चाहत उसे गोद में ले उसे चुप कर आते हुए कहती हैं। कैसा है मेरा बच्चा क्या हुआ आप रो क्यों रहे हो किसी ने आपको डाटा आपको चोट लगी है क्या वो उसे एक म की तरह दुलार कर रही थी उसे चुप करवा रही थी।
चेरी रोता हुआ देख मुंह बना लेती हैं और जल्दी से चाहत के पास है उस से लिपटते हुए कहती हैं मम्मा
चाहत जो अभी अभियुक्त को शांत करवा रही थी उसके मुंह से अपने लिए मा सुनकर उसका दिल जोरो से धड़कने लगता है ।वह चेरी की तरफ देखती हैं और फिर मुस्कुराते हुए कहती हैं । बेटा मैं एंजेल हूं आपकी मम्मा नहीं हूं ।
अवयुक्त की तरफ देखने लगती हैं अवयुक्त ही था जिसने उसे कहा था कि एंजेल उसकी मां है और अब तो चाहत उसे मां कहने के लिए मना कर रही थी । अवयुक्त उसके गर्दन पर अपने दोनों हाथ लपेटे हुए सीसकते हुए कहता पापा ने कहा था आप मम्मा हो हमारी ।
चाहत एकदम खामोश हो जाती ।हैं और उसे अपने सीने से लगाए हुए कहती है हम इस बारे में बाद में बात करेंगे पहले आप बताओ आप कुछ खाओगे आपके लिए मैं अपने हाथों से केक बनाऊंगी,
Aviyukt paut पेट बना कर कहता हैं , मुझे केक नहीं खाना मुझे आप चाहिए बस
वही चेरी को धीरे-धीरे गुस्सा आ रहा था अवयुक्त चाहत को छोड़ हीं नहीं रहा था।
चाहत दूसरे हाथ से चेरी को पकड़ लेती हैं और उसके गालों को सहलाते हुए ,, आप कैसे हो बेबी आप ठीक हो ना और आप तो पहले से और ज्यादा प्रिटी हो गई हो।
चेरी अपनी तारीफ सुन खुश हो जाती हैं। उसके बाद पर हल्का सा ब्लस करते हुए कहती हैं। एंजेल आपको पता है हम लोग ना अब पापा के साथ रहते हैं और दादी और दादू भी हमारे साथ रहते ।अब कोई भी आपके चेरी को नहीं डांटता ऊपर से सब कोई चेरी की बात मानते हैं बस यह भाई ही है जो हमेशा मुझे परेशान करते रहते उसकी आवाज में शिकायत थी।
अवयुक्त उसे घूरते हुए कहता है । आपको पता है इस चेरी को मैंने कितना समझाया तो अब जाकर यह ठीक-ठाक बोल पाती हैं वरना फिर से हमेशा उल्टी-सीधे शब्द बोलती हैं ।चाहत उन दोनों को लेकर सोफे पर बैठा देती हैं और सर्वेंट से उन्हें कुछ खाने के लिए मांगते हैं कशिश और वैशाली आज घर पर नहीं थे उन्हें इंपॉर्टेंट मीटिंग की वजह से बाहर जाना था।
वही चाहत की नजर जानवि पर पड़ जाती है। वह जानवी को देखकर अपना सर इस तरीके से घूम लेती है जैसे उसने जानवी को देखा ही ना हो और चुपचाप उन दोनों के साथ बैठे बातें कर ने लगती हैं चाहत उनके साथ खेल रही थी वाहि जानवी उसके पास आ नजदीक बैठने लगती
चाहत उसके बैठने से पहले जल्दी से अपनी जगह से खड़े होते हुए अभियुक्त और चेरी की तरफ देखते हुए कहते हैं , अच्छा आप दोनों यहां पर बैठो मैं आपके लिए कुछ लेकर आती हूं । वो जल्दी से अपने कमरे की तरफ जाने लगती हैं ।
जानवी का चेहरा उतर जाता है वह कियान की तरफ देखती हैं। जो उसे जाने का इशारा करता
जानवी जिसकी हिम्मत पूरी टूटी हुई थी वह आहिस्ता आहिस्ता अपने कदम चाहत के पीछे बढ़ा देती चाहत जो अपने कमरे में आकर दरवाजा लगाने ही वाली थी।
जानवी जल्दी से अपना हाथ बीच में लगा देती हैं पर अचानक दरवाजा बंद करने से जानवी का हाथ बीच में आ जाता है । उसकी दर्द भारी चीख निकल जाती है ।
चाहत घबरा के दरवाजा छोड़ जानवी को देखने लगती है उसके चेहरे पर डर दिखाई दे रहा था। वो घबराई हुई थी जानवी उसे दरवाजा खोलता हुआ देख उसके नजदीक आती और अपने हाथ को पीछे करते हुए प्यार से कहती हैं। तुम मुझसे बात क्यों नहीं कर रही हो?
