अव्वेयान ठंडे शावर के नीचे खड़ा हुआ था उसके दोनों हाथ दिवार पर टिके हुए थे, और सर जमीन की तरफ था शावर का ठंडा पानी उसके सर से होते हुए बॉडी पर फिसल रहा था उसकी खूबसूरती इतनी थी कि शब्दों में बयां करना नामुमकिन जैसा था, अपने हाथ को दूर करता है और एक जोरदार पंच बना कर दीवार पर मरता जिससे हाथ पूरा लाल पड़ जाते हैं । और उसे दीवार पर हल्का सा क्रैक आ जाता है । उसकी आंखों के सामने चाहत का दर्द से भरा हुआ चेहरा था । जिसमें वह चमकती हुई आंखों से मौत की फरियाद कर रहे थे।
अव्वेयान काफी देर से इसी तरीके से शावर के नीचे खड़ा हुआ था, खुद के गुस्से को शांत कर रहा था कुछ देर बाद वह अपनी वि शप कमर पर टॉवल लपेटे हुए बाहर आता है। उसकी नजर बेड पर बैठी हुई चाहत पर जाती हैं जो अपने दोनों हाथों को एकतक देख रही थी उसे देख ऐसा लग रहा था जैसे किसी गहरी सोच में घूम हो
वो उसे एक नजर देखा अपने बालों को ड्रायर से सुखाते हुए केहता है। तुम्हें भूख नहीं लगी क्या ?
चाहत जो किसी गहरी सोच में डूबी हुई थी उसे तो एहसास ही नहीं हुआ अव्वेयान कब कमरे में आया अचानक अव्वेयान की आवाज सुनकर काफी ज्यादा घबरा जाती है वह कुछ कहते हैं उससे पहले ही दरवाजे पर कोई नौक करता है। अव्वेयान ड्रायर को बंद कर सिद्ध कमरे के बाहर चला जाता है। जहां एक लेडी सर्वेंट हाथ में खाने की ट्रे लिए हुए खड़े थे ।
अव्वेयान उसके हाथ से ट्रे ले उसके मुंह पर दरवाजा बंद कर देता है । वह सर्वेंट जो अव्वेयान को घूर रही थी अचानक दरवाजा बंद होने पर एकदम से चमक जाती हैं। जल्दी से वहां से भाग जाते हैं।
अव्वेयान प्लेट ले चाहत की तरफ पलटा है। चाहत उसकी तरफ देखने लगती है अव्वेयान का वह चौड़ा कसा हुआ सीना पर नाखूनों के निशान काफी गहरी हो गए थे वो बिना पलके झपकए उसके सीने को घूरने लगती हैं ।
वही अव्वेयान जिसके हाथ में खाने की ट्रे थी वह उसे कॉफी टेबल पर रखते हुए कहता है । अगर तुमने अपनी यह हवस भरी नजरों से मुझे देख लिया है तो क्यों ना खाना खा लो वैसे भी बड़ी कमजोर सी लग रही हो मुझे झेलने के लिए तुम्हारे अंदर ताकत भी तो होनी चाहिए उसकी आवाज बेहद रूड थी।
चाहत उसकी तरफ देखते हैं और फिर ना में सर हिलाते हुए कहते हैं, मुझे मुझे भूख नहीं है मैंने मैंने पहले ही खा लिया था
अव्वेयान उसे घूरता है हुए जाकर सीधा क्लोजेस्ट की तरफ कदम बढ़ा देता है । चाहत जो उसके होने पर शांत थे उसके बिना कुछ कहे चले जाने पर उसे थोड़ा सा अजीब लगता है । पर वह अपने ख्याल को झांकते हुए चुपचाप वैसे ही बैठे रहते हैं, उसे तो बस कैसे भी करके यहां से निकलना था।
अव्वेयान कुछ देर बाद एक ब्लैक कलर का ट्राउजर पहने हुए बाहर आता है । उसके बाल माथे पर बिखरे हुए थे वह मेंसे बालों में बहुत ही अट्रैक्टिव लग रहा था , उसके कसे हुए शोल्डर मजबूत सीना परफेक्ट बिस्किट जैसे एप्स जो रात की चांदनी में बहुत ही ज्यादा अट्रैक्टिव लग रहे थे।
चाहत उसे बिना किसी इमोशंस के देखती हैं और वापस नीचे जमीन की तरफ घूरने लगते हैं ।
