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Next morning,,
चाहत की आंख खुलती है , उसे अपना सर दर्द से भरी होता हुआ महसूस होता है ।वह अपना सर पकड़ कर बैठ जाती हैं। उसे पिछली रात का सब कुछ याद आ जाता है उसकी आंखों में एक बार फिर से वही दर्द झलकने लगता है । जैसे ही बेड से उठती हैं ।उसे आज फिर अपने पास से एक मेल परफ्यूम की हार्ड स्मेल महसूस होती है। उसकी मुठिया मजबूत हो जाती है। उसे बहुत ही ज्यादा गुस्सा आ रहा था। वह उठती है। उसकी नजर टेबल पर जाती है। जहां पर लेमन जूस रखा हुआ था। वह एक ही सास में उसे पीते हुए अपने हाथ की उल्टी तरफ से मुंह को साफ कर सीधा बाथरूम में घुस जाती हैं।
और कुछ देर बाद फ्रेश होकर बाहर आती हैं
इस वक्त सुबह के 5:00 बज रहे थे, कोई भी नहीं जागा था , वह उठकर सीधा घर से बाहर निकलते हुए घर के बैक साइड आ जाती हैं । हल्के-हल्की धुंध थी और गहरा अंधेरा था, सर्दियों की सुबह 5:00 भी काफी अंधेरा हुआ करता था। हल्की ठंडी हवा में उसे सुकून सा मिल रहा था। वह सीधा अपना सफेद वाला घोड़ा निकालते हुए उसके गर्दन पर हाथ से सहलाते हुए उसके नाल को एक हाथ से पकड़ आगे की तरफ चाल मुस्कुराते हुए कहती है । आज से मैं तुम्हारा नाम जूलियट रखूंगी पर तुम्हारा कोई रोमियो नहीं होगा तुम मेरी तरह होगी। ओके मुस्कुराते हुए उसके गाल पर किस कर लेती हैं ।
वह घोड़ा सिर्फ अपना सर हिला देता है । जहां थोड़ा आगे जाकर उसके ऊपर बैठ उसकी नाल को निकाल देती हैं वह घोड़ा धीरे-धीरे चलना शुरू हुआ था। चाहत अपने दोनों हाथ हवा में फैला कर गहरी सांस लेने लगी थी, वो ऐसे सांस ले रही थी जैसे उसे अपने घर में सास नहीं आ रही थीं वो ऊपर की तरफ देखते हुए कहती है । मौत आएगी रोज-रोज मुझे पता है। कि मेरा सच जानकर आपको मुझसे सिंपैथी हो रही हैं। पर मुझे किसी के सिंपति नहीं चाहिए ,
वो अपने चेहरे पर उस ठंडी ओश को महसूस कर रही थी पर उसकी आंख से आंसू का दरिया बह गया था उसे एहसास ही नहीं था कोई हर पल उसके कदम पर नजर गड़ाए बैठा है। काफी देर तक ऐसे ही ठंड में घोड़े की सवारी करती रहती है । तभी उसके कानों में सख्त आवाज पढ़ती है । गुड़िया इतनी ठंड में बिना गर्म कपड़ों के तुम इस तरीके से घुड़सवारी कर रही हो, तुम्हें ठंड लग जाएगी।
चाहत सर घूमा कर देखती हैं । जहां पर रक्षित खड़ा अपने दोनों हाथ जेब में डालें बिना किसी एक्सप्रेशंस के उसे ही देख रहा था ।
चाहत अपना सारा तेरा करके देखती हैं। ठीक उसके पीछे व्हील चेयर पर अमृत बैठा हुआ था। उसने अभी भी अपना चेहरा नीचे की तरफ झुक रखा था
चाहत उन दोनों की तरफ देखती हैं । फिर घोड़े के पेट पर पर मरते हुए घोड़े की स्पीड बढ़ा देती है। पर उसने अभी भी घोड़े को पकड़ा हुआ नहीं था।
रक्षित की आंखें डर से बड़ी हो जाती हैं।
वहीं चाहत अपनी स्पीड बढ़ाते हुए घोड़े
को आगे भाग रही थी रक्षित उसे इस तरीके से घोड़े को भागता हुआ देख चिल्ला कर कहता है। गुड़िया दिमाग खराब हो गया है क्या तुम्हारा? तुम इस तरीके से क्यों हॉर्स राइडिंग कर रही हो? देखो चोट लग जाएगी गिर जाओगे तुम, मैंने कहा रुको वो घबरा का तुरंत उसके पीछे भागा था ।
