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दिखावा

धीरे धीरे रात गहरी होती जा रही थीं, और इस गहरी रात में बहुत कुछ बदल रहा था। अव्वेयान चाहत के सर के पास बैठे उसे बिना किसी emotion के देख रहा था वही चाहत हर चीज से बेखबर blanket को अपनी मुट्ठी में भर गहरी नींद में थी

वही अव्वेयान की आंखों में नींद कोसो दूर थी

धीरे-धीरे रात गहरी होते हुए कब एक सुनहरी खूबसूरत सुबह में बदल जाती हैं । वक्त का अहसास तक नहीं होता तभी कोई बहुत ही धीमे-धीमे छोटे कदमों से उस कमरे के अंदर दाखिल होता है। उसके छोटे से चेहरा गुस्से से भरा हुआ था, फुले हुए गाल एकदम लाल हो रखे थे, वह छोटे पैरों वाले सख्श की नजर सीधा बेड पर जाती हैं। जहां चाहत गहरी नींद में सो रही थी,और उसका एक हाथ नींद की वजह से अव्वेयान की कमर में चला गया था। और उसका शर अव्वेयान के बाजू पर था वही अव्वेयान के दोनों हाथ चाहत के इर्द-गिर्द लिपटे हुए ,तो उसका सर चाहत के सर पर टिका हुआ था, उन्हें देखकर ऐसा लग रहा था जैसे वह कुछ देर पहले ही नींद में गया हो ।

वही अभियुक्त जो अभी-अभी नींद से उठकर सीधा अव्वेयान के कमरे में आ गया था उसका चेहरा चाहत को अव्वेयान के नजदीक देख गुस्से से भर जाता है । वह गुस्से से भागते हुए सीधा बैठ के नजदीक आता है और बेड पर चढ़ने की कोशिश करता है । पर बेड उसकी हाइट से ज्यादा था वह गुस्से से उस बेड को घूरता है और फिर अपनी छोटी मुट्ठियों से उस ब्लैंकेट को मजबूती से पकड़ लटकते हुए बेड के ऊपर चढ़ सीधा चाहत के नजदीक आ उसके हाथों को अव्वेयान के ऊपर से अलग कर उसके ऊपर लेट जाता है ।

चाहत जो नींद में थी। अवयुक्त के अचानक उसके ऊपर आने से उसके दर्द भरी aahhh निकल जाती है वह कर हारते हुए अपनी आंखें खोल सामने देखती हैं। जहां अभियुक्त का क्यूट सा फेस था जो अपने फुले हुए गालों का पाउट बनाएं अव्वेयान को बुरी तरीके से घूर रहा था

वही अव्वेयान जो चाहत के करहाने se उठ गया था वो तुरंत चाहत की तरफ देखने लगता है। और उसकी नजर जैसे ही अव्यक्त पर जाती है वह उसे जैकेट से पकढ़ते हुए एक हाथ से उठाकर साइड में बैठते हुए चिढ़ भरी आवाज में कहता है। तुम चूजे तुम यहां क्या कर रहे हो ?

अभियुक्त उसे घूरते हुए वापस घुटनों के बल चल चाहत के नजदीक आकर उसकी गोद में बैठ उसकी शर्ट को घूरने लगता है ।

चाहत जिसने अभी अव्वेयान की शर्ट पहनी हुई थी अभियुक्त को खुद को इस तरीके से घूरता हुआ देख प्यार से उसके गालों पर हाथ रख कुछ कहती उससे पहले एक बार फिर से अव्वेयान अभियुक्त को चाहत को गोद से उठाकर दूर करते हुए कहता है , तुम्हें समझ में नहीं आता उसे चोट लगी है ना दूर रहो उससे ,

अभियुक्त उसे घूर कर देखता है। और वापस उसके हाथ को दूर कर चाहत के नजदीक आ बहुत ही ध्यान से उसके गोद में बैठ उसके सीने पर अपना सर रख बहुत ही प्यार से कहता है , एंजेल जब आपको कपड़े पहने थे तो आप मेरे कपड़े पहन लेती ना आपको मिस्टर अग्निहोत्री के कपड़े पहनने की क्या जरूरत थी, बोलते हुए वह उसकी शर्ट को बुरी तरीके से घूर रहा था ।

अव्वेयान उसकी हरकत पर आंखें छोटी कर उसका हाथ पकढ़कर उसे ठीक अपने सामने ले आता है और उसकी नीली नीली आंखों में झांकते हुए दांत पीस के कहता है माइंड योर tungh लिटिल breat कॉल मी dad अंडरस्टैंड

