कशिश का कमरा
कशिश की आंख रात में 1:00 बजे खुलती है उसकी नजर सीधा वैशाली पर जाती है। जो उसी के साइड में बैठक हुए किसी गहरी सोच में डूबी हुई थी।
कशिश अपनी साइड का लैंप ऑन करते हुए कहता है । है स्वीटहार्ट तुम क्या चाहती हो मैं अपना मूड ऑन कर लू जो इस वक्त इस तरीके से जाग रही हो,
वैशाली उसके बात पर उसे घूरते हुए कहती हैं। आप चुपचाप सो जाइए परेशान करना बंद करिए मैं कुछ सोच रही हूं ।
कशिश अपने एक हाथ चेहरे पर रख गौर से निहारने लगता है ।
वैशाली से जब उसकी नजर बर्दाश्त नहीं होती वो उसकी तरफ घूरते हुए कहती हैं ।आपसे कहा ना सो जाइए आपको शर्म नहीं आती यह सब कहते हुए,
कशिश उसके प्यार से कहता है , हां हां मुझे पता है मेरी उम्र हो चुकी है, मुझे अब अपने बच्चों की शादी करके नाती पोते खिलाने चाहिए और मैं यहां तुम पर लाइन मार रहा हूं अब भाई तुम पर लाइन नहीं मारूंगा तो क्या पड़ोसी पर लाइन मारूंगा،
वैशाली उसे घूरते हुए कहती हैं, पड़ोसन आपको लाइन देगी ही नहीं इडियट चलो चुपचाप सो जाओ ,
कशिश उसके हाथ को पकड़ करीब खींचते हुए कहता , अच्छा मुझे तो पता ही नहीं था, हमारी पड़ोसन ऐसी है और मैं उसे पर लाइन क्यों मारू जब मेरी खुद की बीवी ही इतनी हॉट है । वैसे भी दिन पर दिन लोगों का बुढ़ापा चढ़ता है । उनके बाल सफेद होते हैं
और यहां मेरी बीवी तो जवान हो रही है । क्यों सही कहा न बोलते हुए वह अपना हाथ वैशाली के गाल पर रख उसके होठों पर झुकने लगता है ।
वैशाली अपना एक हाथ उसके सीने पर रख उसे दूर करते हुए कहती हैं,, कशिश आपको बिल्कुल भी शर्म नहीं आती, ना सो जाइए बिल्कुल चुपचाप से,
कशिश उसके बात पर उसके होठों पर हल्का सा पिक देते हुए कहता है , वही तो हम भी कह रहे हैं सो जाइए इतनी टेंशन मत लीजिए और जिस बात को आप सोच रही हैं , उसे सोचना बंद करिए क्योंकि कभी-कभी प्यार मुकम्मल होना और ना होना हमारे हाथ में नहीं होता है। बोलते हुए वह लाइट ऑफ कर देता है। वैशाली उसके बात पर अपना सर उसके सीने पर रखते हुए उसे गले लगा कर सो जाती है ।
नेक्स्ट मॉर्निंग,,
चाहत की नींद में किसी के दरवाजा पीटने पर हड़बड़ा कर उठती है। फिर उठकर दरवाजा खोलते हुए सामने वैशाली को देख चाहत अपना सर हल्का सा टेढ़ा कर साइड हो जाती हैं ।और वापस बेड पर कंबल के अंदर घुसते हुए कहती है। मामी आप इतनी सुबह-सुबह क्या कर रही हो? मुझे नींद आ रही है .