चाहत उसकी तरफ एक नजर उठा कर देख जल्दी से घूमते हुए कहते हैं । मैं आपको आपको नहीं जानती हूं आप आप कौन हैं।
जानवी उसके पास आती है और उसे कंधे पर हाथ रख आहिस्ता से अपनी उंगलियों को दबाते हुए कहती हैं मुझे भूलना तुम्हारे लिए इतना आसान है कि आज मेरे सामने होने पर तुम पूछ रही हो कि मैं कौन हूं ? मुझे जानते हुए भी वहां भी मुझे इग्नोर कर रही थी और यहां भी, क्या सच में इतनी बुरी हूं कि कोई मुझे याद ही नहीं रखना चाहता ।जानवी की आवाज हल्की सी लड़खड़ा गई थी।
चाहत उसे देखते हैं और जल्दी से दूर होते हुए , मैं मैं सच में नहीं जानती शायद आपको आपको कोई गलत गलतफहमी हुई है। मैं नहीं जानती आपको ।
जानवी उसके सामने आते हैं और गुस्से से उसके कंधे पकड़ हिलाते हुए केहती हैं , तुम्हें समझ में नहीं आता कि मैं कौन हूं भूल गई मुझे मैं तुम्हारी जानू हूं अब याद आया कुछ ।
चाहत जानवी की तरफ देखती है जानवी की आंखें लाल हो चुके थे ।और उसके चेहरे पर गुस्सा साफ दिख रहा था ,
चाहत अपना सर हिलाते हुए कहते हैं , मेरी दोस्ती जानू से हुई थी जो लड़कों की तरह थी उसके इतने लंबे बाल नहीं थे वह फिर से मुस्कुरा रहे थे जानवी को उसकी मुस्कुराहट बिल्कुल भी अच्छी नहीं लग रही थी। वह उसके गालों पर हाथ रखते।
चाहत जल्दी से उसे दूर होते हुए कहते हैं। मैंने कहा ना मैं तुम्हें नहीं जानती चली जाओ यहां से जैसे पहले गई थी उसने आखिरी बात बहुत ही धीमे से कही थी ।
जानवी की तो जैसे हाथ ठंडे हो गए थे वह चाहत की तरफ देखती है ।और उसे पीछे से गले लगने लगा लेते हैं चाहत उसे खुद से दूर करने लगते हैं। जान भी अपनी पकड़ उसे पर और मजबूत करते हुए कहती हैं आई एम सॉरी आई एम रियली सॉरी मैं तुम्हें छोड़कर नहीं जाना चाहती थी। मैं बहुत ज्यादा घबराई हुई थी मुझे वह सब कुछ देखा नहीं जा रहा है। तुम जानती हो ना मुझे कभी भी डॉक्टर हॉस्पिटल ये सब कुछ बर्दाश्त ही नहीं होती और अचानक मैंने तुम्हें देखा मैं परेशान हो गई थी। मैंने अमृत अमृत भाई से बात करी थी मुझे तुम्हारे हॉस्पिटल से निकलने के बाद अमृत भाई से पूरी बात करी थी और हम लोगों ने बहुत बहुत सोचा था मुझे बहुत बहुत ज्यादा डर लग रहा था।
अमृत भाई के बाहर सिर्फ में थी जिसे सब कुछ पता था और अमृत भाई तो ऐसे चले गए जैसे कि वह थे ही नहीं मैं बहुत ज्यादा बहुत ज्यादा घबरा गई थी और फिर फिर भाई आकर मुझे अपने साथ ले गए मैं वापस आना चाहती थी । सच में पर मैं नहीं आ पाए मुझे बहुत ज्यादा डर लग रहा था ।मुझे समझ नहीं आ रहा था मैं तुम्हें कैसे फेस करूंगी मैं तो हमेशा तुम्हारे साथ जाती थी मुझे लग रहा था मुझे तुम्हारे साथ होना चाहिए था भाई भाई को ऐसे तुम्हें छोड़कर नहीं आना चाहिए था। और मैने ही कॉल करा था मेरी गलती नहीं थी चाहत तुम।जानती हो ना मैं नहीं रह पाती तुम्हारे बिना तुम जानती हो ना मेरा ब्रेकफास्ट और डिनर तुम्हारे साथ ही होता था । भाई मुझे हमेशा घर लेकर जाते थे ।