चाहत उसकी तरफ देखती है ।और घोड़े की स्पीड और बढ़ते हुए कहती हैं । भाई मुझे कुछ नहीं होगा और अगर गिर भी गई तो क्या फर्क पड़ता है । मरूंगी नहीं , उसकी नजर अमृत पर टिकी हुई थी,
अमृत का चेहरे डार्क हो गया था उसके चेहरे पर घबराहट परेशानी सब कुछ था,
वही घोड़े की स्पीड इतनी तेज थी अचानक से चाहत हल्का डिसबैलेंस होती है। गौड़ा तेजी से चलाग लगता है।
वही चाहत जिसने घोड़े को पदक नहीं था वो सीधा नीचे गिरती बज वही वह घोड़ा सीधा उसके ऊपर से जंप मारते हुए आगे की तरफ निकल जाता है। चाहत ने डर कर अपने चेहरे को हाथों से छुपा लिया था। वह जमीन पर गिरी हुई थी ।
रक्षित जल्दी से उसके पास आता है ।और उसे उठाते हुए उसे देखते हुए घबरा कर कहता है । तुम तुम ठीक तो होना तुम्हें कहीं लगी तो नहीं। चाहत उसे दूर करते हुए अपनी जगह से खड़े होते हैं और गर्दन को खुजलाते हुए बहुत ही रूड तरीके से कहती हैं। मुझे कुछ नहीं हो सकता और अगर मुझे कुछ होना होता है तो अब तक आपके सामने इस तरीके से जिंदा नहीं खड़ी होती। उसकी आवाज इतनी रूड और तेज थी कि अमृत साफ़ सुन पा रहा था । और इस बात का उन दोनों का एहसास था की चाहत जानबूझकर सिर्फ और सिर्फ अमृत को सुनने के लिए सब कह रही हैं । वह बिना रुके तेज कदमों से वहां से निकल जाती है ।
रक्षित अमृत की तरफ देखने लगता है । तभी रूद्र पीछे से मूंगफली खाते हुए आता है। उसने इस वक्त जॉगिंग सूट पहना हुआ था ठंड वो में सिकुड़ते हुए उनके पास आकर कहता आप दोनों इतनी ठंड में और इतनी सुबह क्या कर रहे हो? फिर अमृत की तरफ देखते हुए और आप को ठंड नहीं लग रही है क्या ? मतलब की पैर सलामत नहीं है। फिर भी सेर सपाटे की लगी है। कभी-कभी तो मुझे तुमसे जलन होती है। सही सही बताओ तुम्हें यहां बैठकर मजा आता है ना । इसीलिए तूमने कभी अपना इलाज नहीं कर वाया ।
अमृत और रक्षित दोनों उसे अजीब तरीके से देखने लगते हैं । रूद्र 28 साल का था तो वही रक्षित और अमृत की उम्र उससे ज्यादा थी वह दोनों 30 और 31 के थे जिस वजह से रुद्र को ज्यादातर सभी लोग इग्नोर किया करते थे । उसकी हरकतें ही ऐसी थी ।
अमृत अपनी चेयर का बटन दबाकर आगे की तरफ मुड़ गया था। वही रक्षित उसके पीछे जाने वाला था रुद्रा जल्दी से उसकी चेयर को पकड़कर किसी जिद्दी बच्चे की तरह चिढ़ कर कहता हैं । अरे भाई क्या है मुझे पता है आपके पैरों की जगह पहिए लग चुके हैं ।तो इसका यह मतलब तो है नहीं कि मुझे इग्नोर किया जाएगा वैसे ये बताओ आपको मजा आता होगा ना इस पर बैठकर, मैं सोच रहा हूं मैं भी बिल्कुल एक आपकी जैसे चेयर ऑर्डर कर लू,
अमृत और रक्षित दोनों ही उसे घूर कर देखते हैं। पर उन दोनों को बहुत अच्छे से पता था ।रूद्र को कुछ भी कहना यानी गाय के आगे बीन बजाने जैसा था। वह दोनों उसे इग्नोर करके वापस आगे बढ़ जाते हैं।
कुछ देर बाद ,
सभी लोग ब्रेकफास्ट के लिए टेबल पर बैठे हुए थे किसी ने भी चाहत से कुछ भी नहीं कहा था ।वही चाहता चुपचाप अपनी चेयर पर बैठ जाती । आज बिना किसी के बुलाए खुद ही आकर बैठ गई थी, उसके ठीक सामने अमृत बैठा हुआ था।
अमृत उसी की तरफ देख रहा था। उसका चेहरे पर गुस्सा साफ दिखाई दे रहा था चाहत सामने बैठे उसे पूरी तरीके से नजर अंदाज करते हुए ब्रेकफास्ट की तरह देखती जहां फ्राई एग, काफी, जूस उसके लिए स्पेशली मिल्क और ब्रेड में जाम लगाकर ऑलरेडी रखा गया था।