वैशाली जी उसके ऊपर से कंबल खींचते हुए कहते हैं , बेटा कहां था ना सुबह जल्दी तैयार हो जाना ओर तुम अब तक सो रही हो चलो फटाफट से रेडी हो जाओ और आज तुमने अपनी जॉगिंग भी नहीं करी , कोई खास वजह।
चाहत उनकी तरफ देखती हैं। और फिर मजबूरी में उठते हुए सीधा बाथरूम में चली जाती है ।उसे 7 सालों का प्यार जो अपने मां बाप से चाहिए था उसे 1 महीने में वैशाली और कशिश ने उसे इतना प्यार दिया था। कि वह थोड़ी बिगड़ गई थी , चाहत तैयार होकर बाथरूम से बाहर निकलती है ।उसकी नजर बेड पर जाती है जहां वैशाली जी अब नहीं थी ,वो सीधा मिरर के सामने खड़े होकर अपने बालों को सुखाते हुए बन बना लेती उसका होंठ थोड़े चबी और हो चुके थे , वह अपनी हनी गोल्डन आंखों को देखती हैं और उन पर हल्का सा काजल लगाते हुए सिद्ध कमरे से बाहर आ जाती है।
वो धीरे-धीरे सीढ़ियां उतर रही थी उसकी नजर सामने बैठे हुए एक शख्स पर जाती और उसके कदम अपनी ही जगह पर रुक जाते हैं उसकी वह फॉरेस्ट ग्रीन आंखें वो इन आंखों को कैसे भूल सकती हैं । उसके कदम वही के वही जम चुके थे,
वहीं रूद्र रक्षित अमृत और साथ में कशिश जो सोफे पर बैठे हुए अद्विक से बात कर रहे थे फुट स्टेप की आवाज पर वह सभी लोग सीडीओ पर देखने लगते हैं ।जहां चाहत हमेशा की तरह एक वाइट कलर का सूट पहना हुआ था और स्कार्फ को गले में लपेट बालों को खुला छोड़ दिया था। हमेशा की तरह प्यारी लग रही थीं
सभी लोग चाहत के एक्सप्रेशंस देख रहे थे चाहत उन सभी चीजों को बिल्कुल नजर अंदाज करके वहां से इस तरीके से आगे बढ़ जाती है जैसे उसने अद्विक को देखा ही ना हो , वह सीधा घर से बाहर आ जाती हैं।
अद्विक अपनी जगह से खड़े होता कशिश की तरफ देखता है। कशिश पलके झपका देता है
अद्विक तेज कदमों से चाहत के पीछे आता है। चाहत घर से बाहर निकाल कर सीधा हवेली के पीछे आ चुकी थी जहां हमेशा की तरह उसका घोड़ा खड़ा हुआ था चाहत उस घोड़े के नजदीक बढ़ती हैं कोई उसका हाथ पकड़ कर अपने तरफ खींच लेता है।
चाहत सर उठाकर सामने देखती हैं जहां अद्विक अपनी आंखों में बेइंतहा प्यार लेकर उसे ही देख रहा था।
चाहत की नजरे अपने आप झुक जाती हैं।
वह खुद को छुड़ाते हुए कहती हैं। छोड़िए छोड़िए मुझे यह क्या कर रहे हो छोड़ो मुझे,
अद्विक अपनी पकड़ उसकी कमर पर मजबूत कर एक हाथ उसके चेहरे पर रख उसके चेहरे को ऊपर की तरफ उठा देता है । चाहत नजर उठाकर उसकी तरफ देखने लगती है
अद्विक उसकी आंखों में गहराई से देखते हुए अपने शर से उसके सर को जोड़ते हुए कहता है , विल यू मैरी मी चाहत की तो जैसे पैरों तले जमीन खिसक चुकी थी उसकी आंखें हैरानी से बड़ी हो गई थी वह बड़ी-बड़ी आंखों से उसे देख रही थीं
अद्विक उसकी बड़ी-बड़ी हानि गोल्डन आंखों को देखते हुए घुटनों पर बैठ जाता है ।और एक हाथ अपने हाथ में पकड़ हुए दूसरा हाथ उसके हाथ के ऊपर रख बहुत ही प्यार से कहता है । क्या तुम मुझसे शादी करना चाहती हो? मिस रंधावा से मिसेज अद्विक राजावत बनोगे क्या तुम ?