प्लीज प्लीज इस तरीके से मत करो। अगर तुम मेरे साथ होकर भी मुझसे बात नहीं करोगे तो सच में इस जानवी की जान निकल जाएगी । प्लीज ना अपनी जानू को माफ कर दो यार मैं नहीं आ पाई मुझे पता है। तुम्हें उस टाइम सबसे ज्यादा मेरी जरूरत थी मैं नहीं थी मुझे अंकल आंटी से भी उस बारे में पता चला था । मुझे सच में लग रहा था कि मैं तुम्हें अपने साथ ले जाऊं । पर उस टाइम मैं भी इतनी बड़ी कहां थी कि कोई मेरी सुनता यू नो ना हम दोनों दोस्त है। ना मेरी गलती समझ कर माफ कर दो।
चाहत खामोशी हो गई थी जानवी को कस के लगा लेती। जानवी उसे संभाल रही थी चाहत रोते हुए कहती है। मुझे मुझे बहुत दर्द हो रहा था। जानू तुम्हें मैं बता नहीं सकती सच में अब मैं वापस वह चाहत नहीं बन सकती जो मुझे बनाना चाहते हो इसलिए चले जाओ क्योंकि मेरे साथ और मेरे आस-पास होने से तुम लोगों की जिंदगी बर्बाद हो जाएगी चले जाओ बोलते हुए वह बैठने लगती हैं ।
जानवी उसके हाथ को मजबूती से पकढ़ते हुए कहती, में वापस जाने के लिए नहीं आई थी समझी तुम और जिस चीज से तुम चुप रही हो ना मैं तुम्हारे गाल पर दो थप्पड़ लगाने तुम मेरे साथ चलोगी और कल ही हम कर ड्राइविंग पर चलेंगे लॉन्ग ड्राइव मैं भी देखती हूं मेरे दोस्त को कौन हरा सकता है । जो लड़की 10th में होकर एक राइस ड्राइवर थी वह कुछ भी कर सकती है । भले ही तुमने वह सब कुछ कहा है पर अब वक्त है तुम्हारी गाड़ी का टायर हो और उस इंसान का सर हो समझी तुम तुम वह चाहत नहीं हो जिसे किसी की भी चाहत हो या फिर किसी को उसकी चाहत हो, तुम चाहत हो तुम जो चाहती हो वह कर लेती हो। तो यह सारा अबला नारी बनना बंद करो समझी तुम ।
चाहत जानवी की तरफ देखती है और उसे दूर करते हुए , मैंने कहा ना मैं वह उसने इतना ही कहा था कि कमरे में दो छोटे-छोटे से कदमों की आहट होती है। चाहत जल्दी से अपने आंसू को साफ कर दरवाजे की तरफ देखती हैं जहां पर अभियुक्त खड़ा हुआ उसे ही देख रहा था। वह पहले से थोड़ा सा कमजोर लग रहा था। जानवी अभियुक्त को देखकर एकदम चुप हो जाती हैं ।और चाहत के गाल पर किस करते हुए कहती हैं। मेरा बच्चा मेरा बेबी माय स्वीट लिटिल क्यूट पांडा हम चलेंगे तुम्हें जो करना है तुम कर लो लेकिन अब वह होगा जो मैं चाहूंगी 7 सालों से तुम जो चाहती थी तुमने वह कर लिया समझी बोलते हुए वह कमरे से बाहर चली जाती है ।
वहीं अवयुक्त जानवी के जाता हुआ देख चाहत के पास आता है और उसे नीचे झुकने का इशारा करता है चाहत झुकते हुए गोद में उठा बेड पर ले आती हैं। अवयुक्त उसके गाल पर अपने हाथ रख धीरे-धीरे अपने हाथों को रब करने लगता है। जैसे जानवी के किस को मिटा रहा हो चाहत उसके हरकत पर मुस्कुरा देती हैं ।
अवयुक्त उसे मुस्कुराता हुआ देख पाउट बना लेता है । और गुस्से से मुंह फूलते हुए कहता है । आप मेरी हो समझी आप और अब अगर आपको किसी ने भी किस कर तो मैं उसके मुंह तोड़ दूंगा न फिर मुंह रहेगा और ना ही मेरी एंजेल को कोई किस कर पाएगा बोल अपना सर उसके सीने पर रख लेते हैं । उसे कुछ ही देर में नींद आ जाती है ।
