34

Ghar wapshi

एक चमचमाती हुई मर्सिडीज़ बड़े से बंगलो के पास आकर रूकती हैं। दो गॉड्स जल्दी से अपनी जगह से भागते हुए आते हैं। और उसका दरवाजा खोलने के लिए हाथ आगे बढ़ाते उससे पहले ही

रूद्र अपना हाथ बढ़ाकर उसे रोक देता है । वह गार्ड स्ट्रेट होकर खड़ा हो जाता है ।

रूद्र पीछे की तरफ आता है। और वहां का दरवाजा खोल चाहत की तरफ देखता है। जो उसके ऑपोजिट डायरेक्शन में देख रही थी।

रूद्र सामने की तरफ देखता है ।जहां रक्षित प्यार भरी नजरों से उसे देख रहा था ।उसके होठों पर मुस्कुराहट थी रूद्र जल्दी से चाहत का हाथ पकड़ कर उसे अपने साइड खींचते हुए कहता है । तुम भाई की तरफ मत देखो मैं बहुत देर से देख रहा हूं । तुम अपना साइड बदल रहे चुपचाप मेरे साइड रहा करो समझी गुड़िया ,

चाहत उसकी तरफ सर उठा कर देखती हैं ।

रक्षित ने भी उसका दूसरा हाथ पकड़ लिया था। वह उसे अपनी तरफ खींचते हुए कहता हैं । तुम मेरी गुड़िया हो तुम मेरी बात मानोगी क्योंकि मैं तुम दोनों से बड़ा हूं समझी ।

चाहत रक्षित की तरफ देखने लग जाती है । दोनों ही भाई बारी-बारी से उस पर हक जमा रहे थे । कि तभी उन दोनों के कानों में बहुत ही दीप आवाज पड़ती है। कौन है जो हमारी गुड़िया को परेशान कर रहा है । और तुम दोनों नालायक खोते दे पुत्तर तुम दोनों को शर्म नहीं आती अब घर ला रहे हो हमारी गुड़िया को, हटो सामने से बोलते हुए वह रूद्र को साइड कर देते हैं । और खुद चाहत की तरह झुक जाते हैं ।

चाहत उनकी तरफ देखने लगती है। वह खामोशी से बैठी थी उसका दिल जोरो से धड़क रहा था। उसकी सांसे तेज चलने लगती हैं । उसे डर लग रहा था।

वही वो सख्श अपना हाथ चाहत के सर पर रख बहुत ही प्यार से कहता हैं । गुड़िया अब क्या इस ठंड में अपने इस बूढ़े मामा को यहां पर खड़ा करना चाहती हो क्या तुम्हें अपने मामा की फिक्र नहीं है। बोलते हुए उदास होने का नाटक करने लगते हैं ।

चाहत जल्दी से गाड़ी से बाहर आ अपना सर झुका कर खड़ा होते हुए धीमी आवाज में कहती हैं। आप आप यहां क्यों आए हैं ? आपको आपको ठंडी लग जाएगी,

उसके चेहरे पर मासूमियत और डर दोनों बरकरार था। कि तभी एक लेडी कि कड़कती हुए आवाज उन सब के कानों पड़ती है ।

सही है भाई अपने ही अपनों से मिलते हैं । पराए को तो भूल ही जाते हैं। किसी को मेरी कदर ही नहीं है।

चाहत सामने की तरफ देखती है । जहां पर करीब 40 साल की औरत खड़ी थी उन्होंने एक प्लाजो सूट पहना हुआ था । शॉल को साइड से कर कर रखा था , खुले हुए लंबे बाल जिसे बीच से partishan कर सिंदूर लगाया हुआ था, होठों पर हल्के से मुस्कुराहट , देखने में बहुत ही खूबसूरत लग रही थी, उनके नाक पर गुस्सा था।