अव्वेयान सीधा काउच पर बैठ जाता है उसने अपने दोनों हाथ फैलाए हुए थे वह चाहत को लगातार जमीन को घूरते हुए हुए देखकर कहता है , आई नो मेरा मार्बल बहुत ही ज्यादा एक्सपेंसिव है पर इसका यह मतलब तो नहीं कि तुम्हारे मन में इसे बेचकर पैसे लेने का प्लान बनने लगे,,
चाहत कन्फ्यूजन से उसे देखते हुए कहते हैं , पर मुझे मुझे पैसे पैसे नहीं नहीं चाहिए मुझे जरूरत ही नहीं है सब कुछ मुझे मुझे ऐसे ही मिल जाता है उसने बहुत ही लड़खड़ाती हुई आवाज में मासूमियत से कहा था
।
अव्वेयान उसकी आंखों में देखने लगता है ना जाने क्यों उसकी आंखें उसे बेचैन कर रहे थे उसके दिल में एक अजीब से बचने से उठने लगती है ।
चाहत अभी भी उसे देख रहे थे अव्वेयान उसे देखते हुए अपनी नज़रें उस पर से हटाते हुए गहरी आवाज में कहता है , कम फास्ट मेरे पास इतना टाइम नहीं है कि मैं तुम्हारे लिए इंतजार करूं इधर आओ और चुपचाप खाना खाओ
चाहत उसके बाद पर आहिस्ता से अपनी जगह से उठती है तभी अव्वेयान की नजर काउच के पास बिखरे हुए कांच पर जाते हैं । उसने क्लीन नहीं करवाया था वही चाहत जो उसके नजदीक आ चुकी थीं उसका पैर जैसे ही उस कांच में लगने वाला होता है । अव्वेयान फुरर्ती से खड़े होकर तुरंत उसे अपनी बाहों में उठा लेता है । उसकी स्पीड इतनी ज्यादा थी की चाहत को समझ ही नहीं आया एक पल के लिए आखिर हुआ क्या? जब उसे अव्वेयान के गर्म बहे अपने आसपास महसूस होती है वह धीरे से अपना चेहरा उठाकर उसे देखने लगती है।
अव्वेयान उसे ले जाकर वापस बेड पर बैठता है । ट्रे को उठाते हुए कहता है , तुम्हें यहां पर आने की जरूरत नहीं है मैं तुम्हारे लिए खाना लेकर आ रहा हूं बोलकर वह उसके नजदीक आकर खाने में से प्लेट हटा देता है चाहत उसे खाने को देखने लगते हैं
उसके चेहरे पर एक अजीब से कशमकश थी अव्वेयान उसे देखते हुए कहता है। अब क्या हुआ खाओ खाना
चाहत अपना सर ना म हिलाते हुए धीरे से कहते हैं , नहीं मैं यह खाना यह खाना कैसे खा सकती हूं ?
अव्वेयान उसके तरफ ऐसे देखता है। जैसे अभी उसे ही कच्चा निगल जाएगा वो अपने आप को शांत रखते हुए दांत पीसकर कहता है। व्हाट दो यू मीन बाय that कि कैसे खा सकती हो यह खाना है बाइट बना कर खा लो इसमें भी मैं तुम्हें क्लासेस दु कितनी बड़ी हो चुकी हूं पर तुम्हारे अंदर दिमाग नाम की चीज नहीं है क्या ? बिल्कुल बच्चों की तरह हरकतें कर रहे हो तुमसे ज्यादा समझदार तो मेरे वह छोटे अभियुक्त और चेरी है । कम से कम उन्हें खाना खाना तो आता है ।
अव्वेयान जो अभी कुछ देर पहले से इतने प्यार से बात कर रहा था अचानक गुस्सा करने से चाहत की सांस गले में अटक जाते हैं। वह डर गई थी अव्वेयान के दहाड़ने से वह अपनी आंखों में आए हुए आंसुओं को साफ करते हुए रोधी आवाज में कहती हैं। अगर अगर मैं खाना खाना खाऊंगी तो दादी दादी मारेंगे मैं यह खाना यह खाना नहीं खा सकती ।
अव्वेयान की आंखें कुछ छोटी हो जाती हैं , वह उसे घूरते हुए कहता है , और ऐसा वह क्यों करेंगे भला तुम्हारे साथ?