चाहत उसकी तरफ देखती है और तुरंत अपने हाथ पीछे लेते हुए दो कदम पीछे होते हुए कहती हैं। देखो मैं मैं तुमसे तुमसे शादी शादी नहीं कर सकती हूं मेरी मेरी ऑलरेडी शादी हो चुकी है।
अद्विक उसे घबराता हुआ देख उसके पास आता है और उसके कंधे से पकड़ कर खुद के नजदीक करते हुए कहता है। कैसी शादी जिसमें सिर्फ जबरदस्ती थी शादी जिसमें सिर्फ और सिर्फ जबरदस्ती और मेंटली फिजिकल टॉर्चर था ।
चाहत उसकी तरह देखते हुए खुद से दूर करते हुए कहती हैं।, देखो मेरी शादी हो चुकी है फिर चाहे सिचुएशन सिचुएशन जैसी भी हो मैं नहीं कर सकती तुमसे शादी तुम एक बहुत अच्छी लड़की डिजर्व करते हो
अद्विक उसकी तरफ घूर में देखता है ।
चाहत अपनी नजर चुरा रही थी वह दूसरी तरफ देख रही थी अद्विक उसके चेहरे को पकड़ अपने नजदीक कर दांत पीसते हुए कहता हैं ।तुम यह सब सिर्फ और सिर्फ इसलिए कह रही हो ना क्योंकि तुम खुद को मेरे लायक नहीं समझ रही।
चाहत उसके हाथ को दूर जातक हल्की नाराजगी से कहती हैं । देखो जो कुछ भी था वो पास्ट में था प्रेजेंट हम दोनों का बहुत अलग है और और,
अद्विक उसकी बात बीच में कट करते हुए , और क्या और कुछ है ही नहीं मैं तुमसे सच्चा प्यार करता हूं ।और जो लोग रूह से प्यार करते हैं। ना उन्हें जिसम की चाहत नहीं होती लिली तुम समझ नहीं रही हो मुझे तुम्हारा जिस्म नहीं चाहिए मुझे मेरे हिस्से में तुम चाहिए, तुम्हारा प्यार चाहिए
चाहत की आंखें धीरे-धीरे भीगने लगती है वह उसके हाथ को छुड़ाते हुए कहती है । पर मैं नहीं चाहती मैं अपने हिस्से में किसी का प्यार नहीं चाहती , जो कुछ भी था वह 7 साल पहले वाली चाहत के लिए था ।वह इस चाहत के लिए कुछ नहीं है ।
अद्विक बहुत प्यार से उसका हाथ पकड़ कर उसे वहां रखे हुए बैंच पर बैठाते हुए खुद उसके नजदीक घुटनों के बल बैठते हुए उसकी गोद में शर रखते हुए कहता हैं। बहुत मुश्किल से तुम्हारे मामा और मामी को मनाया है इनकार बिल्कुल भी नहीं सुनूंगा इकरार चाहता हूं पर फिलहाल बस मेरा प्यार हम दोनों के लिए काफी है ।यह भी जानता हूं और आज नहीं तो कल तुम मुझे एक्सेप्ट कर ही लोगी अब मैं तुमसे और दूरियां बर्दाश्त नहीं कर सकता। प्लीज मुझे अपना लो मुझे तुम्हारे past से कोई मतलब nahi है प्लीज मुझे अपना लो लिली
चाहत उसकी तरह डरी हुई नजरों से देखने लगती है। उसे बहुत ही ज्यादा घबराहट हो रही थी शादी प्यार जैसा रिश्ता उसे अपने गले में फांसी का फंदे जैसा महसूस हो रहा था , वह अद्विक को खुद से थोड़ा दूर करते हुए कहती हैं । मैं यह शादी
अद्विक उसके नजदीक आ उसके होठों पर उंगली रख उसे खामोश करवाते हुए इंटेंस नजरों से देखते हुए कहता है। मैं कुछ और नहीं सुनना चाहता हूं, जितना चाहे वक्त लेलो पर नही बहुत लम्बा इंतजार करवाया है तुमने पर अब नही।
चाहत उसकी तरफ देखने लगती है ।उसे अपना यह नाम बहुत प्यार लगता था बहुत पसंद था अद्विक के अलावा कोई भी उसे इस नाम से नहीं बुलाया करता था और अब इतने वक्त बाद यह नाम सुनकर वह उसकी तरफ देखे बिना रह नहीं पर उसकी हानि गोल्डन आंखें फॉरेस्ट ग्रीन आंखों से टकराते हैं । जहां पर इंतजार ओर बेशुमार प्यार था ,
अद्विक किसके गाल पर हाथ रख उसके दोनों हाथों को मजबूती से पकड़ अपने सख्त होठों से लगाते हुए कहता है , मुझे सिर्फ और सिर्फ तुम चाहिए तुम्हारा जिस्म नहीं और जो तुम सोच रही हो ना मैं उनमें से बिल्कुल भी नहीं हूं , मैं प्यार सिर्फ तुमसे किया था और तुम मेरी पहली नजर की चाहत थी , जिसे मैं पाना नहीं बल्कि तुम्हारे साथ चाहता हूं , जिसे अपने हर चाहत में शामिल करना चाहता हूं । जिसकी चाहत को पूरा करना चाहता हूं ।
