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Dark room

रात का वक्त ,

एक अंधेरे कमरे में अजीब सी आवाज हो रही थी जैसे किसी चीज को जलाया जा रहा हो किस चीज पर तेज धार दी जा रही हो गहरी शांति में चिंगारी जैसी आवाज के अलावा कुछ भी नहीं सुनाई दे रहा था और न ही दिखाई दे रहा था , तभी किसी की तीखी नजरे कुर्सी पर बंदे इंसान को खुद पर महसूस होती है। वह अंधेरा था फिर भी उस अंधेरे में कुर्सी ओर बंधा इंसान उन नजरों को महसूस कर पा रहा था , तभी उसे कुछ आवाज सुनाई देती है ।

है क्या बात है अमृत नींद पूरी हो गई तुम्हारी ,?

इस आवाज को सुन कर तो जैसे उस सख्श के होश उड़ गए थे कुर्सी वो बुरी तरीके से कांप जाता है। उसकी आंखें बड़ी हो जाती है। और आंखों से आंसू निकलने लगते हैं । वो खुद को खोलने के लिए हाथ को खींच रहा था । और कुछ बोलने की कोशिश कर रहा था पर मुंह में कपड़ा बांधा हुआ था जिससे वो बोल नहीं पा रहा था ,

तभी लिए इन हो जाती है अचानक लाइट जलने से अमृत आंखें बंद कर लेता ओर फिर धीरे धीरे आंखें खोल सामने देखता सामने बड़ी सी ब्लैक कलर की चेयर पर बैठा हुआ रक्षित उसे जान लेवा नजरों से देख रहा था , उसके चेहरे पर कोई एक्सप्रेशंस नहीं थे, वह लाल आंखों से उसे बुरी तरीके से देख रहा था । जैसे उसकी जान आंखों से ही ले लेगा, तभी एक गार्ड उसके नजदीक आता है। और अमृत के मुंह से कपड़ा निकाल देता है। वो अपने हाथों को छुड़ाने की कोशिश करने लगता है ।

रक्षित उसकी तरफ देखते हुए सर्द आवाज में कहता है। क्या हुआ तुम इतना ज्यादा घबरा क्यों रहे हो ? अपने बड़े भाई से मिलकर खुशी नहीं हुई क्या तुम्हें?

अमृत के चेहरे पर डर साफ दिखाई दे रहा था। तभी उस जगह पर तेज जूते की आहट होती है । उस आहट को सुनकर अमृत के रोंगटे खड़े हो चुके थे , वह उन आहट को बहुत अच्छे से पहचानता था। उसे अपना गला सूखता हुआ महसूस हो रहा था। वह हकलाते हुए कहता है ।

मेरे मेरे हाथ खोलो मुझे जाने दो मैं कुछ नहीं जानता मुझे मुझे जाने दो उसकी आवाज में डर था।

तभी रुद्राक्ष ठीक उसके सामने आता है। और एक जोरदार पंच उसके झबड़े पर मारते हुए कहता है,

साले कमिने जिस थाली में खाता है। उस थाली में छेद करता तुझे शर्म नहीं आती तू कैसे अपनी ही बहन की इज्जत नीलाम कर सकता है ।तेरी हिम्मत भी कैसे हुई मेरी बहन को बेचने की उसकी नशे उभर आई थी। वह बुरी तरीके से चीख रहा था ।

वही अमृत की आंखें जैसे बाहर आने के लिए तैयार थी वह हकलाते हुए कहता है । मैंने मैंने कुछ कुछ भी नहीं कर है आप आप गलत समझ रहे हैं भाई,

भाई मत कहना मुझे अपनी इस गंदी जुबान से मेरा नाम भी मत लेना मैं तुम्हारा भाई नहीं हूं सिर्फ और सिर्फ खून के रिश्ते ही होते हैं जो यह हक रखते हैं पर तुम्हारा तो हमसे कोई रिश्ता नहीं है कोई भी रिश्ता नहीं है तुम उसी दिन मर गए थे जिस दिन तुमने हमारी बहन को बेचा था।