चाहत उसकी बातों में गुस्सा भापते हुए डारी हुई आवाज में केहती हैं, मेरे खाना खाने से घर का घर का राशन राशन खत्म हो जाएगा तो तो फिर बाकी लोग कुछ कुछ भी नहीं खा पाएंगे इसलिए मैं खाना नहीं नहीं खाती दादी दादी कहती हैं । जो जो उनके खाने के बाद बेचेगा वही मैं खाऊंगी वह भी वह भी कभी-कभी रोज खाऊंगी तो जल्दी-जल्दी राशन खत्म हो जाएगा बोलते हुए वह अपना चेहरा नीचे कर लेती है । उसकी आंखों में आंसू आ चुके थे उसे वह दिन याद आ रहे थे जब चाहत खाना खा रही थीं रूक्मणी जी ने उसके हाथों से प्लेट छीन कर जमीन पर पटक दिया था , उसके बाद से उसे खाना सिर्फ तभी मिलता था जब रुक्मणी जी चाहती थी ।
अव्वेयान की आंखें लाल होने लगते हैं वह अपना हाथ जैसे ही चाहत की तरह बढ़ता है । चाहत डर से पीछे हो जाती हैं उसे लगा था अव्वेयान उसे थप्पड़ मारेगा अव्वेयान उसे खुद से इस कदर डरता देख अपना हाथ नीचे कर लेता है । उसकी मुट्ठियां मजबूत हो गई थी और नशे उभर रही थी , वो एक बार फिर अपना हाथ उठाकर धीरे से उसके सर पर रख उसके सर को सहलाते हुए कहता हैं, मैंने कहा ना कोई कुछ नहीं कहेगा तुम्हें खाना खाओ चुपचाप,
चाहत भीगी आंखों से उसकी तरफ देखती हैं ।अव्वेयान की आंखें जरा सी नरम पढ़ गई थी चाहत धीरे से हाथ बढ़ाकर चम्मच उठाने की कोशिश करती हैं पर दोनों हाथों में अव्वेयान ने पट्टी कर दी थी जिस वजह से खाना खा ही नहीं पा रहे थे, उसके आंखों से आंसू और ज्यादा तेज हो जाते हैं अव्वेयान उसे इस कदर रोता हुआ देख टिशू पेपर उठा उसके चेहरे को साफ करते हुए कहता है । रिलैक्स डिजायरेबल पपेट रिलैक्स में हूं ना मैं खिला देता हूं डोंट वरी उसकी आवाज बहुत नॉर्मल थी।
चाहत को समझ नहीं आ रहा था आखिर यह इंसान अचानक कैसे बदल गया यह तो वही इंसान था जो उसे जबरदस्ती किसी हद तक टॉर्चर करके अपने साथ लेकर आया था ,और अब अपने हाथों से खाना खिला रहा था ।
अव्वेयान एक निवाला बना कर उसकी तरफ बढ़ा देता है चाहत धीरे से मुंह खोलकर उसे व्हाइट को अंदर ले लेते हैं उसकी आंखें अपने आप बंद हो गई थी ,उसे याद नहीं था कि उसने लास्ट टाइम खाना कब खाया था ।
वहीं अव्वेयान के कानों में चाहत के कुछ दिन पहले की बात गूंज रहे थे, जब वो देर रात घर लौटा था चाहत घर में बने हुए मंदिर में बैठकर भगवान से खाना मांग रहे थे उसकी आंखें अचानक से गीली हो जाते हैं । वो धीरे-धीरे करके चाहत को थोड़ा सा खाना खिलाता है । चाहत अपना मुंह पर हाथ रख अव्वेयान को रोकते हुए कहते , नहीं मेरा पेट भर गया मैं अब और नहीं खाऊंगी उसे अभी भी डर था , कहीं रुक्मणी जी को पता चल गया तो वह उसे मारेंगे। अव्वेयान उसे घूरते हुए कहता है बस आधी रोटी में तुम्हारा पेट भर गया , सीरियसली या फिर सिर्फ आधी ही रोटी तुम्हें खाने के लिए मिलती थी।
चाहत उसकी तरफ देखते हैं । और जल्दी से अपना सर ना म हिलाते हुए कहते हैं ,आप आप किसी को किसी को मत बताना मैंने मैंने उनकी शिकायत करी है आपसे वरना वरना वह हाथ हाथ जला देंगे मैंने एक बार आंटी से कहा था तब तब भी उन्होंने मेरे हाथ जला दिए थे आप मत बताना उनको ,,
पता नहीं कैसे वो। अव्वेयान से अपना बातें शेयर कर रहे थे , उसे खुद नहीं पता अव्वेयान उसके बात पर अपनी आंखें बंद कर लेता है। ओर फिर उसे एक बार फिर से खाना खिलाने लगता है ।
चाहत उसके बात। पर कुछ नहीं केहती और चुपचाप धीरे-धीरे खाना खा लेती उसने एक रोटी और थोड़े से चावल खाए थे ।
अव्वेयान प्लेट को साइड में रख कर एक टैबलेट निकाल कर उसकी तरफ बढ़ा देता है।
चाहत कन्फ्यूजन से उसे टैबलेट को देखने लगते हैं।