चाहत उसकी तरफ देखती हैं। और उसे बेड पर अच्छे से लेटा देती हैं।
की वही जानवी नीचे आकर कियान के सामने बैठी हुई मुस्कुरा रही थीं कियान उसके हरकत पर अपनी गोद में सो चुकी चेरी की तरह देख उसे अपने गोद में उठाते हुए , दिलरुबा अब हम चले।
जानवी उसकी तरह देखते हुए सर हिला देती हैं।
कियान अपना फोन निकाल मैसेज टाइप करते हुए एक डेविल इमोजी के साथ लिखता है। काम हो गया है डेविल अब तुम आ सकते हो बोलते हुए वह जानवी को अपने साथ लेकर वहां से निकल जाता है।
रात का वक्त,
अभियुक्त अभी भी बेड पर सो रहा था वही चाहत कुछ देर उसे देखते हैं और सीधा वॉशरूम में चली जाती हैं कुछ देर बाद जब वह बाथरुम से बाहर आती हैं। उसने इस वक्त अपने शरीर पर सिर्फ एक वाइट कलर का टॉवल लपेट हुआ था उसके गीले बाल से पानी टपकता हुए उसके कंधों पर आ रहा था। पानी की बूंदे उसके बदन ओर गिरे की तरह चम रही थी ।
वो आगे बढ़ती उसकी नजर दरवाजे पर खड़े अव्वेयान से जा टकराती हैं उसकी आंखें बढ़ी हो जाती है
अव्वेयान को देखो इतना ज्यादा घबरा चुकी थी कि उसके।मुंह से कुछ नहीं निकल रहा है। वह इधर-उधर कुछ देखने लगती उसका शर नीचे की तरफ झुका हुआ था ।
अव्वेयान ने इस वक्त व्हाइट कलर की शर्ट पहनी थी, जिसके तीन बटन खुले हुए थे , शर्ट की स्लीव्स कोनी तक फोल्ड थी, जिसमें उसके खूबसूरत वीनस हाथ की हल्की नशे दिख रही थी, पतली लंबी-लंबी उंगलियां जो उसे हॉट बना रही थी वही चाहत को उम्मीद नबी था
अव्वेयान इस वक्त घर आ सकता है ।चाहत पीछे पलटते हुए एकदम कॉफी टेबल के नजदीक आ गई थी अगर वह एक कदम और पीछे लेती तो सीधा उस टेबल पर गिरती जो कांच का था और उस पर बहुत ही एक्सपेंसिव वास रखा हुआ था । जिसमें कुछ अजीब सी कारीगरी की गई थी । जिसे देखकर ऐसा लग रहा था जैसे कांटे निकले हैं उस से चाहत को चोट लग सकती थी ।
अव्वेयान तुरंत अपना हाथ आगे बढ़कर उसकी कमर पर अपना हाथ लपेट खुद के करीब कर लेता है ।चाहत घबराहट के मारे एकदम उससे चिपक जाती है
अव्वेयान और चाहत के बीच गहरी खामोशी थी अव्वेयान अपनी तपिश भरी नजरों से एक तक उसे देख रहा था उसकी आंखें काफी सर्द थी। पर चाहत की आंखों के मुकाबले नहीं चाहत की आंखें सूज कर लाल पड़ी हुई थी जैसे कभी भी खून निकल सकता है ।
चाहत घबराते हुए बहुत मुश्किल से कहती हैं। आप आप यहां क्या-क्या कर रहे हैं ?
अव्वेयान उसकी कमर पर अपनी पकड़ मजबूत करते हुए हल्का सा लिफ्ट कर सरगोशी करते हुए कहते हैं,, मैं इस सवाल का जवाब तुम्हें रूम में नहीं दे सकता। तुम मेरे साथ क्लोजेट में चलो वो उसे वैसे ही लिफ्ट करे हुए सीधा क्लोजेट में आ जाता है ।और क्लासेस के दरवाजे को अंदर से बंद कर देता है चाहत के माथे पर पसीना आ चुका था
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