एक हफ्ता बीत चुका था इस दरमियान अव्वेयान कई बार हॉस्पिटल आया था पर उसके अंदर इतनी हिम्मत नहीं थी कि वह चाहत के सामने जा सके ,
इस बीच वह ना तो घर गया था और ना ही कहीं और उसकी नजर चाहत पर बरकरार थी।
इस भीच चाहत काफी ज्यादा रिकवर कर चुकी थी। उसके कंडीशन इतनी ठीक नहीं थी कि उसे डिस्चार्ज दिया जाए वो अंडर ऑब्जर्वेशन में थी और वही रुद्राक्ष और रक्षित उससे कुछ ना कुछ बात करने की कोशिश करते थे ,
पर या तो वह अपना चेहरा फेर लेती है या फिर रोना शुरू कर देती है। उसके आंसू दोनों के ही सीने पर कांच के टुकड़ों की तरह चलनी करते थे , वह लोग हमेशा उसके आस पास रहते थे, एक हम साएं की तरह उससे बात करने की कोशिश करते थे दूर-दूर की न जाने कैसे-कैसे बातें करते इस बीच डॉक्टर रुद्राक्ष और रक्षित को देख रही थी , उसके लिए रिस्पेक्ट उन दोनों के लिए बहुत ही ज्यादा बढ़ चुकी थी ,
आज चाहत का डिस्चार्ज होना था , वह चुपचाप एक सफेद कलर का प्लाजो और कुर्ता पहने हुए बेड पर बैठे थी उसके पैर नीचे की तरफ थे बालों को नर्स ने चोटी में बांध दिया था। कुछ लते उसके चेहरे पर आ रहे थे। वह चुपचाप फर्श को देख रही थीं।
इस एक हफ्ते में उसने किसी से एक शब्द नहीं कहा था वो या तो है ना में सर गुला देती या कुछ नबी कहती थी।
वो अपने में ही थी
तभी दरवाजा खुलता है और दो छोटे-छोटे से पैर भागते हुए उसके नजदीक आकर उसके पैरों से लिपट जाते हैं। चाहत एकदम से हैरान हो जाती हैं। पर जैसे ही वह छोटे नाजुक स्पर्श को महसूस करती
उसकी आंखें गिली हो जाती हैं । वह आहिस्ता से नीचे उतरकर अभियुक्त और चैरी की तरफ देखती हैं। जो दोनों तक ताकि लगाकर उसे ही देख रहे थे।
चेरी शिकायती करते हुए कहती,, एंजल आप बहुत गाड़ी हो यहां पर आराम कर रही हो और आपको हमारी जरा भी रिलाइजेशन नहीं है बिल्कुल भी उसकी उल्टे शब्दों को सुनकर चाहत के चेहरे पर बहुत ही खूबसूरत सी मुस्कुराहट अपनी जगह बना लेती हैं।
अभियुक्त उसके सर पर लगभग थप्पड़ मारते हुए कहता है डंबो तुम एंजेल से इस तरीके से बात नहीं कर सकती ओर वो गढ़ी नहीं गंदी होता है। रियलाइजेशन नहीं worry होता है।ओर
एंजेल को चोट लगी थी इसलिए वो हॉस्पिटल में है तुम्हारे पास बिल्कुल भी दिमाग नहीं है । और अब तुम्हें करेक्ट मैं नहीं करूंगा, क्योंकि तुम्हें सच में कुछ भी बोलना नहीं आता तो तुम अपना मुंह बंद करके रखा करो ।
चेरी अवयुक्त के मारने पर उसे घूर कर देखती है। फिर चाहत को गले लगाते हुए अपना छोटा सा सर उसके सीने में रख रोते हुए कहती हैं। एंजेल आपको पता है आप नहीं थे तो भाई ने मुझे बहुत मारा और परेशान भी बहुत करा अब आप ठीक हो गई है ना आप मेरे साथ घर चलो मुझे इसके साथ नहीं रहना और वैसे भी घर में भी सब लोग अच्छे नहीं हैं । सब बुले है और बोली करते हैं मुझे आपके साथ रहना है । हम पहले कितना मस्ती किया करते थे ना हम लोगों ने पहले पर अब आप यहां पर आ गए अब न चेरी आपका ध्यान खुद रखेगी फिर आप कभी बीमार नहीं होंगे और आपको हॉस्पिटल आने की जरूरत भी नहीं पलेगी यहां पर कितनी गंदी-गंदी से स्मेल आती है ।