अव्वेयान उसे देखते हुए कहता है । दवाई दे रहा हूं जहर नहीं है मेरे घर में जो मैं तुम्हें दूंगा और वैसे भी तुम्हारे जैसे नाजुक सी चुहिया को मारने के लिए मैं भला जहर में अपने पैसे बर्बाद क्यों करूं उसके लिए तो मेरा हाथ ही काफी है । बोलते हुए वह अपने उभरी हुई नसों वाले अट्रैक्टिव वीनस हाथ उसके सामने कर देता है ।
चाहत उसके हाथों को देखती है जो सच है बेहद खूबसूरत थे, अव्वेयान उसको खुद को इस तरीके से देखता हुआ पाकार अपनी आंखें गोल घूम लेता है। और उसके गालों को दबाते हुए टैबलेट को मुंह में रख गिलास को उसके होठों से लगा देता है।
चाहत दवाई खा लेती हैं अव्वेयान उसके होटो से गिलास अलग कर नैपकिन से उसके होठों को क्लीन कर वहां से उठने लगता है । चाहत उस उठता हुआ देख जल्दी से खड़ी हो बाहर की तरफ कदम बढ़ने लगती हैं अव्वेयान उसे इतनी जल्दी जाता हुआ देख तुरंत उसका हाथ पकड़ कर अपनी तरफ खींचता है । चाहत सीधा उसके सीने से लगती हैं । वह धीरे से अपना छोटा सा सर उसके सीने से निकाल अव्वेयान की तरह दिखती है जो पहले से ही उसे अपनी नीली नीली आंखों से घूर रहा था।
चाहत अपने गालों को अंदर से ही व्हाइट करते हो कहती हैं । अब मैं ज जा सकती हूं ना ,
अव्वेयान उसे घूरते हुए तुमसे किसने कह दिया कि तुम यहां से जा सकती हो, यह तुम्हारा कमरा है चुपचाप यहां पर सो जाओ ।
चाहत अव्वेयान की तरह देखते हैं और जल्दी से मना करते। हुए कहती हैं। नहीं नहीं मैं नहीं सो सकती आपको आपको परेशानी होगी और दादी दादी को दादी को पता चल गया तो वह डटेंगे बार-बार रुक्मणी जी की जिक्र से परेशान हो चुका था। वो हाथ में पकड़ी हुई ट्रे को साइड में रख चाहत को बेड पर लेटे हुए कहता है। कोई तुम्हें कुछ नहीं काहेगा चुपचाप यहां पर लेट जाओ समझी,
चाहत उसकी तरफ देखने लगती हैं। उसके जेहन में ना कोई सवाल था ना कोई शिकायत अव्वेयान उसे खुद को घूरता हुआ देख कर उसकी आंखों पर हाथ रख देता है।
चाहत की आंखें दवाई के असर से पहले ही भारी हो रहे थे जिस वजह से वो यहां से जल्द से जल्द निकलना चाहती थी अव्वेयान के हाथ रखने से उसकी आंखें बंद हो जाती है। और कुछ ही देर में वह गहरी नींद में चली जाती है ।
अव्वेयान उसे देखता है और वहां रखी हुई ट्रे को उठाकर कॉफी टेबल पर रख सीधा बालकनी में आ जाता है उसके हाथ में उसका फोन था वह आहिस्ता से बालकनी का दरवाजा को बंद कर रेलिंग पर अपना हाथ कस के मारते हुए अपनी आंखें मजबूती से बंद कर लेता है। उसके उसके शरीर की नसें फूल गई थी ,माथे पर बल पड़ चुका था उस नवंबर की ठंडी में भी उसका शरीर ऐसे तप रहा था जैसे आग निकल रही हो , वह अपने फोन पर एक नंबर डायल कर फोन को कान पर लगाते हुए बहुत ही सर्द आवाज में कहता है। तुम्हें अभी तक इस लड़की के बारे में कुछ पता चला या नहीं पता चला है मैं तुम्हें बैठकर खाने के पैसे नहीं देता हूं नहीं हो रहा है काम तो मुझे बता दो मैं अभी तुम्हें फायर करता हूं
दूसरे साइड से वह शख्स थोड़ा घबराते में कहता है सर आप गलत समझ रहे हैं मैंने मैंने सब कुछ चेक कर लिया और हम उनके रूम के अंदर है पर यहां पर बहुत सारी अजीब सी चीज हैं और रूम को देखकर ऐसा लग रहा है जैसे काफी टाइम से खोला भी नहीं गया हो अव्वेयान की पकड़ फोन पर कुछ सख्त हो जाते हैं,
वो अव्वेयान को कुछ ओर चीजें बताने लगता है जैसे जैसे सामने वाला सख्श कह रहा था वैसे वैसे अव्वेयान का पर हाई हो रहा था,
वो गुस्से से दांत पीसते हुए कहता है
On the other hand, you will have to pay the price for it बोलते हुए फोन कट कर चाहत की तरफ पलट उसे बालकनी में खड़े हो कर घूरने
लगता है ।



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