चाहत उन सभी को एक नजर देखने के बाद बॉयल एग की तरफ देखती हैं। और अपना हाथ आगे बढ़कर साइड में रखे हुए चिली फ्लेक्स उठा एग पर डालने लगती हैं।
अमृत की आंखें छोटी हो जाती है ।वही चाहत जब उसमें से चिल्ली फ्लेक्स डाल रही थी उसके चेहरे पर इरिटेशन स्टाफ दिखाई दे रही थी वह उसका डिब्बा अलग कर एक ही बार में पूरी चिल्ली फ्लेक्स उठाकर आमलेट पर डाल देती है । सभी लोग उसकी हरकत को देख रहे थे।
वो सब की नजरों को नजर अंदाज कर आराम से उस बॉयल एग को नाइफ से कट करते हुए बहुत ही एलिगेंट तरीके से अपने मुंह में रख लेती हैं। एक ही बाइट के साथ ही उसकी आंखें लाल होने लगता पर वह बिना कुछ कहे खाने पर फोकस करती हैं ।
वैशाली चाहत को देखते हुए गुस्से से ,ये क्या हरकत है तुम्हारा दिमाग खराब हो गया है क्या गुड़िया ? छोड़ो उसे।
चाहत एक अपना हाथ आगे बढ़कर फोक को साइड कर एक ही बार में पूरा एग मुंह में रख लेती हैं ।उसके आंख और नाक से पानी निकल रहा था। पर वह अपनी जगह रुक नहीं रही थी तभी एक सर्वेंट चाहत के पास आती है और उसके सामने प्लेट रख देती है।
चाहत उसे हाथ के इशारे से ही जाने के लिए कहती सभी लोग चाहत को देख रहे थे
वहां मौजूद हर किसी का दिमाग खराब हो चुका था कशिश चाहत के हाथ को पकड़ते हुए गुस्से से कहता है , तुम्हारा दिमाग खराब हो गया तुम्हें मना कर रहे हैं ना यह सब खाने के लिए तुम्हें समझ में नहीं आता।
चाहत मिल हिचकी आने लगी थी । वह तीखा नहीं खा पाती थी उसे गले में प्रॉब्लम कर जाया करता था ।उसको पूरा चेहरा लाल हो चुका था वह बिना रुके फिर भी मिर्ची को उठाकर एक-एक बाइट ले रही थी । आंखों से आंसू निकलने लगे थे वह रखे हुए उसे प्लेट को पूरी तरीके से क्लीन करने के बाद उठते हुए कहती हैं । मेरा ब्रेकफास्ट काफी अच्छा था आई होप मुझे लंच में भी यही मिलेगा बोलते हुए एक एरोगेंट तरीके से अमृत को घूरते हुए वहां से चली जाती हैं।
उसके गुस्से से हर कोई जनता था । वह आमतौर पर गुस्सा नहीं करती थीं पर इस बार उसका गुस्सा आग पकड़ चुका था। और अमृत का उसे छोड़कर भागना उसे हवा देगया था । जीसका बदला वो खुद को ही तकलीफ दे देकर निकल रही थी ।
अमृत की आंखों से आंसू निकल जाते हैं । उसने एक बाइट भी ब्रेकफास्ट नहीं करा था। वह खाली पेट उठकर अपने कमरे में चला जाता है।
रुद्र और रक्षित एक दूसरे की तरफ देखते हैं पर उनका अभी जाना जरूरी था , रक्षित रुद्र की तरफ देख उसे अमृत के साथ लाने का बोल बाहर चला जाता है ।
चाहत के घर से करीब आधे घंटे की दूरी पर एक पेंट हाउस के कुछ दूरी पर बने हुए गार्डन पर एक लड़की सर झुकाए बैठे हुई थी वह एक टक खाली जमीन को देख रही थी । तभी कोई इसके नजदीक आकर बैठ जाता है उसने सर उठा कर देखने की जहमत तक नहीं उठाई थी तभी बगल में बैठा हुआ शख्स उसके कंधे पर मरते हुए केहता है । दिलरुबा tum यहां क्या कर रही हो?
जानवी सर घूम कर देखती हैं। बगल में कियान बैठा हुआ था । उसके हाथ में वाइट कलर की लिली थी वह फूलों को देखती हैं । और अपनी जगह से खड़े होकर आगे की तरफ जाने लगती हैं।
कियान तुरंत उसके हाथ को पकड़ते हुए नाराजगी से कहता है। अरे दिलरुबा मैं अभी आया हूं और तुम यहां से जा रही हो । वैसे हे तो बतख जा कहां रही हो?