अवयुक्त उसके इस तरीके से पकड़ने पर उस पर गुस्सा करने पर वह बिना किसी एक्सप्रेशंस के उसे देखता है और अपने आप को छुड़ाते हुए चिल्ला कर कहता है। आप मेरे डैड नहीं हैं । लीव मी ए सेट लीव मी वो बहुत ही तेजी से चीख रहा था ।

चाहत अभियुक्त को इस तरीके से चीखता हुआ देख जल्दी से अपनी जगह से उठ उसे अव्वेयान से लेते हुए अपने गोद में प्यार से बैठा लेती हैं ।

अव्वेयान उसे बुरी तरीके से घूर कर देखता है।

अभियुक्त ने अपना चेहरा चाहत के सीने में छुपा लिया था उसकी आंखें लाल हो चुकी थीं। अव्वेयान चाहत की तरह देखता है । जिसने किसी मां की तरह अभियुक्त को अपनी ममता के आंचल में छुपाया हुआ था m और उसे शांत करवाने की कोशिश कर रही थी ।

अव्वेयान को चाहत पर गुस्सा आ रहा था वह दांत भेजते हुए सीधा बाथरूम में घुस जाता है । कुछ देर के शॉवर लेने के बाद वह बाहर आता है । चिल जैसी

नजर से आसपास देखता है। पूरा कमरा खाली था

वो बेड की तरफ देखता है जहां पर कुछ सिलवटें थी जो उसे सपने को हकीकत की तरह बयां कर रही थी कि कल रात चाहत उसके साथ उसके कमरे में उसके बेड पर थी। अव्वेयान कुछ देर उस जगह को देखता है और सीधा क्लोजेस्ट में चला जाता है । कुछ देर बाद वह एक ब्लैक क लर का टॉक्सिदो सूट पहने हाथ में ब्रांडेड वॉच चमचमाती हुई शूज सेट बाल और हाथ में फोन को स्क्रोल करते हुए नीचे की तरफ कदम बढ़ा देता है।

उसके कानों में किसी की चिल्लाने की आवाज पढ़ती हैं वो तेज कदमों से सीधा सीडीओ के पास आकर खड़ा हो जाता है। जहां उसकी नजर सीधा रुक्मणी जी पर पड़ जाती है जो गुस्से से चाहत का हाथ पकड़ उसे खींचते हुए बाहर की तरफ ले जा रही थी। और वही अभियुक्त अपने दोनों हाथ चेहरे पर रख बुरी तरीके से रो रहा था

वो रोते हुए चाहत की तरह भागता है। उसका पैर कार्पेट पर उलझ जाता है ।वह सीधा मुंह के बल गिरता है । जिससे उसका रोना और बढ़ जाता है।

रुक्मणी जी को बिल्कुल भी फर्क नहीं पड़ रहा था अव्वेयान यह सारा नज़ारा ऊपर से देख रहा था । उसके चेहरे पर अजीब से एक्सप्रेशंस थे।

वही तारा जी उनका हाथ पकड़ते हुए कहते हैं , मां यह आप क्या कर रही हैं? इसमें उसकी गलती नहीं है आप शायद भूल रही है । सर्वेंट ने अभी खुद कहां है कि अव्वेयान ने उसे बुलाया था वह अपनी मर्जी से उसके कमरे में नहीं गई थी।

रुक्मणी जी तारा जी का हाथ झटकते हुए चिल्ला कर कहती हैं । मैं इसकी जैसी बद जलन औरत को बहुत अच्छे से जानती हूं यह सिर्फ और सिर्फ अपने शरीर की नुमाइश करने के लिए उसके कमरे में गई थी ताकि वह इसे देखें और इसके आगे पीछे घूमता फिरे , यह इस घर की मालकिन बन जाए ,

फिर चाहत की तरफ देख ,, क्यों सही कहा न ओर अब जब इसका परदा फाश हो गया है तो रो कर नाटक कर रही है वो उसे फिर से खींचने लगती है

अव्वेयान जो यह सब कुछ देख रहा था उसकी आंखें बेहद ही सर्द हो जाती हैं। वह तेज कदम से नीचे आता है और रुक्मणी जी तरफ कदम बढ़ाने लगता है उसकी नजर रुक्मणी जी पर बरकर थी।

वही चाहत अपने बालों को छोड़ते हुए कुछ कहने की कोशिश करती हैं कि रुक्मणी जी उसके बालों को छोड़ उसे अपनी तरफ घूमते हुए कहती हैं । तेरा दिमाग तो मैं अभी ठिकाने लगती हु मुझे बहुत अच्छे से पता है तेरी जैसी लड़कियां क्या करती हैं। सिर्फ और सिर्फ अमीर घर के लड़कों को फसाती हैं। ओर उनका घर बर्बाद करती है।

