, वह दोनों उस घर के अंदर जाते हैं। चाहत के आगे बढ़ने से एक छोटी सी लकड़ी का टुकड़ा वहां से नीचे गिरने लगता है।
अव्वेयान जो अभी भी दरवाजे पर खड़ा सब देख रहा था वह तुरंत चाहत के छोटे से हाथ को पड़कर अपने नजदीक करता है। चाहत उसके सीने से जाकर लगती है।
चाहत अपना छोटा सा से निकाल कर उसे देखने लगती है। की तभी एक तेज आवाज होती है वह घबराकर उससे चिपक जाती हैं। उसके बार-बार करीब आने से अव्वेयान को काफी अजीब लग रहा था । चाहत ज्यादा बड़ी भी नहीं थी। पर वह उस से काफी बड़ा था। वह 17 साल का था । वह दोनों आहिस्ता से अंदर आते हैं । वहां पर हल्की-हल्की रोशनी थी। छत टूटी होने की वजह से स्नोफॉल एक साइड गिर रहे थे
चाहत आसपास देखती हैं ।और दरवाजे को अंदर से बंद कर देती हैं ।
अव्वेयान वो सारी चीजें गौर से देख रहा था। वहां पर कुछ सामान रखा था कुछ पुराने कपड़े से ढके हुए थे चाहत जल्दी से जाकर वहां से उन कपड़ों को अलग करती हैं तो वहां पूरे में धूल इकट्ठी हो जाती है । वहां पर एक कुर्सी थी जो कुछ ठीक हालत में नहीं थी। पर उससे काम चलाया जा सकता था , चाहत उसे अच्छे से साफ करके अव्वेयान की तरफ देखते हुए कहती है। तुम यहां पर बैठ जाओ वरना तुम्हें और ज्यादा दर्द होगा मैं मैं आग जलती हूं ।
अव्वेयान उसकी तरफ देखता है ।और जाकर उस चेयर पर बैठ जाता । है उसे अपने हाथ पैर में हुए जख्म से बहुत ही ज्यादा दर्द महसूस हो रहा था।
चाहत उसे बैठता हुआ देख वहां रखी हुई कुछ लकड़ियों को खट्टा करते हैं और उस आग जलाने की कोशिश करने लग जाती हैं ।पर उसमें से आग जल ही नहीं रही थी जिसे अव्वयान बहुत ही गौर से देख रहा था पर उसमें से दुआ निकलता और वापस से बुझ जाता। अव्वयान उसे देखते हुए अपनी जेब से लाइटर निकाल कर उसकी तरफ
फैकते हुए कहता है।
तुम कोई आदिमानव के जमाने में पैदा नहीं हुई थी जो तुम इस लाइटर की जगह इन लकड़ियों को रगड़ कर आग जला लो।
चाहत उसकी तरफ घूर कर देखती हैं जैसे कह रही हो पहले नहीं दिया जा रहा था फिर जल्दी से उस लाइटर को उठाते हैं चिढ़ते हुए कहती है। जब तुम्हारे पास यह लाइटर था तो तुम पहले नहीं दे पा रहे थे। चोट मुझे भी लगी है। मैं भी थक गई हूं तुम्हारी सेवा करते हुए।
अव्वयान घूरते हुए दांत पीसकर कहता है । मुझे इस तरीके से बात मत किया करो मुझे गुस्सा आता है। कोई भी इस तरीके से बात नहीं करता है सिवाय तुम्हारे तुम खुद को समझती क्या हो और रही बात थकान की तो यह सब जो हो रहा है। ना तुम्हारी वजह से हो रहा है इसलिए चुपचाप काम करो,
चाहत अव्वयान को घूमते हुए दांत पीसकर कहती हैं खुद को समझते क्या हा मैने नहीं कहा था कि तुम आकर मेरी हेल्प करो और किसी सुपर मैन की तरह मुझे बचा लो समझे तुम खुद अपनी मर्जी से आए थे तो सारा ब्लेम मुझ पर डालना बंद करो इडियट कहीं के खडूस जल्लाद बोलते हुए वह आग जला देती हैं । अब वहां पर थोड़ी-थोड़ी रोशनी हो चुकि थी।
चाहत अव्वयान की तरफ देखती हैं और वहां से उठकर सीधा उस घर के अंदर की तरफ कदम बढ़ाती है उसकी नजर वहां बने हुए किचन पर जाती हैं। जो मिट्टी का बना हुआ था और उसमें कुछ आधे टेढ़े टूटे हुए से बर्तन थे चाहत उन बर्तन में से एक छोटा सा पाटिल लेकर आते हैं और उसे अच्छे से साफ कर आग के ऊपर रख उसमें अपने बैग से पानी की बोतल निकाल उसमें थोड़ा पानी डाल देती हैं ।
