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exsaited

अव्वेयान दरवाजे की तरफ देखता है । जहां पर एक हटा कटा इंसान खड़ा हुआ था ।उनके चेहरे से की फीचर्स अव्वेयान से काफी हद तक मैच कर रहे थे खास कर के उनकी वह गहरी नीली आंखें, उनकी उम्र देखकर बताई नहीं जा सकती थी। उनकी रौबदार आवाज आज में आज भी वही गरज वही कड़क थी वो सख्श अंदर आते हैं ।

अव्वेयान उनकी तरफ देखते हैं अपनी मुठिया मजबूत कर लेता है ।

रुक्मणी जी उनकी तरफ देखते हंसकर कहती हैं। बस अब तुम्हारी ही कमी थी अर्जुन मैं अब और यह सब बर्दाश्त नहीं कर सकती तुम्हारी बीवी के ताने तुम्हारे बेटे के ताने और अब जिस लड़की के साथ ये बिस्तर गर्म कर रहा था वह लड़की इस घर में आकर ना जाने कितने सर्वेंट के साथ वह ,

आगे कुछ बोलती उससे पहले ही तारा जी जो किचन में थीं अव्वेयान के चिल्लाने से बाहर आ गई थी उनके सामने आकर गुस्से से कहती हैं । बस करिए मां जी मैंने कभी आपके सामने ऊंची आवाज में बात नहीं करी वह लड़की जिस पर आप इतने घिनौने इल्जाम लगा रहे हैं आप जानती भी हैं । उसके बारे में कुछ जो ऐसी बात कर रही हैं । आपको पता नहीं है उसके बारे में उसके कैरेक्टर के बारे में वह आज भी उतनी ही पवित्र है जितनी मैं उसे जानती हैं । उसने आज तक किसी लड़के की तरफ नजर उठा कर नहीं देखा वह आपकी तरह नहीं है ।

रुक्मणी जी की आंखें बड़ी हो जाती हैं । तारा जी ने कभी भी उनसे ऊंची आवाज है बात करना तो दूर उनकी तरफ नजर उठा कर नहीं देखा था। और आज उन्होंने उनकी बात को बीच में काट दिया था।

वही अर्जुन जी तारा जी को देख रहे थे वह उसके नजदीक आते हैं और उन्हें नाराजगी से देखते हुए कहते हैं , यह क्या हो रहा है तुम इस तरीके से मेरी मां से बात नहीं कर सकती।

अव्वेयान उनके ठीक सामने खड़े होते हुए कहता। एक्जेक्टली डैड बिल्कुल इसी तरीके से आप भी मेरी मॉम से बात नहीं कर सकते, और उन्हें घूरना बंद करिए ,

तारा जी अव्वेयान का हाथ पकड़ते हुए गुस्से से कहती हैं। चलो यहां से जहां पर ना मेरे इज्जत है । और न ही मेरे बच्चों की और उनके बेटों की आंख में तो पट्टी बंधी हुई है उन्हें कभी मैं देखूंगी नहीं लव मैरिज करके मुझे यहां लेकर आए थे और कभी मुझसे पूछा तक नहीं कि मैं केसी हु पर आज बताती हूं आपकी मां ने घर में आए उस छोटी सी फूल जैसी बच्ची के साथ जो कुछ कर है ना वही चीज मैं भी अपनी जवानी में सहती आ रही थी पर बात यह है ना उसके दो भाई थे जो उसका कंधा बने हुए हैं । मेरा कोई भाई नहीं था इसलिए मजबूरी में मुझे यहां रहना पड़ रहा था । पर आज मेरा बेटा है और हां अगर आपको मैं फिर भी गलत लग रही हूं तो घर में सीसीटीवी लगे हुए हैं जाकर चेक कर लीजिए आपकी मां को इस बारे में नहीं पता यह मेरे बेटे ने लगवाया था अपनी शादी से पहले आपको उनमें बहुत कुछ मिल जाएगा ,