अमृत रोते हुए कहता हैं । रक्षित उसके नजदीक खड़ा हो जाता है और कंधे पर अपना हाथ रख मजबूती से उंगलियों को दबाते हुए कहता है । अच्छा तो सच फिर तुम्हें पता होगा ना तुम हमें बताना 7 सालों से छिपते फिर रहे हो और अपने ही दोस्त की बीवी को मार कर हमारी नाजुक सी बहन को भेज कर भाग गए तुम इतना सब कुछ करने के बाद भी तुम कहते तुमने मच नहीं किया

तुम जैसे इंसान को जीने को कोई हक नहीं है

बोलते हुए वह गने निकाल कर सीधा उसके माथे पर रख देता है ।

अमृत जो की कुर्सी पर बंधा हुआ था वह उन दोनों की तरह देखते हुए कुछ कहता उससे पहले एक कड़कती हुए आवाज उसके कानों में पढ़ती है। ,, वह मेरा शिकार है सिर्फ और सिर्फ मेरा उसे मैं अपने हाथों से मारूंगा तुम लोग कुछ भी नहीं करोगे ,

वो दोनों पीछे पलट कर देखते हैं ।जहां अव्वेयान हाथ में लाइटर को स्टाइल से घूमते हुए दूसरा हाथ जब में डालें उसकी तरफ ही आ रहा था उ। सकी आंखें बिल्कुल सुर्ख थी उसके बाल माथे पर झूल रहे थे ,शर्ट के तीन बटन खुले हुए थे जिससे उसका उभरा हुआ सीना बाहर झांक रहा था। वह साक्षात यमदूत लग रहा था

अमृत के चेहरे पर कोई एक्सप्रेशंस नहीं थे

अव्वेयान उन दोनों के बीच में खड़े होकर अमृत के जबड़े को मजबूती से दबाते हुए दीप वॉइस में कहता है।

बात है नाम अमृत है और काम विश्व वाले करते हो पर कोई बात नहीं तुम्हारी जगह जहां मैंने पहले ही नर्क में फिक्स कर दी है। अब बस तुम्हें दिखाने के लिए ही मैं यहां आया हूं । बाकी मुझे तुमसे कोई लेना-देना नहीं है । और हां थैंक यू सो मच तुम्हारी वजह से मुझे चाहत मिली जो मेरे दिल पर राज करती हैं । और मेरी जिंदगी पर भी करेगी बोलते हुए वह भी गान निकाल कर सीधा उसके जबड़े के नीचे कर रख देता है।

अमृत एक पल के लिए पूरी तरीके से घबरा चुका था उसके दर से हवाइयां उड़ी हुई थी। वह रुद्रा और रक्षित की तरफ देखता है उसे उम्मीद तो बिल्कुल भी नहीं थी कि वह उन्हें बचाएंगे उसकी आंखों से आंसू निकलने लगते हैं वह बुरी तरीके से रोते हुए कहता है। मारना है आप लोगों को तो मार दीजिए मुझे भी यह जिंदगी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं हो रही है । हर चीज के लिए मोहताज हु कोई काम खुद से नहीं कर सकता हूं , हर चीज के लिए सिर्फ सहारा चाहिए है।

गिर अव्वेयान की तरफ देख अजीब सी मुस्कुराहट के साथ कहता है । गुस्से में यह तो सोच लिया करो कि जिस पर यह इल्जाम लगा है वह तो खुद ही हर चीज का मोहताज है वह क्या ही किसी की जान ले सकता है । हां आया था उस वक्त में तुम्हारे घर तुम्हारी बीवी की जान लेना चाहता था। पर मार नहीं पाया उसे मैं क्योंकि वह दो। बच्चे की मां थी, उसे अपनी गलती का एहसास था इसलिए छोड़ दिया, और तुम्हारी दादी ने इस चीज का तो फायदा उठाकर ही इल्जाम मुझ पर लगाया था। भागता फिर रहा हूं। खुद से पल-पल मौत की दुआ मांग रहा हूं पर नहीं मर सकता कैसे मर जाऊंगा अपनी बहन की जिंदगी बर्बाद करके कैसे मर सकता हूं ।