चाहत उनकी तरफ देखने लगती हैं। उसके कदम हल्के से पीछे हो गए थे, वहीं रुद्र और रक्षित दोनों ही चाहत के इर्द-गिर्द खड़े हो जाते हैं । और वही उसके बगल में उसके मामा खड़े हुए थे। वो लेडी चाहते के नजदीक आती हैं। और उसे कंधे से पकड़ कर अपने ठीक सामना खड़े करते हुए कहती हैं। ,, आप इतनी बड़ी हो गई हैं पर आपको अपनी मामी की याद अब आ रही है । जाइए हम आपसे बात नहीं करेंगे,

चाहत उनका इस तरीके से खुद पर हक जताने से उसे बेहद अजीब लग रहा था , कितना वक्त हो गया था किसी ने तो उसे ठीक से यह नहीं पूछा था कि वह ठीक है कि नहीं और यहां सब उसे पर हक जमा रहे थे

उसके आंसू धीरे-धीरे बहते हुए चेहरे पर आ जाते हैं ।वह कदम पीछे लेती उससे पहले ही सभी लोग उसके नज़ीदक खड़े होकर उसे अपना कदम पीछे लेने से रोक देते हैं ।

चाहत उन सभी को देखने लगती हैं । तुरंत अपनी नज़रें नीचे कर लेती हैं ।

मैसेज ओबेरॉय चाहत के गाल पर हाथ रख उसके चेहरे को ऊपर उठाते हुए आंखों में आंखें डाल कर कहती हैं। हमें पूरा यकीन है ।कि हमारी गुड़िया कुछ गलत नहीं कर सकती, तो आज के बाद हमारी गुड़िया की नजरे किसी के सामने भी नीचे नहीं झुकेंगे, आप हमारी क्वीन है। भूलिए मत चलिए अब आप हमारे साथ अंदर हम आपकी अच्छे से क्लास लगाएंगे , अपने आप को समझती क्या है?

रूद्र ने हमें सब कुछ बता दिया है ।यह क्या हरकत की थी आपने ,अगर आपको अपने पेरेंट्स के साथ नहीं रहना था तो एक बार हमारे बारे में तो सोच लेती , भूल गई है क्या आप हमारी एक लौटी बेटी हैं । उनका गला भर आया था , चाहत उनकी तरफ देखती हैं । और कस के उन्हें गले लगाते हुए रोना शुरू कर देती हैं ।

उसके आंसू बुरी तरीके से निकल रहे थे, मिसेज ओबेरॉय उसकी पीठ पर अपनी पकड़ मजबूत कर उसे आहिस्ता आहिस्ता सहलाने लगती हैं ।रुद्र और रक्षित घबरा चुके थे वह उसे चुप करने के आगे बढ़ते हैं । कि मिसेज ओबेरॉय उन्हें बीच में ही रोक देती है।

चाहत जमीन पर बैठ जाते हैं ।Mrs Oberoi or Mr Oberoi जमीन पर बैठ उसे संभालते हुए कहते , क्या कर रही है गुड़िया आप उठिए चलिए अंदर

चाहत उन्हें दूर करते हुए, खुद में सिमटते हुए कहती हैं , मैं गंदी हो चुकी हूं अगर मैं आप लोगों के साथ भी रहूंगी तो आप लोगों की भी बहुत बदनामी होगी मम्मी कहते हैं एक मछली पूरे तालाब को गंदा कर सकती हैं। मैं ऐसा ऐसा नहीं कर सकती मुझे जाने दीजिए मुझे मुझे यहां नहीं रहना z

फिर रक्षित की तरफ देखकर, भाई भाई आप मुझे किसी भी किसी भी कमरे में रख दो पर मैं बाहर नहीं आऊंगी पर मुझे यहां नहीं रहना है उ।सका चेहरा ठंड और रोने की वजह से पूरी तरीके से लाल हो चुका था ।

रुद्र और रक्षित उसकी तरह देखते हैं, मिस्टर ओबेरॉय रक्षित की तरफ देखते हुए कहते, हमारी गुड़िया को अंदर लेकर चलो ,