अव्वयान उसे बहुत देर से ऑब्जर्व कर रहा था चाहत अपनी जेब से छोटा सा रुमाल निकलते हैं और उसे उस पानी में डालकर हल्का-हल्का भिगो कर अव्वयान के नजदीक आकर खड़े हो जाती हैं।
अव्वयान उसे क्यूरियोसिटी के साथ देख रहा था । चाहत आगे बढ़कर उसके जैकेट पर हाथ रख उतरने लगती
अव्वयान उसे देखते हुए कहता है
यह क्या हरकत है। तुम्हारे अंदर मैनर्स नहीं है इतनी सी रखी हो और इज्जत लूटना चाहती हो ।
चाहत अपनी बड़ी-बड़ी हानि गोल्डन आंखों को गोल मटोल घूमते हुए कहती है । इज्जत लड़कियों की होती है लड़कों की इज्जत थोड़ी ना होती है और मैं तो कार्टून में देखा था लड़के लड़कियों को बचाते हैं पर मेरी फूटी किस्मत मुझे एक लड़के को सुपरमैन बनाकर बचाना पड़ रहा है । फिर उसे घूरते हुए अपना मुंह बंद करके रखो वरना मेरे पास टेप भी है तुम्हारे हाथ पैर बांध दूंगी और मुंह पर टेप लगा दूंगी और फिर तुम्हारे पापा से फिरौती की रकम मांगूंगी समझे अगर कुछ कहा ना तो बता रही हूं मैं वह उसे आंखें दिखा रही थी।
वही अव्वयान अपने जबड़े मजबूत कर लेते हैं यह पहली लड़की थी जो उसे डांट रही थी, उस पर हुकुम चल रही थी, उस पर गुस्सा कर रही थी। पर मजाल है वह उस से डर जाए , वह तो उसे पर उल्टा दोष जमाई बैठी थी।
चाहत उसकी जैकेट निकाल कर उसके ज़ख्म को देखते हैं जहां मिट्टी इकट्ठा हो गए थे और खून भी जामना शुरू हो गया था। चाहत उसके कंधे पर अपना हाथ रखते हैं और अपनी आंखों को छोटा करते हुए उसके जख्म को साफ करने लगती हैं ।
अव्वयान की हल्की सी चीख निकल जाती हैं ।वह अपनी मुट्ठी मजबूत कर लेता है जिससे उसकी नीली नीली नसें उभरने लगती हैं ।
चाहत को इस चीज का ध्यान ही नहीं था वह उसके जख्म को साफ करते हैं उसके बेहद नजदीक खड़े होकर उसके कंधे पर फूंक मारते हुए पूरे जख्म को अच्छे से क्लीन कर देती हैं।
अव्वयान का दिल जोरो से धड़क रहा था ।उसकी नजर चाहत की आंखों पर जाकर अटक गई थी वह हनी गोल्डन आंखें जैसे वह उस पर दिल हार रहा था उसकी धड़कन बहुत तेज थी ,उस बर्फीली रात में चाहत का उसके इस तरीके से नजदीक आना उसे पागल कर रहा था।
उसे देखते हुए अचानक ही उसके कंधे पर हाथ रख तेजी से धक्का दे देता है ।चाहत एकदम से नीचे गिर गई थी और हैरानी से उसे देखते हुए चिल्ला कर कहती है l। तुम पागल आदमी मैं तुम्हारा जख्म ठीक करने की कोशिश कर रही हूं और तुम मुझे चोट पहुंचा रहे हो नहीं करती मैं तुम्हारा जख्म ठीक वह मुंह फुला कर आग के पास जाकर बैठ जाती हैं।
अव्वयान उसे देखते हुए दांत कस लेता है यह लड़की उस पर चिल्ला रही थी इसकी इतनी हिम्मत मैं इसकी जान ले लूंगा बस एक बार में ठीक तो हो जाऊं उसने मन ही मन कहा था ।
चाहत उस से अपनी नज़रें फेर लेती हैं । फिर अपने जैकेट को निकाल देती हैं। जो बर्फ की वजह से गिला हो चुका था उसे साइड में रख अपने बैग को खोल उसमें से बिस्किट निकालकर मुंह में डाल लेती हैं।