जानवी उसके बात पर पलट बड़ी सी मुस्कुराहट के साथ कहती हैं । नर्क में जा रही हूं तुम्हारे लिए मसाला तैयार करने चलोगे मेरे साथ
कीयान अपनी जगह से खड़ा हो मुस्कुराते हुए उसके नजदीक आता है। अपनी मजबूत बाहों उसके कमर पर लपेटे हुए कहते हैं । अगर वो मसाला तुम अपने हाथों से मेरे बदन पर लगाओगे तो मैं चलने के लिए तैयार हूं । अदर वाइज मेरा मूड नहीं है ।
जानवी उसकी बात पर पूरी तरीके से चिढ़ जाती है ।और अपने दोनों हाथ उसके सीने पर रख उसे खुद से दूर धकेलते हुए अपना चेहरा दूसरी तरफ कर गुस्से से कहती हैं । , तुम तुम इस तरीके से मेरे नजदीक नहीं आ सकते छोड़ो मुझे और यह क्या हरकत है । देखो मुझे इस तरीके के छू नहीं सकते ,
कियान उसकी कमर पर अपनी ग्रस्त और मजबूत कर उसके चेहरे पर झुक जाता है। जानवी घबराहट के मारे अपनी आंखें जल्दी से बंद कर ली थी।
कियान उसके चेहरे पर झुक उसके कापती पलके डर से फड़फड़ाते हुए होठों को देखते हुए कहता हैं। कभी-कभी इंसान को अपने डर को भूलकर सामने से जाकर बात करनी चाहिए , इससे इंसान का डर घबराहट भी दूर हो जाएगा और गिले शिकवे भी बोलते हुए उसके गाल पर अपने सख्त होंठ रख देता है।
जानवी की आंखें एकदम से बड़ी हो जाती हैं ।
कियान उसके हाथ में वह व्हाइट रोजेस को पकड़ते हैं हुए आगे की तरफ बढ़ते हुए केहता है । वैसे चेरी और अभियुक्त चाहत से मिलने की जिद कर रहे थे अगर तुम चलना चाहो तो चल सकती हो मैं बुरा नहीं मानूंगा। वैसे तुम्हारे दोस्त के घर हम डेट सेलिब्रेट कर सकते हैं । शायद गलतियों की माफी मिल जाए और एंजॉयमेंट भी हो जाए कम से कम इस डर से तो निकल जाओगी ।
जानवि उसकी तरफ देखती है। वह सच में चाहत के पास जाकर से बात करना चाहती थी ।पर उसे डर लग रहा था वह जल्दी से भागते हुए उसके पास जाती हैं। फिर आगे की तरफ बढ़ते हुए कहती हैं। कितना स्लो चल रहे हो तुम तुम्हारे पैर में मेहंदी लगा रखी क्या ? अब जल्दी चलोगे वरना ड्राइविंग मुझे भी काफी अच्छी आती है। पर कभी फुर्सत से तुम्हें अपनी ड्राइविंग स्किल्स दिखाऊंगी, बोलते हुए सीधा जाकर सीट पर बैठ जाती हैं।
कियान उसके बात पर मुस्कुराते हुए आगे बढ़ जाता है।
शाम का वक्त ,
चाहत अपने कमरे में बैठी थी उसके पास कुछ था ही नहीं करने को उसके चेहरे पर गुस्सा अभी भी बरकरार था आंखें एकदम लाल हो चुकी थीं तभी कोई उसके दरवाजे पर नौ कर्ता है। चाहत अपनी जगह से उठते हैं ।और दरवाजा खोलकर सामने देखती हैं।
सामने एक सर्वेंट सर झुका कर खड़े थे।
चाहत खामोशी से खड़े उसके कुछ कहने का इंतजार करती हैं तभी वह सर्वेंट कहते हैं कुछ बच्चे आपसे मिलने के लिए आए हैं।
चाहत जो अभी कुछ देर गुस्से में थी उसकि तरफ देकर धीमी आवाज में।कहती है। आप जाइए मैं आती हूं। वो जल्दी से वॉशरूम में जाती हैं और अपने चेहरे को ठीक करने लगती , हैं वो अपने गालों को थब थपा रही थी रोने की वजह से उसकी रंगत पूरी बदल चुकी थी। वह जल्दी से कमरे से बाहर आती हैं । नीचे सोफे पर अभियुक्त
पैर लड़का कर अपने पैरों को हिलाते हुए बैठा था ।और वही चेरी उसके बगल में बैठी हुई थी ।
जीने से स्लीपर की आवाज सुनकर उस तरफ देखता है। फिर भागते हुए चाहत के पास आ उसके पैरों से लिपट रोने लगता है ।चाहत एकदम घबरा जाती हैं
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