चाहत उसके सर पर हाथ रख बहुत ही प्यार से उसके गालों को चूम लेती है ।
अभियुक्त जो उसे देख रहा था उसकी आंखें छोटी हो जाती है । वह चाहत के चेहरे पर अपने छोटे-छोटे हाथ रख उसके गालों को हाथों से दबाते हुए कहता, एंजेल आप सिर्फ मेरे हो आप इस चेरी वेरी को किस नहीं कर सकते आप सिर्फ मुझे किस करो आप मुझे किस करोगी ना बोलते हुए वह खुद आगे बढ़कर चाहत के गालों पर किस कर देता है । और उसकी नाक पर भी किस कर लेता है।
चाहत उन दोनों को अपने गले लगाए हुए आहिस्ता से गोद में उठाकर जैसे ही बेड पर बैठने वाले होते हैं
उसके पैर दिस बैलेंस हो जाते हैं। वह पहले से ठीक हो गई थी पर इतनी रिकवरी नहीं हुई थी वह दोनों बच्चों को जो पांच-पांच साल के थे और काफ़ी चाबी थे उन्होंने आराम से उठा सके वह गिरते उससे पहले ही दो दो मजबूत बहे उसे दोनों तरफ से घेर लेते हैं
चाहत आसपास देखती हैं । जहां पर एक साइड रुद्र और दूसरे साइड रक्षित खड़ा हुआ था उन दोनों ने ही चेरी और अभियुक्त को अपनी गोद में उठा लिया था। वह दोनों उन दोनों बच्चों को बुरे तरीके से घूर रहे थे ।
चाहत आराम से उठकर बेड पर बैठ जाती हैं। और उन दोनों की तरफ देखने लगती हैं जो अभी भी उस पर ध्यान देने की जगह उन दोनों को बुरी तरीके से देख रहे थे ।
अवयुक्त भी बराबर रुद्राक्ष की आंखों में आंखें डालकर उसे घूर रहा था। उसके चेहरे पर कोई एक्सप्रेशंस नहीं थे तो वही चेरी का चेहरा काफी लाल हो गया था वह रक्षित की गोद में हल्का-हल्का शर्मा रही थी जब उसे रक्षित की नजरे खुद और बर्दाश्त नहीं होती तो अपने छोटे से हाथों को आगे बढ़कर रक्षित की आंखों पर रखते हुए कहती हैं। , अतल इस तरीके से एक ब्यूटीफुल गर्ल को घूरते नहीं है। वरना आपको शर्म आ जाएंगे ,
चाहत और अभियुक्त दोनों ही अपना सर पीट लेते हैं उसके शब्द हमेशा ही उल्टे हुआ करते थे, फिर चाहे वह दोनों कितना भी करेक्शन कर ले
रक्षित उसके हाथ को आंखों से हटाते हुए कहता, है । तुम यहां क्या कर रही हो? और किसके साथ आई हो?
चेरी उसके बात पर दरवाजे की तरफ देखने लगती हैं जहां पर कियान और अव्वेयान खड़े हुए थे अव्वेयान उन्हें खुद की तरफ पलटता देख चश्मा लगा लेता है ।
अपना हाथ जेब में डालते हुए टशन से कमरे के अंदर जाकर बेड के नजदीक खड़ा हो जाता है। चाहत जैसे ही अव्वेयान को वहां पर देखती है वह जल्दी से अपने नज़रे नीचे कर लेती हैं । उसे हमेशा से अव्वेयान से डर लगता था और अब उसे खुद को सामने इस तरीके से देख जल्दी से नजर नीचे कर लेती हैं । घबरा कर रुद्राक्ष के कोर्ट को एक साइड से मुट्ठी में भर लेती हैं ।
रुद्राक्ष उसकी तरफ देखने लगता है । जिसके डर के मारे माथे पर पसीने की बूंदे आने लगी थी। रुद्राक्ष अपना हाथ आगे बढ़ाकर उसे साइड से गले लगाते हुए अव्वेयान को घूरना शुरू कर देता है । जैसा आंखों से ही कह रहा हो तुम यहां क्या कर रहे हो?