रक्षित उसे गोद में उठने लगता है ।की चाहत उसे खुद से दूर करते हुए कहती है ।भाई प्लीज मुझे नहीं जाना है आपको समझ क्यों नहीं आ रह हैं ।

मैसेज ओबेरॉय उसे देखते हुए हल्के गुस्से से कहते हैं, आप हमारी बेटी हैं और रही बात गंदे होने की तो आप गंदे नहीं आपसे ज्यादा पवित्र तो गंगा का पानी की तरह आप हमारी गुड़िया है। और जिसने आपके साथ ये हरकत की है उसकी जान हम अपने हाथों से लेंगे बोलते हुए उनकी आंखों में आग जल रही थी।

रक्षित उसे अपनी गोद में उठाकर सीधा घर के अंदर चला जाता है ।

और उसके पीछे मिसेज ओबेरॉय और मिस्टर ओबेरॉय रुद्र के साथ खड़े रक्षित को जाता हुआ देख रहे थे मिसेज ओबेरॉय मिस्टर ओबेरॉय की तरह देखते हुए कहती हैं। किसने कर रहा है हमारी गुड़िया के साथ यह सब कुछ हम कुछ वक्त के लिए बिजनेस ट्रिप पर क्या गए हमारी गुड़िया को बर्बाद करके रख दिया, उनकी आंखों से आंसू गाल पर आ गए थे , उनकी नाक लाल हो चुकी थीं।

मिस्टर ओबेरॉय उन्हें साइड से गले लगाते हुए कहते हैं, वैशाली अगर आप इस तरीके से रोएगी तो फिर उसे कौन संभालेगा शांत हो जाओ जिसने भी हमारी गुड़िया के साथ यह सब कर है। उसके तो हम सात पुश्ते

मिटा न दी तो हमारा नाम ही कशिश ओबेरॉय नहीं , बोलते हुए वह लोग रुद्र की तरफ देखते हैं।

रूद्र अपनी नजरे चुराने लगता है ।

मिस्टर कशिश उसे घूरते हुए कहते हैं। हमने कभी भी तुम्हें नजरे चुराना नहीं सिखाया अगर गलती हो तो नज़रे नीचे होनी चाहिए बिना गलती के अगर नीचे झुकी तो तुम मेरा गुस्सा बहुत अच्छे से जानते हो,

रुद्र उनकी तरह देखता है ।और उन्हें साइड से गले लगाते हुए अजीब सी आवाज में कहता है ।रिलैक्स डेड तमाशा शुरू हो चुका है उसके होठों पर मिस्टीरियस मुस्कुराहट थी । वह हाथ में चाबी उछलते हुए अंदर की तरफ कदम बढ़ा देता है ।

वही वैशाली रूद्र को इस तरीके से जाता हुआ देख मिस्टर ओबेरॉय को देखते हुए कहती है। हमें ऐसा क्यों लग रहा हज। कि आपका लाडला कुछ करके आया है ।

मिस्टर कशिश उनकी बात बीच में कट करते हुए बोलते हैं। आप शायद रही हैं। वह अपनी मॉम का मगरमच्छ है ना कि अपने पापा का परा तो आप सोच समझ कर जरा बोला कीजिए बोलते हुए वह पतली गली पकड़ कर सीधा अंदर की तरफ कदम बढ़ाते हुए कहते हैं ।और वैसे भी गुड़िया घर पर आई है ।आपको खाना नहीं बनाना है क्या? आपको पता है ना उसे आपके हाथ का खाना कितना पसंद है। चलिए बस आपको तो बातें करने का मौका मिलना चाहिए, वह जल्दी से अंदर की तरफ चले जाते हैं । जैसे उनकी कोई चोरी पकड़ी जाने वाली हो।