रक्षित उस के चेहरे को पकड़ अपनी तरफ घूमते हुए नफरत भरी हुई आवाज के साथ कहता है। नाम मत लेना हमारी बहन का वह सिर्फ और सिर्फ हमारी बहन है। तुम्हारी नहीं तुम्हें तो सिर्फ और सिर्फ बुआ ने अपने पास रख लिया था। क्योंकि तुम्हें जरूरत थी उस वक्त पर अभी झूठा खेल खत्म करो और चुपचाप बताओ क्यों बेचा हमारी बहन को ,और कौन-कौन शामिल है। तुम्हारे साथ मुझे उन सब का नाम चाहिए ।

अमृत उन दोनों की तरफ देखते हुए गुस्से से अपने चेहरे को दूर करते हुए कहता , पागल हो गए हैं क्या आप लोग आप लोगों को समझ में नहीं आता है क्या मैं भला अपनी बहन को कैसे बेच सकता हूं आप लोग मेरी बात समझने की कोशिश क्यों नहीं कर रहे हैं। आप लोगों से पहले उसने मुझे एक्सेप्ट किया था। जब हम लोग साथ में पहली बार आपके घर आए थे, तब आप मुझसे कितना रुड थे वह मुझे रात में अपने साथ बैठा कर खाना खिलाती थी , वो बहुत प्यारी थी, मैं उसे कैसे बेच सकता हूं ,

आप हमेशा कहते थे ना मेज अपनी बहन को क्या दे सकता हूं। और मैने आपसे कहा था । कि मैं उसके लिए अपनी जान भी दे सकता हूं। यकीन नहीं करेंगे सच में उनकी जान ले लेता यह अपनी जान दे देता, मैं नहीं मार पाया भाई और और जिसे मारना चाहता था ,उसे सिर्फ और सिर्फ उसके बच्चों के खातिर छोड़ दिया था मैंने बोलते हुए उसकी आंखें बहुत ही ज्यादा लाल हो चुके थे।

रुद्र और रक्षित जो उसकी आंखों में देख रहे थे उन्हें कहीं ना कहीं सच्चाई दिखाई दे रही थी वह दोनों अपनी नज़रें फेर लेते हैं ।

क्योंकि उन्हें ऐसा लगता था जैसे उसके आने से चाहत का प्यार कहीं ना कहीं बुआ ने बांट दिया है। पर वह यह बात भी जानते थे की चाहत उससे बहुत प्यार करती हैं और वह भी चाहत से प्यार बहुत ज्यादा करता है ।वह जैसे तैसे कहीं ना कहीं से कुछ ना कुछ ऐसा करता था की चाहत के होंठ पर मुस्कुराहट खिल जाती थी वो हमेशा उसके कांड की जिम्मेदारी अपने सर लेकर खुद पीट लिया करता था। वह उसे 8 साल बढ़ा था उसे पर जान छिड़कता था ।

रुद्र उसे देखते हुए उसके नजदीक बैठ जाता है । और उसके चेहरे पर हाथ रख उसे घूरते हुए कहता है । अगर तुमने नहीं किया था तो फिर किसने किया था बताओ ,

अमृत उसकी बात पर बुरी तरीके से रोने लग जाता है। उसकी आंखों के सामने एक-एक चीज फिर से ताजा हो चुका था वह सिसकते हुए कहता है । ये सब मेरी वजह से हुआ है अगर में नहीं होता तो ये अब नहीं होता काश में आप

लोगों की तरह स्ट्रांग होता सब मेरी गलती है ।सब कुछ मेरी ही गलती है ।वह बुरी तरीके से रो रहा था रक्षित उसके झबड़े को मजबूती से पकड़ अपनी तरफ करते हुए गुस्से से कहता है । अगर तुम्हारा यह सब कुछ खत्म हो चुका है तो तुम अब मुझे बताओगे आखिर हुआ क्या था।

अमृत बिना किसी एक्सप्रेशंस के कहता है। टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज और म्यूजिक इंडस्ट्रीज के दोनों फेमस इंसान और उनके साथ टीवी इंडस्ट्री का चमकता हुआ सितारा ने मिल कर ये सब क्या था क्योंकि उन लोगों ने कहते-कहते हुए एकदम खामोश हो जाता है। उसके रोकने के साथ ही रक्षित का पर हाय हो जाता है। वह उसके जबड़े को दबा अपनी तरफ उसके चेहरे को घुमाते हुए कहते हैं । बताओगे तुम,