अव्वेयान बहुत रिलैक्स होकर बेड पर ही चाहत के कुछ करीब होकर बैठ जाता है। चाहत घबराहट के मारे एकदम से उठने लगती हैं कि अव्वेयान उसके हाथ पर अपना हाथ रख बहुत ही हक से कहता है। अपनी बीवी को अपने साथ ले जाना आया हूं।
चाहत उसके सिर्फ हाथ के छूने से ही कांपना शुरू हो गई थी रक्षित चेरी को नीचे उतर कर देता है रुद्राक्ष भी अव्यक्त को नीचे उतारते हुए घूरते हुए कहता है । , तुम अपनी औलाद के साथ यहां से दफा हो जाओ तुम्हें पहले भी कहा था । जो भी हुआ वह सिर्फ और सिर्फ एक गलतफहमी है और तुम तो दा अव्वेयान अग्निहोत्री हो अपनी बीवी के कत्ल के बारे में खुद ही जान सकते हो हमें बताने की जरूरत नहीं है । रही बात जिसकी सजा तूमने हमारी बहन को दी वह इस सजा के बिल्कुल भी लायक नहीं थी और सजा के लायक जो है उसे तो मैं अपने हाथों से सजा दूंगा बोलते हुए रूद्र की आवाज कुछ गहरी हो गई थी। उसकी आंखें बेहद लाल हो गई थी ।
जैसे उसे पहले से ही पता हो की अव्वेयान की बीवी के मरने के पीछे किसका हाथ था।
अव्वेयान उसकी तरफ देखा बहुत आराम से बैठते हुए कहता हैं । जो हुआ उसे भूल जाओ मुझे जरा भी इंटरेस्ट नहीं है मेरी बीवी को किसने मारा या किसकी वजह से वह मरी और वैसे भी उसे सिर्फ और सिर्फ उसके कर्मों की सजा मिली थी । नॉ प्रेजेंट टाइम चाहत मेरी बीवी है और इसे मैं अपने साथ ही रखूंगा किसी के बाप में इतनी दम नहीं है जो मुझे उससे दूर कर सके ,
चाहत घबरा के जल्दी से अपनी जगह से खड़े हो रुद्राक्ष के पीछे छिप जाती है । उसने पीछे से रुद्राक्ष के कोर्ट को अपनी छोटी-छोटी से मोतियों में भरा हुआ था इसका मतलब साफ था वह अव्वेयान से बुरी तरीके से डर रही थी अव्वेयान उसे एक नजर देख अपनी जगह से खड़े होते हुए चाहत की तरफ कदम बढ़ाने के लिए आगे बढ़ता उससे पहले रक्षित रुद्राक्ष के सामने खड़े होकर अपना एक हाथ उसके सीने पर रख उसे पीछे की तरफ धकेलते हुए कहता ह। मैंने कहा ना तुम मेरी बहन से नहीं मिल सकते और ना ही तुम उसके लायक हो तो दफा हो जाओ यहां से ,
अव्वेयान अपना सर नीचे करके रक्षित के हाथ की तरफ देखता है । जो उसके सीने पर था उसकी आंखें धीरे-धीरे गहरी हो रही थी वह अपना हाथ हीब से निकाल कर रक्षित के हाथ पर रख दूसरा हाथ बिल्कुल उसके जॉइंट पर मार घुमा कर पेट से लगाते हुए उसकी पीठ पर एक जोरदार लात मारता है । उसके एक्शन इतनी फास्ट थे एक सेकंड के लिए तो रक्षित को समझ ही नहीं आया था क्या हुआ,
कियान जो दरवाजे पर पर खड़ा था अव्वेयान को हाथापाई पर उतरता हुआ देख जल्दी से दरवाजे से अंदर आते हुए गुस्से से केहता है । तुम्हारा दिमाग खराब हो गया है क्या? देख उसकी तरफ् वह डर रही है तुमसे अव्वेयान जो अपनी गहरी समुद्र जैसी ठंडी निगाहों से रक्षित को घूर रहा था कियान के कहने पर वह एक सर सरी नजर चाहत पर डालता है।
चाहत रुद्राक्ष के पीछे दरी साहमी सी खड़ी थी उसने पीछे से रुद्राक्ष को बहुत मजबूती से पकड़ा हुआ था उसके माथे पर ठंडा पसीने ने अपनी जगह बना ली थी वह कप-कपा रही थी ।