फिर अव्वेयान की तरफ देखकर और उस लड़की के जिसका बदला तुम चाहत से ले रहे थे उसे इन्होंने अपने हाथों से मारा है m मेरी आंखों के सामने तुमने कभी सोचा नहीं ना कि अभियुक्त तुमसे इस तरीके से बात क्यों करते हैं वो सिर्फ इसलिए करता है क्योंकि उसने अपनी आंखों से अपनी मां को मारता हुआ देखा था । और उसे संभालने के लिए उसका बाप पैसा कमाने में भी बिजी था

कभी-कभी इंसान को पैसा ले डूबता है । समझे तुम तो अपने बेटे पर भी ध्यान दो और अपनी बीवी से अगर जरा भी प्यार करते हो जिससे अपनी बीवी को बदला लेने के लिए उस मासूम की जिंदगी बर्बाद करी है। तुमने उसे वापिस ले आओ वरना मुझ से बुरा कोई नहीं होगा ,

उन्होंने आज चीखा चिल्लाया और अपनी बात रखी थी घर में मौजूद तीनों लोग हैरानी से उन्हें देख रहे थे

रुक्मणी जी गुस्से से उसके सामने आती हैं उनका कंधा पड़कर अपनी तरफ करते हुए कहती हैं। कल की आई हुई दो टके की लड़की के लिए तुम अपनी सास से मुंह चला रहे हो।

तारा जी उनकी बात पर हंस कर अपने हाथ से उनका हाथ दूर करते हुए कहती हैं। भूलिए मत कि मैं कौन हूं पर आज भी मेरे नाम पर स्कूल चल रहा है मुझे आपके घर की यह सूखी रोटी खाने में बिल्कुल दिलचस्वी भी नहीं बिल्कुल ओर में यह से गई न तो आपकी सो कोल्ड स्टेटस reputation ki धज्जियां udh जाएगी

फिलहाल तो जिसके दिल और घर बड़े होते हैं वह अक्सर बहुत गहरे राज लिए रहता है । आपने कभी अपने बेटे को नहीं अपनाया क्योंकि आपके पति का दूसरी जगह चक्कर चल रहा था । आपने कभी मुझे नहीं अपनाया क्योंकि वह प्यार जो आपके पति कभी आपको नहीं दे पाए वह आपका नाजायज बेटा मुझे दे रहा था आपने। अभी कभी मेरे बेटे को नहीं अपनाया क्योंकि वह आपकी हर बात का जवाब आपको पलट कर देता था । और आपने उसकी औलाद पर जो नकली प्यार दिखाया वह भी मुझ से छिपा नहीं है । और आपने मेरा तो छोड़ो उस फूल जैसी बच्ची की तक कदर नहीं करें , याद रखना जब एक मां का दिल फटता है ना तो उसकी आवाज आसमान तक जाती है ।

कही ऐसा न हो जब आपको सब की जरूरत हो आपके पास कोई नहीं हो बोलते हुए हो अपने आंखों में आए हुए नमी को अंदर ही दबा लेती हैं । सीधा बाहर की तरफ कदम बढ़ने लगती हैं । अर्जुन जी उनका हाथ पकड़ते हुए कहते हैं , यह तुम क्या कर रही हो? और कहां जा रही हो ,

तारा जी उनके हाथ पर अपना हाथ रख अपने हाथ को छुड़ाते हुए कहती हैं। आप जाइए और जाकर अपनी बिजनेस मीटिंग्स का और क्लाइंट्स अटैंड करिए जो भी है आप वह सब इंजॉय कीजिए क्योंकि आपके पास ना कभी मेरे लिए वक्त था और ना ही कभी मेरी औलाद के लिए तो आप जाइए यहां से और रही बात अपनी मां का प्यार जो सिर्फ और सिर्फ दिखावे का कुछ ही देर के लिए होता है । तो आप उनके साथ रहे पर मैं आपके साथ नहीं रह सकती , और हां अगर मेरी बहू घर नहीं आई तो मैं आपको डाइवोर्स दे सकती हूं ।