उन्होंने चाहत को मारने के लिए जैसे ही हाथ उठाया था कोई उनका हाथ बीच में ही रोक देता है। वो सर घूम कर देखती हैं। उनके ठीक सामने अव्वेयान उनका हाथ पकड़ा हुआ था। रुक्मणी जी अपना हाथ उससे दूर झड़ते हुए गुस्से और नाराजगी के साथ कहती हैं। तुम,

अव्वेयान अपने होठों पर उंगली रख उन्हें एकदम खामोश करते हुए दांत पीस कर कहता है। बीवी है मेरी और मेरे ही कमरे में रहेगी आपको कोई हक नहीं बनता उसे किसी भी तरीके का सवाल जवाब करने का सुनाई दिया आपको, उसकी आंखें एकदम लाल हो गई थी,

वो देखने में किसी दानव की तरह लग रहा था ।

रुक्मणी जी एकदम से सहम जाती हैं । अपने दो कदम पीछे लेते हुए अपने आप को संभालते हुए कहती हैं, तुम जानते नहीं हो अवि यह दो टके की लड़की ना जाने कितनों के साथ बिस्तर पर जा चुकी है । और तुम ईसे बीवी का रहे हो,।

अव्वेयान उनकी तरफ कदम बढ़ाकर उन्हें उंगली दिखाते हुए कहता है माइंड योर टांग जिसे आप दो टके की कह रही है शायद आप भूल रही है वो किसकी बीवी है। जिसका सामने आप खुद कुछ नहीं है। बस के दीजिए। वरना मैं उम्र का और रिश्ते का लिहाज बोलने में ज्यादा देर नहीं लगाऊंगा, भूल जाऊंगा की कौन है आप मेरी और क्या लगते हैं उसकी आवाज में एक अजीब सा भारीपन था।

वही तारा जी जिन्होंने एक पतली सी शॉल डाली हुई थी वह चाहत के पास आ उसके ऊपर शॉल ढलते हुए उसके चेहरे को देखने लगती हैं। जहां होंठ एक साइड से फट गया था। और चेहरे पर थप्पड़ों के निशान ,थे बाल पूरी तरीके से बिखर चुके थे , वो उसके चेहरे को साफ करने लगते हैं ।

अव्वेयान उन्हें चाहत से दूर करते हुए तुरंत चाहत को अपनी बाहों में उठते हुए कहता है । Be इन योर लिमिट्स अगर आप लोग मेरी बीवी को वह हक नहीं दे सकते तो मेरा इस घर से अपनी बीवी और बच्चों के साथ चले जाना ही बेहतर है m बोलते हुए वह एक सख्त नजर से उन सभी को घूरते हुए बाहर की तरफ कदम बढ़ने लगता है।

रुक्मणी जी जो अभी तक शांत थी और चाहत को खा जाने वाली नजरों से देख रही थी ,अव्वेयान को जाता हुआ देखा उसे रोकते हुए , रुको

अव्वेयान के कदम रुक जाते हैं बिना पलटे रुक्मणी जी से कहता है। अगर आप चाहते हैं कि मैं यहीं रुक जाऊं तो मेरी बीवी के साथ इस तरीके का दोबारा सुलूक कोई ना करें ,

रुक्मिणी जी मुठ्ठी मजबूत करते हुए कहती है , आइंदा ऐसा कुछ नहीं होगा और मैं तुम्हें सिर्फ और सिर्फ इसलिए रोक रही हूं क्योंकि तुम्हारे दो बच्चे हैं और तुम्हारी बीवी उस लायक

अव्वेयान उन्हें ऐसे देखता है जैसे उनके शब्दों पर पहले ही रोक लगा रह हो,

रुक्मणी जी अपनी बात को संभालते हुए कहते हैं, उसकी अभी थोड़ी तबीयत ठीक नहीं है ना तो फिर वह बच्चों को कैसे ख्याल रखें जब ठीक हो जाए तब तुम चले जाना पहले अभी उसे कमरे में लेकर जाओ और हां अब से हम ध्यान रखेंगे कि तुम्हारी बीवी को किसी भी किस्म की परेशानी ना हो, और ना ही हम अपनी तरफ से तुम्हें कोई शिकायत का मौका देंगे उनकी नजर चाहत पर थी जो अपने आंसुओं को साफ करते हुए अव्वेयान की बाहों में बुरी तरीके से कांप रही थी।