रुद्राक्ष उसे देखते हुए तुम आर की बात कर रहे हो अमृत अपना सर हिला देता है ।

रुद्र उसके दोनों हाथों को खोलते हुए कहता है । फाइन हमें जो जाना था । वह हम लोगों ने जान लिया है अब तुम यहां से जा सकते हो हमें तुम्हारी कोई जरूरत नहीं है।

अमृत उन दोनों की तरह देखता है । पर वह अभी भी अपनी जगह पर बैठा हुआ था । वह अपनी जगह से हिला तक नहीं था ।

रक्षित उसे घूरते हुए कहता है । अब तुम यहां से अपने पैरों से जाओगे या फिर चार कंधों को बुलाऊं तुम्हारे लिए क्योंकि तुम्हें तो आपने बहन के आसपास बर्दाश्त भी नहीं कर सकता , जब से तुम उसकी जिंदगी में आए हो तभी से उसे पर ही मनहूस ग्रहण लगा था ,अगर तुम चले जाओगे तो वह भी खत्म हो जाएगा

अव्वेयान उन दोनों की तरफ देखता हैं। फिर अपने दोनों हाथ चेयर के इर्द गिर्द रख हल्का सा झुकते हुए अमृत के चेहरे के बिल्कुल नजदीक आकर उसकी आंखों में आंखें डालकर गहरी आवाज में कहता हैं। तुम मेरी बीवी से मिलने क्यों आए थे, और उसे क्यों मारना चाहते थे,

अमृत के होठों पर मुस्कुराहट मुस्कुराहट आ जाती वो दांत पीस ते हुए कहता है खूबसूरती सच में बहुत बुरी होती किसी किसी के लिए तो श्राप होती हैं और वही खूबसूरती मेरी और मेरी बहन का श्राप बनी थी , तुझे लगता था कि वह लड़की तेरे पीछे पागल है। इसलिए तुमसे शादी करना चाहती है।

पर ऐसा था ही नहीं, वह स्कूल टाइम में मेरी गर्लफ्रेंड बनना चाहती थी मैंने उसे साफ-साफ इनकार कर दिया था उसने मुझे धमकी देने की कोशिश की तभी मैंने अनसुना कर दिया पर वह इतनी आंधी हो चुकी थी कि उसने वह सब कुछ उन लोगों से करवाए , और उसकी जिम्मेदारी मुझ पर डाल दी रिपोर्ट्स को इतनी माहिर तरीके से बदल दिया,

जहां उसने लिख दिया कि वह अपनी मर्जी से गई थी और वह खुद ही यह सब कुछ करना चाहती थीं मेरी बहन को तुम्हारी बीवी निगल गई भला कोई भाई यह चीज कैसे बर्दाश्त कर सकता था । मुझे इन 7 साल में कुछ भी नहीं पता चला था , मैने घर छोड़ दिया फिर मुझे तुम मिले तुम्हारे साथ बहुत कुछ सीखा पर तुम तो मुझे जानते हो ना नहीं मार सकता में किसी को लेकिन उस रात उस रात सच में दिल कर रहा तुम्हारी बीवी का गला अपने इन्हीं हाथों से घोट दु फिर चाहे मुझे फांसी भी हो जाती ना मुझे बिल्कुल भी बुरा नहीं लगता,

उसकी आंखों में नफरत साफ झलक रही थी

अव्वेयान की मुट्ठियां मजबूत हो जाती हैं वह अपना हाथ आगे बढ़कर अमृत के गर्दन को पीछे से पकढ़ते हुए उसके चेहरे को ऊपर कर उसकी आंखों में आंखें डाल कर कहता हैं । तुम्हे ऐसा क्यों लगता है कि सब के पीछे मेरी बीवी थी वह तो मर चुकी है ना अमृत का चेहरा बिल्कुल ठंडा हो जाता है। और जबड़े मजबूत हो जाते है।

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