वही वैशाली जी अपना हाथ दूसरे हाथ से मसलते हुए कहती हैं। यह तीनों बाप बेटे जरूर कुछ तो गड़बड़ करने वाले हैं जो मुझे बताया नहीं जा रहा है पर मैं भी इनकी मां हूं एक शेर की बीवी हूं ऐसे कैसे सब कुछ अपने आप होने देंगे मेरी गुड़िया को रुलाने वाले को खून के आंसू रुलाना है बोलते हुए वह भी अंदर चली जाती है ।

कुछ देर बाद,,

सभी लोग डाइनिंग टेबल पर बैठे हुए थे , चाहत अपनी प्लेट पर लगा हुआ अपनी पसंद का खाना देख रही थी शाही पनीर, पूरी, गाजर का हलवा, रसमलाई और साथ में उसका फेवरेट पुलाव और रायता वह नजर उठा कर वैशाली की तरफ देखती है जो मुस्कुराते हुए हाथ में व्हाइट बनाकर उसकी तरफ बढ़कर बैठी हुई थी,

चाहत धीमें से कहती है। में मुझे मुझे भूख भूख नहीं नहीं है । उसके शब्द अभी भी लड़ खड़ा रहे थे ,उसे देखकर साफ पता चल रहा था वह लोगों से डरने लगी है ।उसकी यह हालत देखकर कशिश उसके पास आते हैं। और वैशाली को घूरते हुए कहते हैं। यह क्या सुन रहे हैं हम आप हमारी गुड़िया को अच्छे से खाना तक नहीं खिला पा रही है। हम खुद अपनी गुड़िया को अपने हाथों से खाना खिलाएंगे , गुड़िया आप हमारे हाथों से खाना खाएंगे ना,

चाहत उनकी तरफ देखती है। इतना प्यार उसे अचानक से मिल गया था । कहां 7 साल उसने अपने घर में बिताए थे , वह भी किसी कैदी की तरह

वो कशिश की तरफ देखने लगती हैं ।तभी वैशाली कशिश को घूरते हुए कहते हैं। आप अपने आप को समझते क्या है ।हमारी गुड़िया हमारे हाथ से भी खाना खा सकती हैं । है ना गुड़िया आप हमारे हाथ से खाना खाएंगे ना वह किसी जिद्दी बच्चे की तरह जिद पर आ चुकि थी।

चाहत उनकी तरफ देखती हैं। और थोड़ा सा अपना मुंह खोल देती हैं।

वैशाली मुस्कुराते हुए उसके मुंह में निवाला डाल देती हैं। वहीं रुद्र और रक्षित अगल बगल बैठे हुए थे , और प्यार से चाहत की तरफ देख रहे थे, उनके चेहरे पर मुस्कुराहट खिली हुई थी

तभी रुद्र के दिमाग में कुछ क्लिक करता है। वैशाली की तरफ देखते हुए कहता है। मोम its नॉट फेयर हम यहां पर गुड़िया को लेकर आए हैं। इसका यह मतलब नहीं है कि आप मुझे भूल जाए और सिर्फ और सिर्फ सारा ध्यान गुड़िया पर ही दे आप मुझे भी खाना खिलाए मैं भी आप ही का बेटा हूं। आप मुझे डस्टबिन से उठाकर नहीं लाई थी।

चाहत हल्की नजर उठा कर रुद्राक्ष की तरह देखती है और धीमी आवाज में केहती हैं । आपको डस्टबीन से ही उठा कर लाए थे आप भूल रहे हैं शायद ,उसने बहुत ही धीमे से कहा था। उसके चेहरे पर छोटी सी मुस्कुराहट थी सभी लोग उसकी तरफ देखने लगते हैं। वहां पर एक गहरी शांति छा चुकी थी।

चाहत जब सब की नजर खुद पर महसूस करती हैं तो घबरा जाती हैं । वो फिर से नीचे देखने लगती हैं। तभी हीउसके कानों में सबके हंसने की आवाज आती सभी लोग थके मार कर हंस रहे थे जैसे कितना अच्छा जोक था तो