अव्वयान जो उसे घूर रहा था उसके हाथ में बिस्किट का पैकेट देख वह और बुरी तरीके से घूरने लग जाता है उसे भी भूख लग रही थी चाहत टेढ़ी नजरों से उसे देखती हैं और फिर मुंह बनाते हुए कहती है। मैं तुम्हारे साथ शेयर नहीं करूंगी यह मेरा है बोलते हुए वह बिस्किट को बड़ा सा व्हाइट मुंह में रख लेती है।
अव्वयान उस पैकेट को देखता है जो कुछ खास बड़ा नहीं था पर हां देखने में वह ब्रांडेड लग रहा था वह अपना बड़ा सा हाथ आगे बढ़कर उसके हाथ से उस पैकेट को लेते हुए कहता हैं । तुम्हारी वजह से इस मुसीबत में फंसा हूं समझी तो तुम्हारा फर्ज बनता है पहले मुझे खिलाने का न की खुद का पेट भरो वैसे भी तुम्हारा साइज देखकर ऐसा लग रहा है । जैसे काफी खाते पीते हो तुम एक दिन ना भी खाओगी कुछ हो नहीं जाएगा तुम्हें
चाहत उसे बुरी तरीके से घूरते हैं फिर मुंह बनाकर अपने बैग से एक और बिस्कुट का पैकेट निकलते हैं । और अव्वयान को अब उसके ऊपर गुस्सा आ रहा था यह लड़की उसे पागल कर रही थी क्योंकि उस पैकेट में खाली एक बिस्किट बचा था और अब उसके पास एक बड़ा सा पैकेट था जिसे वह अकेले खा रही थी।
चाहत उसे घूरते हुए कहती हैं। खा लो अब नहीं दूंगा तुम्हारे लिए ही यह बचाया था पर तुमने मुझसे गुस्से से बात करी इसलिए मैं तुम्हें नहीं देती जाओ भाड़ में बोलते हुए आराम से वहां बैठ जाते हैं बिस्किट खाने लगती हैं।
अव्वयान की आंखों लाला हो जा रहा था उसे बहुत तेज भूख लगी थी, वह कैंपेन में अपने घर से गुस्सा होकर आ गया था और पूरा दिन कुछ ना खाने से और अब कमजोरी से भूख लग रही थी उसका मन था वह बिस्किट खाना चाहता था ।
चाहत उसे देखते हैं और पैकेट को वापस से बाग में रखने लगती हैं अव्वयान उसे देखते हुए कहता हैं । Vबदतमीज लड़की तुम्हें तुम्हें बाद में देख लूंगा बस पहले एक बार यहां से निकल जाऊ
चाहत उसे देखते हैं फिर अपनी आंखें छोटी कर लेते हैं और फिर वहां पर इकट्ठा हो रखी है सूखी हुई घास को इकट्ठा करने लग जाती हैं अव्वयान उसे आगे के थोड़ा और नजदीक होकर बैठ जाता है उसे ठंड लग रही थी उसके कपड़े गीले हो चुके तो उसने खाली अपना जैकेट निकाला था उसे अपने आप से घीन आ रहे थे।
चाहत उसकी तरफ देखते हुए कहती हैं । अपना जैकेट पहनो ठंड लग जाएगी वरना तुम्हें ,
अव्वयान उसे इग्नोर कर देता है ।चाहत उसे नजर अंदाज कर देती हैं । उन दोनों के बीच एक अजीब सी लड़ाई चल रही थी , वहां रखे हुए एक कमरे के अंदर जाती हैं जहां उसे काफी सारा समान दिख रहा था। लेकिन उन्हें कपड़ा डाला हुआ था वह उस कपड़े को अलग करती हैं तो साथ ही कुछ टूटने की आवाज होते हैं उसकी नजर वहां रखे हुए कंबल पर जाते हैं जो काफी सारे ईखट्टा रखे हुए थे और देखने में कुछ खास गंदे नहीं थे , वो उसे उठाते हुए अपने छोटे हाथों में पकड़ कर बाहर आते हैं । और उसे एक बेचकर दूसरा खुद के ऊपर डालते हुए लेट जाती हैं।
उसे कुछ ही देर में उसे नींद आ जाती है ।
अव्वयान अपनी नजर आग से हटाकर उसकी तरफ देखता है । चाहत के बाल चेहरे पर आ रहे थे मासूम सा छोटा गोल मटोल चेहरा जो एकदम लाल था। और आगा की वजह से चमक रहा था ।