अर्जुन जी के कानों में जैसे ही आवाज गूंजती हैं। उनके सर पर जैसे बिजली गिर जाती हैं । वह हैरानी से तारा जी की तरफ देख रहे थे उन्हें तो किसी चीज के बारे में पता ही नहीं था।

वही अव्वेयान बड़ी-बड़ी आंखों से अपनी मां को देखने लगता है । वह मां जिसने कभी पलट कर किसी को जवाब नहीं दिया था वह मां जो रातों में रोती थी और दिन में उसके सामने मुस्कुराती थी। वह आज अपने ही पति से अपनी बेटे से अपने घर वालों से उस लड़की के लिए लड़ रही थी वह अपनी मुट्ठियां मजबूत कर लेता है । सच में उसने बहुत बड़ी गलती करी थी

उसने कांच के घर पर पत्थर फेंका था और उसकी गूंज उसके घर तक आई थी,

तारा जी कियान तरफ देखती हैं और उसके हाथ से चाबी को लगभग चित हुए कहती हैं । कोई मेरे पीछे नहीं आएगा मेरा जब मन करेगा जहां जाने का मन करेगा मैं जाऊंगी समझे, बोलते हुए वह चाबी लेकर घर से निकल जाती हैं ।

अर्जुन जी हैरानी से अव्वेयान की तरफ देखने लगते हैं। जो बिना किसी एक्सप्रेशंस के वहां पर खड़ा हुआ था।

वही रुक्मणी जी को अपने दिल में दर्द होता हुआ महसूस हो रहा था। वह अर्जुन की तरफ देखते हुए कहती हैं। देख रहे हो तुम कैसे तुम्हारी बीवी और बेटे मुझ पर गलत गलत इल्जाम लग रहे हैं।

अर्जुन की बात को बीच में ही काटते हुए कहती हैं। मां प्लीज बस करिए और कितना कहेंगे आप इतनी बुरी तो नहीं थी ना जितना आप बन रही हैं आपने उस लड़की को इसलिए मरवा दिया था । क्योंकि उसने अपनी प्रॉपर्टी में से आपको कोई हिस्सा नहीं दिया था। आप यह कैसे भूल सकती हैं कि वह दो नाजुक से बच्चों को अपने पीछे छोड़ कर गई है।

रुक्मणी जी का चेहरा काला पड़ जाता है यह बात बिल्कुल सच थी उन्होंने जान पूछ कर अव्वेयान की पहली बीवी को अपने हाथों से मारा था और सारा इल्जाम अव्वेयान के दोस्त चाहत के भाई पर डाल दिया था। वह अव्वेयान का दोस्त था और दूसरी तरफ उस लड़की का बेस्ट फ्रेंड था जब उन्हें लगता है। कि वह पूरी तरीके से फंस चुकि हैं। वह मुस्कुराते हुए कहती हैं। जब तुम्हें पूरा सच पता था तो इतने वक्त तक कहां थे क्या कर रहे थे और रही बात उस लड़की को मारने की खाली प्रॉपर्टी के लिए नहीं मारा था , उसने मेरा सच देख लिया था तो उसे मरना ही था, मैं भला कैसे अपना सच किसी और के सामने ला सकती थी

अव्वेयान उनकी तरफ नफरत भरी नजरों से देखता है और कहता है जिस लड़की से अपने मिलकर इतना बड़ा षड्यंत्र रचा जब आप उसकी नहीं हो सकी तो आप किसी के नहीं होगी बोलते हुए वह उन्हें घिन भरी नजरों से देखता है । और वहां से निकल जाता है ।

