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सभी लोग वार्ड के बाहर खड़े थे , अव्वयान रूद्र, रक्षित
के बीच एक कोल्ड वॉर चल रही थी तो वहीं अभियुक्त और चेरी मासूमियत भरी नजरों से चाहत दरवाजे से झाक कर देख रहे थे , दरवाजा हल्का सा खुला हुआ था वह दोनों ही अंदर की तरफ झांक रहे थे जहां चाहत बेहोशी के आलम में बिस्तर पर पड़ी हुई थी।
कहते हैं ना बड़ों के बीच अक्सर बच्चों की जिंदगी बर्बाद होती है कुछ ऐसा ही हो रहा था जहां अव्वयान के घर में इतने लोग होने के बावजूद उन नाजुक से फूल जैसे बच्चों को प्यार नहीं मिल रहा था तो वही चाहत के इन कुछ दिनों के दुलार में वह दोनों उसके लिए इतने पागल हो गए थे उसकी तबीयत खराब होने पर इस कदर हंगामा मचाया था कि खाना पीना सब कुछ छोड़कर बस एक ही जिद मचा के रखे थे जिस वजह से उन्हें कई बार थप्पड़ में भी पड़ चुका था जिसे पता लगने के साथ ही अव्वयान अपने दोनों बच्चों को ले आए उस वक्त वह उसे कंडीशन में नहीं था कि वह कुछ भी रिएक्ट कर पाता पर कुछ तो था जो उसके अंदर भी धीरे-धीरे टूट सा रहा था। वह दोनों वहीं खड़े थे कि उनके कानों में अभ्युक्त की आवाज पड़ती है जो अपने छोटे-छोटे नाजुक से हाथ जोड़ रुद्राक्ष और रक्षित के सामने खड़ा होकर भीगी हुई पलकों से उन्हें देखते हुए कह रहा था
अंकल प्लीज हमसे हमारे एंजेल को दूर मत करिए ना घर पर कोई भी हमसे प्यार नहीं करता है और मिस्टर अग्निहोत्री तो हमेशा ही अपने काम में बिजी रहते हैं अगर एंजेल भी चली जाएगी तो हम लोग क्या करेंगे आप हमें एंजेल को दे दो बदले आप जो कहोगे हम वह सब करने के लिए तैयार है प्लीज आप एंजेल को दे दो हमें
उसकी गहरी गहरी नीली आंखें एकदम लाल हो चुकी थी उसके आंसू गालों पर लुढ़कते नीचे गिर रहे थे,
उसके फूले हुए गाल जो एकदम सुर्ख गुलाब बन चुके हैं।
चेरी उसको रोता हुआ देखते हैं वह भी जल्दी से उसके पास आती हैं । रुद्राक्ष और रक्षित के सामने दोनों ही हाथ जोड़कर मासूमियत भरी हुई नजरों से उन दोनों को देखने लगती है।
रूद्र और रक्षति, का दिल कोई पत्थर का नहीं था वह दोनों भी तो इसी उम्र से गुजरे थे ,
उन्हें तो बहुत अच्छी परवरिश मिली थी भला वह कैसे दो नाजुक से फूलों का दिल तोड़ सकते थे रक्षित घुटनों के बल बैठ जाता है और उन दोनों के गालों पर हाथ रख धीरे-धीरे सहलाते हुए कहता है , जैसे आप लोगों एकदम छोटे थे ना ऐसी आपकी एंजेल भी हमारे लिए बहुत ही छोटी सी है। भले ही उसकी उम्र बढ़ गई है पर अभी भी छोटी सी है। जैसे आप लोग आभी रो रहे हो क्या आप लोग अपनी एंजेल को रोता हुआ देख पाओगे,
अव्यक्त अपने सर जल्दी से ना म हिलाते हुए कहता है। ,नहीं में एंजेल का मैं पूरा ख्याल रखूंगा वह बिल्कुल भी नहीं रोएगी मैं उसे प्रोटेक्ट करूंगा आप मुझे उनका गार्ड बना दो मैं कोई सैलरी भी नहीं लूंगा ना कोई फीस मांगूंगा बस एंजेल को हमारे साथ रहने दो वह अपनी नाक को पूछते हुए कह रहा था ।
अव्वयान अपने औलादे को देख रहा था जो मुश्किल से उसे कभी एक शब्द नहीं कहता था । उसे आज तक इन 5 साल की उम्र में उसे कभी ded नहीं कह था वह एक अनजान शख्स से उस लड़की को मांग रहा था जिसे वह जबरदस्ती शादी कर कर अपने साथ लेकर आया था अव्वयान को अपने दिल में टीस उठती हुई महसूस हो रही थी उसने अपने गुस्से। अपने घमंड अपने, गुरु के चलते कितने मासूम दिल तोड़े थे ,जिनका वह हिसाब तक नहीं दे पा रहा था।
जहां एक ने तो जैसे रिश्ते ही खत्म कर दिया था और दूसरा तो अभी इतनी छोटी और नाजुक थी कि उसे इन सब चीजों का भी पता ही नहीं थे
