर कुछ तो था

अव्वेयान में जहां चाहा उससे डर नहीं रही थी वरना कोई भी लड़का उसके आसपास होता है । या तो उसकी दर से चीख निकल जाती है या वह तुरंत वहां से गायब हो जाती थी,

अव्वेयान उसकी तरफ पीट करके खड़ा हुआ था वह शायद अपने फोन में कुछ कर रहा था चाहत उसकी बैक को देखते हैं । और आहिस्ता से बेड से उतरते हुए बाहर की तरफ कदम बढ़ने लगते हैं। तभी उसके कानों में

अव्वेयान की सख्त आवाज

पढ़ती है , किधर जा रहे हो?

चाहत उसके सवाल पर बहुत ही धीमे से कहते हैं। बा

बाहर

अव्वेयान उसकी तरफ पलट अपने दोनों हाथ सीने पर बंद उसे घूरते हुए कहता है। किस खुशी में बाहर जा रहे हो

चाहत उसकी बात पर अपने हाथों को मसलते हुए डरी हुई से आवाज में रहती है, वह रात रात हो गई है ना तो तो मैं सोने सोने जा रही थी

अव्वेयान उसकी तरफ कदम बढ़ाते हुए बिल्कुल उसके नजदीक आने लगता है

चाहत उसे अपनी तरफ कदम बढ़ाता देखकरधीरे-धीरे अपने कदम पीछे लेने लगते हैं और एक लम्हा ऐसा आता है जब वह पूरी तरीके से दीवार से चिपक जाते हैं

अव्वेयान उसके दोनों तरफ अपने हाथों को रखते हुए गहरी आवाज में कहता है, हां तो यह तुम्हारा कमरा है तो तुम कहां जा रही हो सोने ?

चाहत उसकी बात पर अपना सर धीरे से नाम हिलाते हुए कहती हैं यह यह मेरा मेरा कमरा नहीं है मेरा मेरा कमरा तो दूसरा है यह आपका आपका कमरा है वह बहुत ही मुश्किल से उसका जवाब दे रहे थे

अव्वेयान की आंखें छोटी हो जाते हैं वह उसकी चिन्ह को पकड़ते हुए ऊपर करता है ।

चाहत अपनी पालक एकदम नीचे झुका लेते हैं जैसे उसकी आंखें बंद हो गई हो

अव्वेयान उसके चेहरे को देखने लगता है माथे पर डर की वजह से पसीने ने अपनी जगह बना ली थी उसका सफेद पड़ता चेहरा और नाक पर वह छोटी सी काले रंग की नोज पिन जो उसके नाक पर बहुत ही खूबसूरत लग रही थी उसके खूबसूरत से होठ जिनके ठीक ऊपर एक काले रंग का तिल था जो उसके होठों की खूबसूरती को और ज्यादा बढ़ा रहा था

अव्वेयान एक बार फिर से उसके होठों पर फोकस्ड हो चुका था चाहत उसे कुछ ना बोलना देख

अव्वेयान को अपने नजर उठाकर देखती है।

अव्वेयान की तरह देखते हैं अव्वेयान कि वह गहरी नीली आंखें

चाहत की हानि गोल्डन आंखों से जा मिलते हैं जिसमें अनकहे हजार सवाल मौजूद थे, चाहत उसे खुद को इस तरीके से देखता पाकर अपनी नजर नीचे करते हुए कहते हैं, मैं जाऊं आप

अव्वेयान उसकी बात पर उसे गहरी नजरों से देखने लगता है क्या थी यह लड़की इतनी जख्म अपने शरीर पर लिए हुए अपने दर्द को अपने अंदर समेट कर इतनी मासूमियत से कह रही थी कि वह जाए अव्वेयान अगले ही पल झुक कर उसे आहिस्ता से अपनी बाहों में उठा लेता है चाहत घबरा कर जल्दी से उसके सीने पर हाथ रख डरी हुई आवाज में केहते हैं। यह आप आप क्या-क्या कर रहे हैं कहां कहां लेकर जा रहे हैं ।

अव्वेयान उसे वापस बेड पर बैठे हुए उसके होठों पर उंगली रख देता है चाहत खामोश हो जाती हैं बड़ी-बड़ी आंखों से उसे देखने लगते हैं अव्वेयान उसे देखते हुए कहता है तुमने अभी कुछ खाया भी नहीं है और तुम्हें क्या लगता है

जख्म पर मलहम लगाने से जख्म ठीक हो जाते हैं तो तुम बिल्कुल गलत सोचती हो जख्म तासुर बन जाते हैं और उसके बाद इंसान की मौत पक्की हो जाती हैं ।

चाहत जो घबराई हुई नजरों से उसे देख रही थीं उसकी आंखें चमक उठती हैं वह चमकती हुई आंखों से उसे देखते हुए कहती हैं। क्या सच में अगर हम दवाई नहीं लगाएंगे इन जख्म पर तो इससे इंसान आसानी से मर जाएगा, वह अव्वेयान की तरफ देख रही थी।

अव्वेयान को दिल में एक अजीब सी टीशा उठती है उसने कितनी आसानी से यह बात कह दी थी उसका चेहरे पर कोई एक्सप्रेशंस मौजूद ही नहीं थे अव्वेयान उसकी बात पर अपनी नज़रें उस से फेरते हुए खड़ा हो जाता है

फिर शर्ट के बटन खोलते हुए कहता है। माय लिटिल डिजायरेबल पपेट तुम्हें मौत की चाहत हो रही है। अभी मैं

मैने तुम्हारी जिंदगी को ठीक से नर्क भी नहीं बनाया और तुम्हें मौत को गले लगाने की पड़ी है । तुम्हारा कोई जख्म में इतना गहरा होने ही नहीं दूंगा कि तुम्हें मौत के नजदीक जाना पड़े और अगर ऐसा हुआ भी तो मैं तुम्हें वहां से भी खींच कर ले आऊंगा जब तक मेरा बदला पूरा नहीं हो जाता ।

चाहत उसके बाद पर उसकी पीठ को घूरने लगती हैं और उसे घूरते हुए ही कहती हैं। तो आपका बदला कब पूरा होगा कि आप मुझे मरने देंगे उसके बाद वह अभी भी मासूमियत से सवाल कर रही थी।

अव्वेयान उसके दो सवालों पर एकदम गुस्से से भर जाता है वह उसकी तरफ पीट करके खड़ा हुआ था उसे अव्वेयान का चेहरा बिल्कुल दिखाई नहीं दे रहा था वही अव्वेयान के हाथों की नसें फूलना लगे थी और चेहरा बिल्कुल लाल हो गया था ।

चाहत उसे जवाब ना देता हुआ देख अपने पैर नीचे की तरह बढ़ते अव्वेयान गहरी आवाज में कहता है ।एक कदम भी नीचे मत रखना मैं बस आ रहा हूं और अगर तुम यहां से हिली तो मैं तुम्हें अभी मौत और जिंदगी के बीच का फ़ासला खत्म करके दिखाऊंगा पर मरने तो तुम्हें बिल्कुल भी नहीं दूंगा बोलते हुए वह सीधा बाथरूम में घुस जाता है चाहत कन्फ्यूजन से उसे देखने लगते हैं और फिर खुद से ही कहते हैं क्या मैं कुछ गलत कहा यह तो अच्छी बात है ना मैं मर जाऊंगी

तो सारे के सारे प्रॉब्लम से खत्म हो जाएंगे बोलते हुए वह बाथरूम के दरवाजे को देख रही थी ।।

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