अव्वेयान उसे देख अपनी नजर उस पर से हटा लेता है। उसे कुछ अजीब सा महसूस हो रहा था और यह चीज वह बहुत अच्छे से समझ पा रहा था। वह खुद पर नजर डालता है बड़ा गंदगी उसके ऊपर लगी हुई थी उसे खुद से घिना आने लगती है । वह अपना शर्ट को उतार कर वही साइड में फेंक देता है शूज निकलते हुए पेंट निकाल लेता है । वह इस वक्त सिर्फ एक अंडरवियर में था। एक तो ठंड वह आगे के नजदीक होकर बैठ जाता है। उसे ठंड से कांप कपि महसूस हो रही थीं , उसका सफेद बेदाग बदन ठंड से लाल पड़ रहा था।
वो चाहत की तरफ देखता है । जो गहरी नींद में जा चुकी थी उसके दिमाग में कुछ आता है और वह अगले ही पर चाहत के साइड से ब्लैंकेट अलग कर खुद ब्लैंकेट के अंदर लेटते हुए चाहत को गले लगा लेता है। उसे बहुत ठंड लग रही थी कपड़े उतारने की वजह से उसका पूरा शरीर ठंड से अकड़ चुका था। उसे अजीब से खयाल आने लगते हैं। वह अपने सारे ख्यालों को झटकते हुए आंखें बंद कर लेता है कुछ ही देर में वह भी नींद में चला जाता है।
अगली सुबह ,,
किसी के चिल्लाने की वजह से उसकी आंख खुलती है वह अपनी आंखें खोल सामने देखता है। जहां चाहत उसके सीने पर लगातार अपने छोटे हाथों से मुक्के बरसा रही थी। और खुद को आजाद करवाने की कोशिश कर रही थी।
अव्वेयान उसे देखते हुए गुस्से से कहता है। लिटिल माउस अपने हाथ पैर चलाना बंद करो और मुझे सोने दो वह नींद में ही चाहत को गले लगने लगता है ।
चाहत उसके नजदीकी आकर उसके कॉलर बॉन पर कसके अपने छोटे से दांतों को गाढ़ाते हुए चिल्लाकर कहती हैं । तुम पागल लड़के तुम्हारे अंदर तमीज नहीं है तुम्हें पता नहीं है। किसी लड़की के साथ नहीं सोते और कपड़े उतार कर कौन सोता है। बोलते हुए वह अपना एक पैर उसके पेट पर रखती हैं पूरी ताकत से उसे दूर कर देती हैं ।
अचानक उसके चिल्लाने से। अव्वेयान एकदम से आंखें खोलकर उसे घूरने लगता है ।
वही छोटी सी चाहत दांत पीसकर उसे अपनी आंखों को छोटा कर खा जाने वाली आंखों से घूर रही थी।
अव्वेयान उसे छोड़ते हुए कहता है। बिल्ली जैसी आंखों से घूरना बंद करो वरना अभी इन्हें ही निकाल कर यहीं पर गोटिया
खेलूंगा और तुम्हारी लाश को इसी घर में छुपा कर यहां से चला जाऊंगा किसी को कानों कान खबर भी नहीं होगी
चाहत उसे घूरती फिर हंसने लगती हैं ।वह किसी शैतान की तरह हंस रही थी
अव्वेयान उसे देखते हुए कहता है । क्या हुआ तुम्हें क्या दौरा पड़ गए हैं ।
चाहत उसके नजदीक आती हैं। और उसके कान को मरोड़ते हुए कहती हैं । तुम्हारे हाथ और पैर पहले ही टूटे हैं तुम मेरा कुछ नहीं कर पाओगे ,बल्कि मैं तुम्हारी लाश को यही ठिकाने लगा कर चली जाऊंगी कोई तुम्हें ढूंढने तक नहीं आएगा उसके होठों पर डेविल मुस्कुराहट
चमक रही थी । जैसे उसे खुद पर यकीन हो कि वह ये सब कर सकती है ।
एक लम्हे के लिए तो अव्वेयान को भी अपने कान गरम होते हुए महसूस हो रहे थे । चाहत उसके बेहद नजदीक थी। उसकी सांसे उसे अपने चेहरे और कान के पास महसूस हो रही थी जिससे वह एकदम से सिहर जाता है।
।
चाहत की उम्र अभी 10साल की है manation नई कर पाई थी। ओर आप लोगों के कमेंट्स भी कम हो गए है तो इसका में क्या मतलब समझु स्टोरी बोरिंग हो गई है या रोज chp आ रहे पर आप लोग कमेंट्स नहीं करना चाहते तो मैने फिर से गौ करने शुरू कर देना है आज के एपिसोड में अग
र ऐसा हुआ तो को एपिसोड नहीं आएगा बाकी आपकी मर्जी ।।



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