जब रक्षित अभियुक्त को मना कर देता है avyakt घूम कर अव्वयान की तरफ देखता है जिसकी नजर पहले से ही उस पर टिकी हुई थी वह उसके छोटे पैरों से उसके नजदीक आकर उसके पेंट को अपनी मुट्ठी में पकढ़ते हुए रोने वाली आवाज में कहता है । मिस्टर अग्निहोत्री आज से पहले कभी भी मैं आपसे कुछ नहीं मांगा आज पहली बार मांग रहा हूं बदले में आप जो चाहेगा मैं वह सब करने के लिए तैयार हूं। बस मुझे मेरी एंजेल दे दीजिए आप मुझे वह चाहिए मैंने कहा मुझे वह चाहिए बोलते हुए वह अपना हाथ पैर पटकने लगता है ।
अव्वयान घुटनों के बल बेट तुरंत उसे सीने से लगा लेता है । कुछ तो था जो उसके अंदर भी टूटता जा रहा था वह सब कुछ वहां पर दो लोग खड़े हुए देख रहे थे जहां जानवी का चेहरा रोने की वजह से लाल हो गया था तो कहीं उसके बगल में खड़ा हुआ वह हटा कटा नौजवान उसने कस के जानवि को गले लगा लिया था
जानवी हाथ उठाकर उस तरफ उंगली करते हुए,, भाई मेरे अंदर अंदर इतनी हिम्मत हिम्मत नहीं है कि मैं
वो सख्श उसकी बात बीच में कटते हुए कहता है। चुप हो जाओ मैं खुद बात करूंगा पर अभी चलो यहां से अभी वक्त ठीक नहीं है थोड़ा टाइम दो बोलते हुए वह जानवी को अपने साथ जबरदस्ती खींचते हुए ले जाता है ।
कियान उसकी नजर जानवी पर पड़ती है जो रोते हुए बस उन्हीं लोगों को देख रही थी और कोई उसके खींचते हुए ले जा रहा है ।
कियान कदम आगे बढ़ता हैऔर कुछ सोच कर रुका जाता है। उसकी जानवी से ज्यादा जरूरत इस वक्त इन सभी को थी वह अपने कदम पीछे ले लेता है कि तभी डॉक्टर कुछ देर बाद बाहर आते हैं । और दरवाजे पर अच्छे से बंद करते हुए कहती हैं । मैं आप लोगों को लास्ट टाइम बता रही हूं अगर इसी तरीके से उसे स्ट्रेस होगा तो हम कुछ नहीं कर पाएंगे बोलते हुए वह निराश से सभी को देखकर वहां से चली जाती है ।
रुद्राक्ष अपने सर पड़कर कुर्सी पर बैठ जाता है अपने बालों को खींचते हुए कहता है। काश भाई मैं नहीं गया होता कास हम लोगों ने वह प्रॉमिस कर ही नहीं होता हम लोग भला उसके भरोसे कैसे उसे छोड़कर जा सकते हैं भाई कहने में और भाई का रिश्ता निभाने में बहुत अंतर होता है ।
रक्षित जो अभी अपनी जगह पर खड़ा हुआ था रुद्राक्ष के बात पर वह उसके नजदीक आता है और उसके कंधे पर हाथ रखते हुए उंगलियों से दबाते हुए कहते हैं यह वक्त हर घुटने टेकने का नहीं है जिसने हमारी बहन के साथ यह सब करा है। सजा तो उसे भी मिलेगी ना रुद्राक्ष अपना भीगा हुआ चेहरा उठाकर उसकी तरफ देखते है पर हमें सिर्फ एक के बारे में पता है और बाकियों को हम लोग।
रक्षित उसकी आंखों में देखते हुए कहता है । नफरत तो मुझे उस लड़की से भी बेइंतहा है पर मजबूरी है सिर्फ और सिर्फ इस वजह से मिलना पड़ेगा उससे रुद्राक्ष जल्दी से अपनी जगह से खड़ा होते हुए तुरंत अपने फोन में कुछ करता है उसके साथ ही एक गार्ड वहां पर आ जाते हैं रुद्राक्ष और रक्षित उन दोनों उसकी तरफ देखते हुए कहते हैं। कोई भी अगर वार्ड के अंदर गया तो उसे सीधा वक्त उड़ा देना यह आर्डर है ।
वो सरे हिला ले चुपचाप से खड़ा हो जाता है।