अर्जुन जी उनके सामने खड़े हो जाते हैं । रुक्मणी जी को अभी भी अपनी गलती का बिल्कुल भी एहसास नहीं था वह उनकी तरफ देखते हुए अकड़ कर कहती है। जाओ जाओ मुझे वैसे भी किसी की जरूरत नहीं है। मैं अकेले सब कुछ संभाल सकती हूं । और वैसे भी यह सब कुछ मेरा ही तो है मैंने पैसों के लिए उस लड़की से जबरदस्ती अव्वेयान की शादी करवाई थी उन दोनों के बीच तो कुछ होने वाला भी नहीं था वह तो मैं ही थी जिसे पूरा प्लान बनाकर उसे प्रेग्नेंट करवाया था। और उसके बाद जब मुझे लगा के अव्वेयान शायद उसकी तरफ अट्रेक्ट हो जाएगा और अपनी प्रॉपर्टीज में उसे हिस्से देगा तो मैं उसकी जान लेकर सारी प्रॉपर्टी अपने नाम कर लूंगी उसकी भी और जो अव्वेयान उसके नाम करेगा वह भी

तो मुझसे ज्यादा कोई अमीर नहीं होगा पर कमबख्त उसे भी पता चल गया कि मैं उसकी प्रॉपर्टी पर नजर डाली हूं। और उसे मारने का प्लान बना रहे हैं । फिर क्या था बेचारी को अपनी ही जान से हाथ धोना पड़ा पर इस सब में एक चीज थी उन तीन महीने मेरा एंटरटेनमेंट बहुत अच्छा था जब वह लड़की इस घर में आई थी और कमबख्त चली गई हाथों में बड़ी खुजली हो रही हैं उफ्फ शायद याद आ रही है उसकी

अर्जुन जी उनके मुंह से उनकी काली कर टूटे सुन रहे थे उनके नस उभर रही थी । वो गहरी गहरी सांस लेकर अपने गुस्से को शांत कर रहे थे। जब उनसे बर्दाश्त नहीं होता वह चिल्लाते हुए कहते हैं , बस कीजिए बस कीजिए मां आप इतना नीचे कैसे गिर सकती सिर्फ और सिर्फ प्रॉपर्टी के लिए आप एक बार मुझे बोलती मैं सारे प्रॉपर्टी आपके नाम कर देता, तब भी आपका मन नहीं भरता तो मैं खुद को भेज देता पर आपने मेरी बीवी और बहू पर इतना जुल्म करा और उस लड़की को जिसे अभी तक जाना नहीं है देखा नहीं है उसके लिए भी मेरे दिल में जगह बन रही है । पर आपका दिल में किसी के लिए जगह नहीं हो सकती ना आपको प्रॉपर्टी के पेपर भेज दूंगा रही आप आपके झूठे शान और शौकत की उम्मीद मत करेगा कि कभी अर्जुन या उसका खून में से कोई भी आपके घर आएगा या आपको कंधा देगा क्योंकि हमारा खून ही गंदा है ।

बोलते हुए वह वहां से चले जाते हैं वह पूरा घर गहरी शांति से गिर चुका था रुक्मणी जी उन सभी को जाता हुआ देखती हैं उ। न्हें अपने सीने में दर्द हो रहा था वह अपनी जेब से एक दवाई निकल कर मुंह में रख आंखें बंद कर लेती और कुछ देर बाद मुंह बनाते हुए कहती हैं । मुझे क्या फर्क पड़ता है। मुझे तो पैसा चाहिए था अब मैं आराम की ऐश की जिंदगी jiyugi बोलते हुए वह मटकते हुए अंदर चली जाती हैं। पर इस समय कुछ हुआ था तो उनके सारे रिश्ते उनसे दूर हो चुके थे। जिसका उन्हें बिल्कुल फर्क नहीं पड़ रहा था।

शाम का वक्त ,

तारा जी घबराते हुए अस्पताल बेंच पर बैठी थी उनके माथे पर ठंडा पसीना था। अर्जुन जी वहां पर उनके नजदीक आते हुए घबराते हुए कहते है। आप यहां पर क्या कर रही हैं। आपको कोई चोट तो नहीं लगी , आप ठीक तो है न

तारा जी उनकी आवाज सुन अपनी जगह से खड़ी होती है । और उनके सीने से लगते हुए कहती हैं। मुझे मुझे बहुत ज्यादा डर लग रहा है।

अर्जुन जी उनकी तरफ देखते हैं उन्हें शांत करते हुए कहता है। रिलैक्स कुछ नहीं हुआ है मैं हूं ना आपके साथ आप शांत हो जाएं। और ये बताया ज्यादा चोट तो नहीं आई है।