प्लीज इंकार मत करना, मैं तुम्हें आज का पूरा दिन देता हूं , सोचने के लिए , और हां यह भी याद रखना अगर एक बार तुमने हां कर दी तो पीछे पलट कर देखने तक का तुम्हारे पास मौका नहीं होगा, क्योंकि तुम अद्विक राजावत के बने हुए आशियाने में कदम रखोगे, जहां सिर्फ और सिर्फ बेशुमार प्यार होगा , तुम्हें सांस लेने तक की फुर्सत नहीं होगी ,
जिसका सिर्फ और सिर्फ एक ही वसूल है तुम्हें सिर्फ और सिर्फ मेरा होके रहना होगा , तुम किसी को भी पीछे पलट कर नहीं देख सकती,
उसकी आंखों में बहुत ही ज्यादा गहराई थी,
चाहत उसकी आंखों की तपिश को खुद पर ज्यादा देर बर्दाश्त नहीं कर पाती और जल्दी से उस से दूर होते हुए कहती हैं। देखो आप आप मुझसे प्यार प्यार करते थे पर अब मैं वह चाहत नहीं हूं, आप समझने की कोशिश
मैंने तुम्हें उस नजर से कभी देखा ही नहीं है लिली तुम मेरी वही चाहत हो जीस नजर से मैं तुम्हें पहले देखा था उसके बाद जब भी देखा सिर्फ उसी नजर से देखा है। और अब मैं उस नजर को पूरी तरीके से अपना चुका हूं। और चाहता हूं तुम भी उस नजर को अपना लो कल फिर आऊंगा और इस बार पंडित जी साथ आएंगे हमारी शादी की डेट निकालने के लिए बोलते हुए वह पीछे से चाहत के बालों पर चूमते हुए वहां से निकल जाता है ।
चाहत का दिल जोरो से धड़क रहा था, वह बड़ी-बड़ी आंखों से बस जाते हुए अद्विक को देख रही थी वह अपने सूखने हुए गले को ता करते हुए कहते हैं , क्या सच में आज के वक्त में भी कोई प्राइस लेस प्यार कर सकता है । उसे खुद ओर यकीन नहीं हो रहा था , वो इसी खयाल में उलझी हुए थी ,
उसे अपने कान के पास गहरी सांसों का एहसास होता है उसे अपनी रीड की हड्डी में ठंड का एहसास हो चुका था उसकी सांस गले में अटक चुकी थी।
अव्वेयान पीछे से उसके पेट पर हाथ रख कान के पास आ गहरी आवाज में कहता है । मैं हूं ना मैं करता हूं तुमसे प्राइसलेस प्यार वह आवाज इतनी गहरी और भारी थी की चाहत के रोंगटे खड़े हो गए थे, उसने हिम्मत तक नहीं करी थी पीछे पलट कर देखने की।
अव्वेयान जो थोड़ी देर पहले ही वहां आया था उसने चाहत और अद्विक के बीच में हो रही सारी बातें सुन ली थी , उसका खून खोल उठा था ।
चाहत पीछे पलटती उस से पहले ही अव्वेयान उसे अपनी बाहों में उठाते हुए तेज कदमों से अपनी गाड़ी की तरफ चला जाता है।
चाहत खुद में सिमटते हुए कहती है , कहां कहां लेकर लेकर जा रहे हैं आप छोड़िए मुझे ,
अव्वेयान उसे गहरी नजर से देखते हुए उसके होठों पर उंगली रख सर्द आवाज में केहता है , चुप बिलकुल चुप एक आवाज भी नहीं निकलनी चाहिए तुम्हारे मुंह से फिर खुद तेज कदमों से सीधा ड्राइविंग सीट पर आता है और चाहत पर झुक जाता है।
चाहत घबराहट से दरवाजे से चिपक जाती है ।
अव्वेयान अपना हाथ आगे बढ़कर सीट बेल्ट लगाते हुए तुरंत दूर हो जाता है । उसकी पकड़ स्टीयरिंग व्हील पर बहुत ही मजबूत हो गई थी,
चाहत अपनी पकड़ सीटबेल्ट पर मजबूत करते हुए घबराई हुई आवाज में कहती हैं , यह आप आप क्या कर रहे हैं , प्लीज प्लीज ड्राइविंग स्लो कीजिए ,
अव्वेयान उसकी तरफ रुख करता है। और अपनी गहरी आंखों से उसे देखते हुए दीप वॉइस में कहता है आई विल राइट यू व्होल नाइट क्या तुम्हें ये पसंद आएगा
Hello everybody to tayaar rahiye aap sabi kl es story ka unexpected end hoga jise sayed bahut. Loog pasand bhi kre or na bhi kre pr end change nahi ho sakta ☺️wo bahut pehle hi sooch kr rakha tha wo enjoy bs itna hi kahugi kyuki story jaberdasti ka keavhna mujhe pasand nahi hai to bs jo hai yahi hoga .



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