चाहत तो उसकी बात पर हैरानी से बड़ी-बड़ी आंखों से उसे देखने लगती हैं।
अव्वेयान उससे अपनी नजर हटाकर गाड़ी को और स्पीड से आगे की तरफ भगा देता चाहत डर के मारे अपनी पकड़ सीट बेल्ट पर मजबूत कर अपने घर में सब को याद कर चुकी थी ,वो अमृत को याद करते हुए रोते हुए कहती हैं । भाई एम सॉरी आप मुझे इतने टाइम बाद मिले मैने आपसे ठीक से बात भी नहीं करी पर सब कुछ कर लिया यह मेरा मेरा आखिरी दिन है में आपको दोबारा देख भी नहीं पाऊंगी , आप को गले भी नहीं लगा पाओगे मुझे माफ कर देना उन सभी चीजों के लिए जो मैं आपके साथ कर रही थी आप बुरे नहीं हैं। पर उसके लिए आई एम रियली रियली सॉरी भाई मुझे गुस्सा आ गया था आप अपनी गुड़िया को प्लीज माफ कर देना वह कहते हुए



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