तारा जी उन्हें देखते हुए धीमी आवाज में कहती है। डॉक्टर उन्हें चेक कर रहे है।

अर्जुन जी अंदर चले जाते हैं। उनकी नजर बेड पर लेटे हुए सख्श की तरफ चली जाती हैं। उसके बाल कुछ लंबे हो चुके हैं और दाढ़ी भी काफी ज्यादा निकल आए थे आंखों के नीचे गहरे गड्ढे और चेहरे पर कुछ मोटे-मोटे से दाने निकले हुए थे, देखकर लग रहा था जैसे बहुत ही अधमरी हालत है बस जैसे तैसे अपनी जिंदगी का गुजारा कर रहा है उसकी उम्र मुश्किल से 28 29 साल ही होगी उस उम्र में भी देखने में ऐसा लग रहा था जैसे 40 का हो चुका है ।

अर्जुन जी उसे देखते हुए खुद से कहते है। ऐसा क्यों लग रहा है जैसे मैंने तुम्हें पहले भी कहीं देखा हुआ है। वह अपने ख्याल को झटक देते हैं ।

कुछ देर में उसे लड़के को होश आया था वो उसे देखते हुए कहते हैं। अब तुम ठीक हो ना बेटा ,? तुम्हे ज्यादा चोट तो नहीं आर न,

वो लड़की जैसे अपनी आंखें खोल कर सामने देखता हैं। अर्जुन जी को देखकर उसकी आंखें हैरानी से बड़ी हो गई थी। वो नजरे चुराते हुए कहता है । , में मैं ठीक हूं मैं बिल्कुल ठीक हूं आप लोग फिकर मत करिए बोलते हुए वह आसपास देखने लगता है।

अर्जुन जीं उसके सामने आकर गहरी आंखों से उसे देखते हुए कहते है ।, ऐसा क्यों लग रहा है जैसे मैं पहले से आपको जानता हूं । क्या आपने मुझे पहले कहीं देखा है ।

वह लड़का अपनी नज़रें चुराते हुए कहता है।नहीं नहीं हम पहले कभी नहीं मिलें

आपको कौन नहीं जानता आप इतने बड़े बिजनेस मैन है बोलते हो उसकी आवाज में घबराहट थीं नज़रे नीचे की तरफ थी वह जैसे ही बेड से उतरने की कोशिश करता है उसके पैर पूरी तरीके से लड़खड़ा जाते हैं। वह नीचे गिरता अर्जुन जी तुरंत संभालते हुए बेड पर बैठा देते हैं।

उनकी नजर उस लड़के के पैर पर जाती है मनवह हैरान थे तभी एक नर्स वहां जाकर व्हीलचेयर साइड में लगाते हुए कहती हैं bसर आपकी व्हीलचेयर। वो जल्दी से सर हिला देता है।

तो अर्जुन चाहिए उसे बेड पर उसे लेट आते हुए कहते है, बेटा अभी आपकी कंडीशन ठीक नहीं है। आप रेस्ट करें और कल डिस्चार्ज करेगा बिल्कुल टेंशन मत लीजिएगा मेरी वाइफ से गलती से हो गया वो काफी स्ट्रेस थी, आई होप यू अंडरस्टैंड,

वह लड़का कुछ नहीं करता चुपचाप लेट जाता उसके हाथ में ड्रिप लगी हुई थीं जिसे वह निकालने की कोशिश में लगा हुआ था अर्जुन जी उसे देखते हैं और वापस तारा जी को लेकर वहां से निकल जाते हैं।

वहीं बेड पर लेटा हुआ सख्श दरवाजा बंद होने के साथ ही गहरी सांस लेता है। और अपनी आंखें बंद कर लेता है नींद का इंजेक्शन था जिस से अपना सर भारी होता हुआ महसूस हो रहा था वह अपनी आंखें बंद करता है तो उसे गहरी नींद आ जाती है ।

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