वही रुद्र उसे देखते हुए कहता है । यह गलत बात है और गुड़िया तुम तो मेरे साइड थी ना तुमने मॉम और डैड को देखकर पार्टी ही बदल ली देखना मैं इसका बदला तुमसे जरूर लूगा तुमसे ओर है अब में अपनी कोई टीशर्ट पहने भी नहीं दूंगा समझी तुम और मुंह फुला कर खाना खाने लगता है।

तभी रक्षित बीच में आते हुए कहता है। गुड़िया तो फिर तुम भी बोल दो ना तुम्हारे पास बहुत सारे कपड़े हैं ।और अगर कम पड़ जाए तो तुम मेरे शर्ट पहन लेना मैं एतराज नहीं करूंगा बिल्कुल भी ,

चाहत मुस्कुराने लगती हैं। उसके चेहरे पर बहुत ही प्यारी सी चोटी सी मुस्कुराहट थी वो देखने में खुश लग रही थी इसे ही धीरे-धीरे सभी उसे डिनर करवाते हैं।

रक्षित नैपकिन से अपना मुंह साफ करते हुए , चलो तुम मेरे रूम के बगल वाले कमरे में रहोगी ताकि मैं हमेशा तुम्हारे आसपास रहूं ,

रूद्र उसकी तरफ देखते हुए, बिल्कुल नहीं गुड़िया मेरे साथ मेरे कमरे में रहेगी और वह हमेशा से वही रहती थी भाई तो अब आप ज्यादा मेरी गुड़िया को अपने साइड मत करो मैं देख रहा हूं आप बहुत ही ज्यादा उसे रिश्वत दे रहे हो अपने साइड करने की पर गुड़िया मेरे साथ ही रहेगी।

चाहत उन दोनों की तरफ देखते हुए खड़ी हो जाती हैं रक्षित और रुद्र दोनों ही अपनी अपनी जगह से खड़े हो जल्दी से चाहत का हाथ पकड़ आगे भागते हुए कहता, गुड़िया जल्दी चलो मैने तुम्हारे लिए बहुत ही खूबसूरत सा रूम डेकोरेट करवाया है। तुम्हें बहुत पसंद आएगा वह उसे लेकर भागते हो ऊपर की तरफ चला जाता है । रुद्र उन दोनों के पीछे धीरे-धीरे भाग रहा था । वह तीनों लोग वहां से जा चुके थे।

वैशाली कशिश की तरफ देखते हुए कहती है ।ऐसा लग रहा है जैसे घर में पहले की तरह रौनक आने वाली है। भले ही आज उसने कम शब्द कहे हैं। पर बहुत जल्द वह पहले की तरह हो जाएगी जो हर बात पर नाटक करती थी और जिद करती थी ।

कशिश वैशाली के बात पर सर हिला देते हैं। फिर कुछ सोचते हुए कहते हैं । तुम्हें क्या लगता है हमें उन दोनों से बात करनी चाहिए कशिश की बात पर वैशाली में चेहरे पर गुस्सा बढ़ जाता है । वह उनकी तरफ घूरते हुए कहती है । आई डोंट केयर मुझे फर्क नहीं पड़ता वह मेरी गुड़िया है और हमारे साथ ही रहेगी और रही बात उनकी तो जब 7 साल में उन लोगों ने पता नहीं चलने दिया चाहत के कंडीशन के बारे में तो उन्हें अब क्या घंटा फर्क पड़ेगा। और अब अगर आप ने गलती से भी अपनी उस मनहूस बहन और उस लालची आदमी का जिक्र घर में करा तो मैं आपको घर से धक्के मार के निकाल दूंगी वह पैर पटकते हुए सिद्ध कमरे में चली जाती है।

वही कशिश हैरानी से उसकी तरफ देखते हुए कहता है। हमें समझ नहीं आता कि आपको हमारी बहन से इतनी चिड़ शुरू से और उसकी बेटी पर इतना प्यार क्यों है। क्या जमाना a gaya है बोलते हुए वह भी अपना सर हिलाते हुए कमरे की त

रफ चले जात

Write a comment ...

Write a comment ...