अव्वीयान उन दोनों की तरफ देख रहा था उसे इतना तो पता था वह अभी कुछ ना भी करेगा तो भी काफी कुछ होने वाला है इसलिए वह काफी रिलेक्स हो चुका था फिलहाल कुछ भी करने के मूड में नहीं था उसका मन सिर्फ और सिर्फ चाहत के नजदीक जाना था उसे एक बार छोड़ा था उसे माफी मांगनी थी । वो उन दोनों के सामने जाकर खड़ा हो जाता है अपने दोनों हाथ जेब में डालते हुए उंगलियों को घुमाते हुए कहता हैं । तुम दोनों सालो से में रिश्ते में बड़ा हूं तो थोड़ी इज्जत देना सीख जाओ वरना इज्जत करवाना भी मुझे बहुत अच्छे से आता है। रही बात करने की तो कहीं आए और कहीं गए हैं पर अव्वेयान अग्निहोत्री का कोई बाल भी बाका नहीं कर पाया है । तो तुम फिक्रमंद होकर यहां से जा सकते हैं पर इस चीज को अपने दिमाग में बैठा लेना की चाहत की चाहत सिर्फ और सिर्फ इस दिल में जागती है अगर किसी और ने उसे अपने दिल में जगहा दि या आंखों से भी हसरत भर कर देखा तो उसकी आंखें निकाल लूंगा और अव्वीयान अग्निहोत्री के डिक्शनरी में नजर उठाने का मतलब सिर्फ और सिर्फ मौत होता है।
फिलहाल जो तुम्हें करना तुम कर लो बोलते हुए जाकर उस गार्ड की तरफ देखता है। जो कि उसे ही देख रहा था।
वो आगे बढ़ता। उससे पहले ही वह गार्ड अव्वीयान के हाथ को पकड़ उसे रुकते हुए ,, सॉरी मिस्टर अग्निहोत्री पर अगर आप मेरे रस्ते में आएंगे तो मुझे जो आर्डर मिला है मुझे फॉलो करना पड़ेगा
अव्वीयान आगे बढ़ते हुए कदम रुक जाते हैं। वह पीछे पलट कर अव्यक्त और चेहरे की तरफ देखता है जो अभी भी शिसक रहा था कीयान उन्हें चुप करवाने की कोशिश कर रहा था।
अव्वीयान बहुत ही ठंडी आवाज में कहता है । इन दोनों को फार्म हाउस ले जाओ किसी भी चीज की जरूरत हो तो मुझे बता देना फिर अवयुक्त की तरफ देखते हुए और तुम्हारी एंजेल एंजेल नहीं है तुम्हारी मॉम है तो उन्हें मॉम कहो आगे से और बहुत जल्द हम सब साथ रहेंगे,
अभियुक्त जो अभी अपनी आंखों को साफ कर रहा था उसकी आंखें चमक उठते वह अव्वीयान की तरफ देखते हुए कहता है। , सच में मिस्टर अग्निहोत्री आप एंजेल अभियान से न में हिला देता है
अव्यक्त खुद को करेक्ट करते हुए ,,आप मॉम को घर लेकर आएंगे
अव्वीयान सर हिलाते हुए , तो अब जाओ और अच्छे बच्चों की तरह कीयान चाचू के साथ रहना ओके अगर कोई भी लापरवाही की तो मैं आप लोगों की मॉम को नहीं लेकर आऊंगा
अव्यक्त जल्दी से ना में है सर हिला कियान का हाथ पकढ़ते हुए अंकल जल्दी चलिए वह खींचते हुए ले जाते हैं।
रुद्राक्ष रक्षित घूरते हुए अव्वीयान को देखने लगते हैं जिसका औरा बहुत ही डरावना था। वह बिना किसी एक्सप्रेशंस के उस गार्ड को देख रहा था । जिसने अभी भी उसका हाथ पकड़ा हुआ था।
अव्वीयान हल्का सा फ्लिप करते हुए एक लात सीधा उसके पेट पर मारता है । उसकी फिलिप इतनी तेज थी कि उसे अपनी हड्डियां टूटती हुए महसूस हो रही थी अव्वेयान अपना हाथ तुरंत घूमा उसे धक्का दे रूम के अंदर दाखिल होते हुए गहरी मगर दीप आवाज में कहता है । मेरे रस्ते में आ रहे हो पर क्या करूं मेरे सालों के गार्ड हो इसलिए छोड़ दिया , फिलहाल मैं तुमसे लड़ने के मूड में नहीं था वरना यमराज के पास पहुंच कर भी तुम्हारी जान हलक में ही छोड़ता बोलते हुए वह दरवाजे को अंदर से लॉक कर देता है।
रुद्राक्ष और रक्षित का चेहरा गुस्से से भर गया था वह दोनों उसे बुरी तरीके से देख रहे थे और फिलहाल उनका वहां से जाना भी जरूरी था इसलिए वह लोग उस गार्ड की तरफ देखते हुए कहते हैं । उन दोनों को भी बुला लो और अगर इस आदमी ने कुछ भी करने की कोशिश करें तो मुझे बताना क्योंकि अगर घर मेरा जलेगा तो जिंदगी तो मैं इसकी भी जला कर रख कर दूंगा बोलते हुए वह दोनों तेज कदम से वहां से निकल जाते हैं। वही अव्वेयान एक्सप्रेशन लैस होकर अपनी जगह पर खड़ा हो जाता है।



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