अव्वेयान एक नजर वहां मौजूद सभी पर डालते हुए सीधा ऊपर की तरफ कदम बढ़ा देता है।

अवयुक्त चाहत के पीछे जाने के लिए जैसे ही भगत अव्वेयान उसे रोकते हुए ठंडी आवाज में कहता है। तुम अभी अपने कमरे में जाओ और जाकर पहले रेडी हो जाओ इतने maneers नहीं है तुम्हें ,

अव्वयुक्त घूर कर अव्वेयान की तरह देखता है । उसकी बात को पूरी तरीके से नजर अंदाज कर उसके कमरे की तरफ कदम बढ़ने लगता है ।

अव्वेयान के जबड़े मजबूत हो जाते। वो दांत पीस कर वहां मौजूद कियान की तरफ देखते हुए कहता है। इसे लेकर जाओ यहां से और जब तक मैं ना कहूं इसे छोड़ना मत,

अभियुक्त घर कर कियानं को देखता है। जैसे कह रहा हो अगर मुझे हाथ भी लगाया तो बहुत मारूंगा कियान अपने दोस्त की बात टाल नहीं सकता था और वही उसी का बेटा जो उससे चार कदम आगे था वो खा जाने वाली नजरों से देख रहा था , वो बेचारे सी सकल बना कर

उसे उठाकर अपने साथ ले जाता है।

गिरने से उसके सर पर भी चोट आए थी जहां बैंडेज करना जरूरी था। पर वह रो नहीं रहा था , उसे सिर्फ चाहत की जाने से डर लग रहा था । जो अब थोड़ा नॉर्मल हो गया था वही अवनी जो जानवी के साथ खड़े हुए थे वह धीरे-धीरे ताली बजाते हुए कहती हैं । वाह भाई इतने ज्यादा क्यूट और पजेसिव हो सकते हैं मैने तो सोचा भी नहीं था ,पर कितने क्यूट लग रहा थे ,

जानवी खोए हुए अंदाज में कहती , पर तुम्हे कुछ अजीब नहीं लग रहा ,

अवनीर कंफ्यूजन उसे देखते हुए , मतलब मैं समझी नहीं तुम कहना क्या चाहती हो।

जानवी अपनी बात को जारी रखते हुए कहती है । यही कि अभी तक तो तुम्हारा भाई भी तो वही सब कर रहा था उसके बाद sadden इतना ज्यादा चेंज की सीधा स्टैंड ले लिया और चाहत को घर से निकलना की साथ खुद भी घर से जाने के धमकी दे दी अजीब नहीं लग रहा तुम्हें,

अवनी उसकी बात पर हमें हां मिलने लगती है । क्योंकि यह बात तो अजीब नहीं बल्कि बहुत अजीब थी ।

अव्वेयान का कमरा,

अव्वेयान चाहत को कमरे में लेकर आता है। उसे जमीन पर उतरते हुए गेट से सटा गुस्से से कहता है । तुम्हारी हिम्मत भी कैसे हुई कमरे से बाहर कदम निकालने की मैंने कहा था ना जब तक मैं ना कहूं कमरे से नहीं जा सकती तो किसी पूछ कर गई थी।

चाहत जो पहले ही कल्याणी जी के गुस्से से बहुत ज्यादा डरी और साहम सी गई थी अव्वेयान के इस तरीके से गुस्सा करने पर वह और ज्यादा सहम जाती हैं । वो अपनी अव्वेयान की शर्ट को मुट्ठी में मजबूती से भरते हुए अपनी नज़रें नीचे कर लेती हैं ।

उसने अपना चेहरा नीचे की तरह झुकाया हुआ था अव्वेयान उसे कुछ ना कहता देख अपने दांतों को पीस लेता है। वह इतना तो समझ गया था चाहत पर चिल्लाना गुस्सा करना कुछ भी असर नहीं करेगा इसलिए वह उसे प्यार से ट्रीट कर रहा था वह अपने आप को शांत करते हुए कहता है । बाथरूम में जाओ और जाकर खुद को अच्छे से क्लीन करो वरना मैं तुम्हारी इसमें भी मदद कर सकता हूं उसने एक-एक शब्द पर जोर दिया था।

चाहत अपना सर ना म हिलाते हुए डरी हुई आवाज में कहती हैं मेरे पास मेरे पास कपड़े कपड़े नहीं है मैं शावर शावर नहीं ले सकती अव्वेयान दांत पीसकर कहता है तुम्हारे कपड़े थोड़ी देर में

आ जाएंगे तुम तब तक शावर को जाकर पहले,,

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