अव्वेयान उसे खामोशी से उसे देखने लगता है उसकी नजर उस पर टिकी हुई थी और चाहत ने हमेशा की तरह एक नजर भी उठाकर उसे पर नहीं डाली थी।
कमरे में गहरी खामोशी थी तभी अव्यक्त भागते हुए चाहत के नजदीक आ उसके पैरों से लिपटते हुए कहता है , नहीं एंजेल हमारे साथ रहेंगे मैं एंजेल को कहीं नहीं जाने दूंगा उसकी आवाज पर सभी लोग उसकी तरह देखने लगते हैं।
रुद्राक्ष आगे बढ़कर अव्यक्त को दूर करते हुए कहता है । मैंने कहा यह तुम्हारी कोई नहीं लगती और रही बात तुम्हारी मां की तो तुम्हारा बाप डिजर्व ही नहीं करता एक अच्छी लड़की और तुम्हारा बाप वैसे भी मेरी बहन के पैरों की धूल तक नहीं बन सकता फिर एक वार्निंग भरा हुआ लुक से अव्वेयान को देखने लगता है ।
जिसकी नजर चाहत पर थी वही चाहत की आंखें जो नीचे झुकी हुई थी उसकी आंखों में अंधेरा छाने लगा था। रुद्राक्ष जो अभी अपनी बातों में ही मसरूफ था चाहत गिर ती उससे पहले ही अव्वेयान उसे अपनी बाहों में की गिरफ्त में समेट अगले ही लम्हा उसे बाहों में उठाते हुए सीधा बेड पर लेटा देता है ।
चाहत अचानक से बेहोश होने पर किसी को कुछ भी समझ नहीं आया था । रक्षित जो अभी अपने हाथ को देख रहा था वह अगले ही लम्हा अव्वेयान के पास आता है और उसे दूर करते हुए केहता है। मेरी बहन से दूर रहो हम अपनी बहन का ख्याल खुद रख सकते हैं। समझे तुम आज के बाद कभी भी मेरी बहन से मुलाकात के बारे में सोचना भी मत और रही बात शादी की तो डायवोर्स पेपर्स बहुत जल्द तुम्हारे घर आ जाएंगे ।
अव्वेयान के होठों पर एक टेढ़ी सी मुस्कुराहट खिल जाती हैं ।वह हल्के से मुस्कुराहट के साथ कहता हैं। यहां का कोर्ट भी मैं हूं, और वकील भी और रही बात पुलिस की तो वह भी सिर्फ और सिर्फ मैं हूं , होगा वही जो मैं चाहता हूं बात चाहत की तो यह लड़की अभी थोड़ी सी कमजोर सी है । पर इसका रिश्ता सिर्फ और सिर्फ मुझे से है और आज से नहीं बहुत पहले से उसने इतना ही कहा था ।
कि तब तक एक लेडी डॉक्टर तुरंत अंदर आती हैं और चाहत को चेक करने लगती हैं। उसकी आंखें चेक कर रहे थे उसके पास उसकी धड़कन है उसके बाद रक्षित की तरफ देखती हैं m वह एक हफ्ते में रुद्राक्ष रक्षित को कई बार एक चीज बोल चुकी थी । कि कुछ भी हो जाए लेकिन चाहत के सामने कोई भी ऐसा सीन ना हो और ना ही वह किसी भी चीज का स्ट्रेस ले और डर तो बिल्कुल भी नहीं आना चाहिए वरना उसकी मेंटली हेल्थ बहुत ही ज्यादा बिगड़ सकती हैं।
वहीं हुआ जिसका डरथा ।
डॉक्टर उन दोनों की तरफ देखते हुए कहती हैं। मैं आपसे पहले ही कहा था अगर इन्हें जरा भी स्ट्रेस होगा उनकी तबीयत खराब हो सकती हैं यह mantili बहुत ही ज्यादा डिप्रेस्ड है उनके लिए एक अच्छा नेचर की बहुत ज्यादा जरूरत है। आप लोग समझते क्यों नहीं है और अगर ऐसा ही रहा तो इसमें आगे हम भी कुछ नहीं कर पाएंगे आपको सबसे पहले एक बेस्ट साइकोलॉजिस्ट को भी उनके लिए हायर करना चाहिए रही बात आज उनके डिस्चार्ज की तो इन्हें आज हम एक दिन और अंडर ऑब्जर्वेशन में रख रहे हैं आप लोग इन्हें रेस्ट करने दीजिए



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